सस्ते घर खरीदारों के आए अच्छे दिन, बदलेगी रियल्टी की  तस्वीर

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सस्ते घर खरीदारों के आए अच्छे दिन, बदलेगी रियल्टी की  तस्वीर

सस्ते घरों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए सरकार ने अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को इंफ्रा स्टेटस दे दिया है। इस अहम फैसले से सस्ते घर खरीदने के इंंतजार में बैठे करोड़ों लोगों को बड़ा फायदा मिलना तय है।

राकेश यादव,
सीएमडी, अंतरिक्ष इंडिया ग्रुप

सस्ते घरों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए सरकार ने अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को इंफ्रा स्टेटस दे दिया है। इस अहम फैसले से सस्ते घर खरीदने के इंंतजार में बैठे करोड़ों लोगों को बड़ा फायदा मिलना तय है। वहीं, इससे रियल्टी सेक्टर की तस्वीर भी बदलने वाली है। ऐसा इसलिए कि अफोर्डेबल हाउसिंग को इंफ्रा स्टेटस मिलने से डेवलपर्स को कई तरह की छूट और रियायतें मिलेंगी। कुल मिलाकर यह फैसला घर खरीदार और सेक्टर के लिए मिल का पत्थर साबित हो सकता है।

घर की कीमत होगी कम

अफोर्डेबल हाउसिंग को इंफ्रा स्टेटस मिलने से डेवलपर्स के लिए अब फंड जुटाना आसान हो गया है। बैंकों से न सिर्फ आसानी से लोन मिलेगा, बल्कि ब्याज भी पहले से करीब 2 फीसदी कम पर उपलब्ध होगा। इसके साथ ही सस्ते प्रोजेक्ट से होने वाली कमाई को भी आयकर से बाहर रखा गया है। इससे कुल प्रोजेक्ट की लागत कम हो जाएगी। डेवलपर्स इसका फायदा घर खरीदारों को देंगे। मेरा मानना है कि इससे सस्ते घरों की कीमत 8 से 12 फीसदी तक कम हो जाएगी। इसका फायदा सीधे घर खरीदारों को मिलेगा।

छोटा नहीं बड़ा होगा घर

सस्ते घर की बात करते ही एक आम धारणा बैठ जाती है कि घर का साइज बहुत छोटा होगा। इसी कारण डीडीए के हजारों फ्लैट को लोगोंं ने कैसिंगल करा दिया। लेकिन ऐसा अब नहीं होगा, क्योंकि बजट में अफोर्डेबल घर की परिभाषा बिल्टअप एरिया की जगह कॉरपेट एरिया कर दिया गया है। बजट में किए गए प्रावधान के तहत अब 30 और 60 वर्ग मीटर कॉरपेट एरिया के फ्लैट बनेंगे। ऐसा करने से 60 वर्ग मीटर के फ्लैट का साइज 140 से 150 वर्ग फीट बढ़ जाएगा। यानी, सस्ते के साथ ही अब बड़े घर भी आपको मिलेंगे।

सब्सिडी का भी लें फायदा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट से पहले 9 लाख और 12 लाख के लोन पर क्रमश: 4 और 3 फीसदी सब्सिडी देने का एलान किया था। सस्ते घर के खरीदार इसका फायदा उठाकर आसानी से कम आय में अपना सपना पूरा कर सकते हैं। अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट को सर्विस टैक्स से बाहर रखा गया है। इसका भी फायदा घर खरीदारों को मिलेगा। कुल मिलाकर आने वाला समय सस्ते घर खरीदारों के नाम होने वाला है।

विकल्पों की नहीं होगी कमी

अफोर्डेेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट बनाने के लिए बैंकों से सस्ते लोन, मुनाफे पर जीरो आयकर और प्रोजेक्ट पूरा करने की समय सीमा 3 से बढ़ाकर 5 साल करने से छोटे से बड़े डेवलपर्स इस अवसर का फायदा उठाने के लिए कूदने वाले हंै। अगले 2 से 5 महीनों में मेट्रो शहरों से लेकर टियर-टू और थ्री शहरों में सैकड़ों नए प्रोजेक्ट लॉन्च होंगे। इसके चलते घर खरीदारों के पास विकल्प की कोई कमी नहीं होगी। वे अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार प्रॉपर्टी का चयन कर पाएंगे।

इस तरह चुनें सही प्रॉपर्टी

आने वाले महीनों में यह सवाल ज्यादातर होम बायर्स के सामने होने वाला है कि वे अफोर्डेबल हाउसिंग में सही प्रॉपर्टी का चुनाव कैसे करें। मैं सभी को यह सलाह देना चाहता हूं कि आप वैसे एरिया में प्रॉपर्टी बुक करें, जहां से आपकी ऑफिस की कनेक्टिविटी अच्छी हो। इसके साथ ही निकट भविष्य में वहां पर बच्चों के पढऩे के लिए स्कूल, अस्पताल और मार्केट बनने की संभावना हो। अगर इसके लिए थोड़ा अधिक भी भुगतान करना हो तो करें। पर कुछ हजार बचाने के लिए वैसे एरिया में प्रॉपर्टी न बुक करें जो आपकी जरूरत के हिसाब सेे फिट नहीं बैठती हो।

निवेश से पहले बरतें सर्तकता

बजट घोषणाओं के बाद जगह-जगह प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत घर बुक कराने के लिए होर्डिंग और प्रचार किए जा रहे हैं। मेरी सलाह है कि बिना रिसर्च के ऐसे किसी भी प्रोजेक्ट में निवेेश नहीं करें। कुछ लोग सस्ती स्कीम का झांसा देकर आपकी गाढ़ी कमाई हड़प सकते हैं। किसी भी प्रोजेक्ट में निवेश से पहले संबंधित अथॉरिटी और डिपार्टमेंट से पता करें। संतुष्ट होने के बाद ही प्रॉपर्टी में निवेश करें। जल्दबाजी में कोई भी फैसला न लें।

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