जिले में 65 करोड़ का वेतन जारी, बैंकों के पास पर्याप्त राशि का सिर्फ दावा

vikram ahirwar

Publish: Dec, 01 2016 09:42:00 (IST)

Ratlam, Madhya Pradesh, India
जिले में 65 करोड़ का वेतन जारी, बैंकों के पास पर्याप्त राशि का सिर्फ दावा

यह राशि अब बैंक खातों में तो पहुंच जाएगी लेकिन लोगों के हाथों में जल्द पहुंचना मुश्किल लग रहा है। एक सप्ताह में 24 हजार रुपए ही मिलने की गाइड लाइन सबब बन सकती है। 


रतलाम। नोटबंदीकरण के बाद गुरुवार का दिन बैंकों के लिए सबसे अहम है। अब तक नकदी की कमी झेल रहे बैंकों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।   केन्द्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों के साथ ही निजी संस्थानों के कर्मचारियों का करीब 65 करोड़ रुपए का वेतन जारी हो गया है। यह राशि अब बैंक खातों में तो पहुंच जाएगी लेकिन लोगों के हाथों में जल्द पहुंचना मुश्किल लग रहा है। एक सप्ताह में 24 हजार रुपए ही मिलने की गाइड लाइन सबब बन सकती है।  बैंक पर्याप्त राशि होने का दावाभर ही कर रहे हैं, जबकि कर्मचारी संगठनों ने विशेष व्यवस्था की मांग कर दी है। वहीं, अभिभावकों से लेकर गृिहणियों की चिंता बढ़ गई है।

हर माह की पहली से लेकर पांच तारीख तक सभी सरकारी और गैर सरकारी उपक्रमों के कर्मचारियों को वेतन भुगतान का समय होता है। इसके लिए लगभग सारी तैयारियां हो चुकी है लेकिन वेतन भुगतान सभी को बैंकों से ही होना है यह भी तय है। जिले में दोनों सेक्टरों में करीब 29 हजार से ज्यादा कर्मचारी हैं और इन्हें करीब 65 करोड़ रुपए का भुगतान हर माह होता है। ऐसे में वेतन वाले दिनों में बैंकों में काफी दबाव बढऩे का अनुमान है। 

 कतारों में लगकर राशि लेना पड़ेगी

बैंक अधिकारी मानते हैं कि एक सप्ताह में 24 हजार रुपए निकालने की छूट पर्याप्त है और किसी को कोई परेशानी नहीं आएगी। कर्मचारी संगठन के नेता भी मानते हैं कि इतनी राशि किसी परिवार के लिए पर्याप्त तो होती है, लेकिन जरूरत ज्यादा होने पर दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। कर्मचारियों को कतारों में लगकर राशि लेना पड़ेगी। चेस्ट सेंटरों से राशि आ रही है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में बैँक कैश की कमी झेल रहे हैं। ज्यादातर बैंकों ने तो 24 हजार निकासी के दौरान भी महज 10 से 15 हजार ही देना शुरू किया है। ऐसे में वेतन मिलने पर बजट के साथ अन्य खर्चो के लिए अर्पाप्त राशि मिलने पर आक्रोश बढ़ेगा। वहीं, ग्रामीण इलाकों में बैंकों के एटीएम पर भी दिन में एक ही बार राशि डाली जाती है।

नियमित अधिकारी कर्मचारी- 8200
अध्यापक संवर्ग के शिक्षक- 3500
वेतन के रूप में भुगतान - 25 करोड़ (लगभग)
प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारी- 8000
वेतन के रूप में मिलते हैं- 15 करोड़ (लगभग)
रेलवे सहित अन्य संस्थान- 20 करोड़
निजी संस्थान व देयक- 05 करोड़
बैंक शाखा- 140
एटीएम - 140

इससे नहीं पड़ेगा कोई फर्क

बैंक के माध्यम से अधिकारियों व कर्मचारियों को वेतन भुगतान होता है लेकिन यह हर माह होता है इसलिए कोई विशेष दबाव नहीं पड़ेगा। प्रति सप्ताह 24 हजार रुपए खाते से निकालने की सीमा पर्याप्त है। एक परिवार को चलाने के लिए इतनी राशि काफी होती है। ज्यादा आवश्यकता हो तो लोगों स्वैप कार्ड या नेट बैंकिंग से भुगतान किया जा सकता है।

केके सक्सेना, लीड बैंक मैनेजर रतलाम 

कोई दिक्कत नहीं आएगी

 किसी परिवार के लिए 24 हजार रुपए एक सप्ताह में निकालने के लिए पर्याप्त है। इससे ज्यादा कोई परिवार क्या खर्च करेगा। कई कर्मचारियों का वेतन 20 हजार से भी कम है और उनका परिवार चल रहा है तो प्रति सप्ताह 24 हजार रुपए निकाली जाने वाली राशि तो काफी है। विशेष प्रयोजन के लिए ज्यादा राशि की आवश्यकता हो तो इसके लिए भी नियम है।

सर्वेश माथुर, जिला सचिव मप्र शिक्षक संघ

नकद भुगतान के निर्देश नहीं

वेतन के रूप में अधिकारियों या कर्मचारियों को नकद भुगतान के लिए सरकार की तरफ से कोई निर्देश नहीं आए हैं। हमारे वेतन बिल सारे तैयार हो चुके हैं और एक तारीख को हम भुगतान करने की स्थिति में आ गए हैं। अब यदि कोई निर्देश आते भी हैं तो यह संभव नहीं है कि हम नकद भुगतान कर सकें क्योंकि बिल सारे पास किए जा चुके हैं।

जीएल गुवाटिया, जिला कोषालय अधिकारी

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