यहां से रैफर, कानवन के पास वाहन में नार्मल डिलीवरी

vikram ahirwar

Publish: Nov, 29 2016 11:14:00 (IST)

Ratlam, Madhya Pradesh, India
यहां से रैफर, कानवन के पास वाहन में नार्मल डिलीवरी

जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर एक बार फिर से उठा सवाल, सामान्य मरीजों को भी कर देते हैं यहां से रैफर


रतलाम। जिला अस्पताल में चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था का ताजा मामला एक प्रसूता युवती का है जिसे यहां की महिला चिकित्सक ने गंभीर केस बताते हुए इंदौर रैफर कर दिया। परिजन जननी वाहन से उसे लेकर इंदौर निकले तो कानवन के पास ही उसकी नार्मल डिलीवरी हो गई। यह डिलीवरी भी किसी आया बाई या प्रशिक्षित दाई ने नहीं करवाई वरन परिवार की महिलाओं ने ही उसे संभाला और फिर उसे लेकर कानवन के अस्पताल पहुंचे।
वहां के डॉक्टरों ने प्रारंभिक रूप से उसकी देखभाल करके फिर रतलाम भेज दिया। रतलाम जिला अस्पताल पहुंचने के बाद भी यहां कोई सुनवाई नहीं हुई और आधे घंटे तक परिजन महिला और बच्ची को वार्ड में लेने का इंतजार करते रहे लेकिन न कोई चिकित्सक ही आया और न ही यहां का कोई स्टाफ स्ट्रेचर लेकर पहुंचा। आखिरकार वरिष्ठ अधिकारियों को फोन लगाने के बाद सभी दौड़े। परविन के मामा मो. उमर कुरैशी ने बताया अस्पताल में डॉक्टर इलाज नहीं कर रहे हैं। यही वजह है कि वे लोग बस मरीजों और परिजनों को परेशान करके रैफर कर देते हैं। वे इसकी शिकायत अधिकारियों को भी करेंगे।

पांच दिन से भर्ती थी युवती
नाहरपुरा निवासी परविन पति अफजल (21 वर्ष) को पहली डिलीवरी के लिए पांच दिन पहले 24 नवंबर को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था। इतने दिनों तक ब्लड प्रेशर बढऩे और नार्मल डिलीवरी नहीं होने की बात कही जाती रही। मंगलवार की दोपहर करीब साढ़े 12 बजे उसे ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया। यहां 15-20 मिनट रखने के बाद डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए कि यहां ऑपरेशन नहीं हो पाएगा। इसे इंदौर ले जाओ और ताबड़तोड़ रैफर पर्चा तैयार कर दिया। दोपहर 1.20 बजे उसे लेकर इंदौर रवाना हुए और 2.20 बजे कानवन के पास पहुंचने पर महिला को प्रसव पीड़ा हुआ और उसने स्वस्थ बच्ची को जन्म दे दिया। साथ में परिवार की दो महिलाएं और एक पुरुष था। महिलाओं ने उसकी डिलीवरी करवाई। जननी के ड्रायवर से पास के सरकारी अस्पताल ले जाने को कहा तो कनवन अस्पताल ले जाया गया। सामान्य होने के बाद उसे रतलाम लेकर परिजन पहुंचे।

इसी परिवार के साथ दूसरी घटना
इसी परिवार के साथ यह दूसरी बार हुआ है जब यहां से गंभीर मामला बताकर इंदौर रैफर किया गया। लड़की के मामा मो. उमर कुरैशी ने बताया 3 नवंबर को भानजी की लड़की रशिदा पति स²ाम को डिलीवरी के लिए भर्ती किया था। उसे भी पेट में बच्चा मरने की बात कहकर इंदौर रैफर कर दिया था। वहां डिलीवरी तो सामान्य हुई लेकिन मृत बच्चा ही पैदा हुआ था। इसका मतलब यह है कि यहां के डॉक्टर किस तरह मरीजों का इलाज कर रहे हैं यह दिखाई देता है।
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क्रिटीकल केस होगा
मेरी जानकारी में आया है कि किसी को रैफर किया गया है। यह मामला दिखवाता हूं क्योंकि ब्लड प्रेशर बढ़ा होने पर यहां ऑपरेशन और डिलीवरी कराना मुश्किल होता है।
डॉ. आनंद चंदेलकर, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल
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गंभीर स्थिति से किया था रैफर
जिस महिला को रतलाम से रैफर किया गया था उसकी स्थिति यहां गंभीर थी। ऐसी स्थिति में ऑपरेशन करना ठीक नहीं होता है। माता और उसके होने वाले बच्चे की सुरक्षा के लिए उसे बड़े सेंटर रैफर किया गया था। रास्ते में डिलीवरी हो गई यह जानकारी मिली है लेकिन उस समय क्या परिस्थितियां थी यह पता किया जाएगा।
डॉ. पंकज शर्मा, प्रभारी सीएमएचओ

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