धीमी गति की बारिश खरीफ फसलों के लिए फायदेमंद

vikram ahirwar

Publish: Jul, 17 2017 12:54:00 (IST)

Ratlam, Madhya Pradesh, India
धीमी गति की बारिश खरीफ फसलों के लिए फायदेमंद

कृषि वैज्ञानिक की राय पानी भरे खेतों से करे निकासी, मक्का में दे यूरिया, जिले में 12.6 इंच बारिश




रतलाम। बारिश ने किसानों के चेहरे खिला दिए, दो-तीन दिन लगातार हुई बरसात ने जहां फसलों को जीवन दान मिला है। कृषि वैज्ञानिक की माने तो तेज बारिश नहीं होकर धिमी गति से हुई इस कारण मिट्टी का कटाव भी कम हुआ है और स्थिति सामान्य है। इस पानी से 90 प्रतिशत सभी फसलों को लाभ पहुंचेेगा। वैसे कुछ क्षेत्रों में लगातार बारिश से पानी भराव होने की सूचना मिली है, जिन्हे जल भराव स्थानों पर निकासी की सलाह दी है। मक्का में यूरिया देने उचित समय है। अब तक जिले में साढ़े 12 इंच के करीब वर्षा हो पहुंच गई है।


कृषि उपसंचालक रतलाम ज्ञानसिंह मोहनिया ने बताया कि बारिश अच्छी हुई है। जिले में अधिकांश क्षेत्रों में बोवनी हो चुकी है, करीब 15 प्रतिशत बोवनी शेष रही है। आलोट के अलावा कुछ क्षेत्र है, जहां बारिश के कारण किसान बोवनी नहीं कर पाए है। आज मौसम खुला था, कल बराप आते है वे भी बोवनी कर लेंगे। पिछले दिनों आलोट क्षेत्र के चार-पांच किसानों की बिज अंकुरित नहीं होने की शिकायत आई थी, मामले को दिखवाया गया। वहीं बिज अन्य क्षेत्रों में अंकुरित हुआ है, हो सकता है वहां बिज ज्यादा गहराई में चला गया या फिर पानी की कमी के कारण अंकुरित नहीं हो सका।


जिले में सामान्य से डेढ़ अधिक बारिश
जिले की औसत वर्षा आज दिनांक तक 319.7 मिमी दर्ज की जा चुकी है। जबकि पिछले साल अब तक 334.3 मिमी बारिश हुई थी। इसकी तुलना में 14.6 मिमी अब भी गत वर्ष से अधिक है। जबकि जिले की सामान्य औसत वर्षा 341.1 मिमी मानी गई है। सामान्य औसत वर्षा से अब 21.4 मिमी बारिश कम है। अब तक जिले में सर्वाधिक बारिश रावटी विकासखंड में 362.3 मिमी दर्ज की गई, जबकि सैलाना में 320.0 मिमी बारिश हो चुकी है। सबसे कम ताल विकासखंड में 263.3  मिमी बारिश अब तक हुई है। रतलाम में 300.0 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है।


मक्का की छनाई कर यूरिया दें
वर्तमान में सोयाबीन, मुंग, उड़द, तुवर में कोई नुकसान नहीं है। जिन क्षेत्रों में जल भराव हो रहा है, वहां थोड़ा बहुत नुकसान हो सकता है, वे पानी की निकासी करे। कपास के बहुत अच्छी बारिश है। जहां मक्का, तिल फसल में पानी भरा हुआ है, वह प्रभावित हो सकती है। मक्का की छनाई कर यूरिया देना इस समय उचित रहेगा।
एसबी शर्मा, वैज्ञानिककृषि विज्ञान केंद्र, कालूखेड़ा।

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