वैकेंया नायडू ने कहा, सस्ते घर बनाने से कतरा रहे प्राइवेट डेवलपर्स

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वैकेंया नायडू ने कहा, सस्ते घर बनाने से कतरा रहे प्राइवेट डेवलपर्स

घरों की कमी दूर करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से अफोर्डेबल हाउसिंग को इंफ्रा स्टेटस देने के बावजूद प्राइवेट डवलपर्स इस स्कीम के अंतर्गत नए प्रोजेक्ट नहीं ला रहे हैं। ये जानकारी हाउसिंग एवं शहरी विकास मंत्री एम. वैकेया नायडू ने पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स के एक सेमिनार में दी। 

नई दिल्ली. घरों की कमी दूर करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से अफोर्डेबल हाउसिंग को इंफ्रा स्टेटस देने के बावजूद प्राइवेट डवलपर्स इस स्कीम के अंतर्गत नए प्रोजेक्ट नहीं ला रहे हैं। ये जानकारी हाउसिंग एवं शहरी विकास मंत्री एम. वैकेया नायडू ने पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स के एक सेमिनार में दी। उन्होंने कहा कि अभी तक सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करीब 16.5 लाख सस्ते घरों की मंजूरी दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई भी प्राइवेट डवलपर्स इस स्कीम का फायदा उठाने के लिए आगे नहीं आया है। इस अवसर पर उन्होंने यह भी साफ किया कि रियल एस्टेट रेगुलेशन एक्ट (रेरा) में राज्य सरकारों द्वारा किसी भी तरह के बदलाव को मंजूर नहीं किया जाएगा। 

इंफ्रा स्टेटस के बाद भी उदासीनता

नायडू ने हाउसिंग सेक्रेटरी नंदिता चटर्जी को निर्देश दिया कि वे प्राइवेट डवलपर्स, बैंक व हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के साथ एक राउंडटेबल करके पता करें कि क्यों कोई भी डवलपर्स इस स्कीम का फायदा उठाने के लिए आगेे नहीं आ रहा है, जबकि रियल्टी सेक्टर लंबे समय से अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए इंफ्रा स्टेटस की मांग कर रहा था। उन्होंने सवाल किया कि अब जब यह मिल गया है तो इसका फायदा क्यों नहीं ले रहे हैं। ऐसा होने से 2022 तक सभी को घर देने के सरकारी लक्ष्य को हासिल करना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए प्राइवेट डवलपर्स को इस लक्ष्य को पाने में सरकार का सहयोग करना चाहिए। 

रेरा में बदलाव की इजाजत नहीं

केंद्र सरकार की ओर से रियल एस्टेट रेगुलेशन एक्ट पास होने के बाद राज्य सरकारों की ओर से बदलाव कर इस बिल को कमजोर किए जाने पर नायडू ने कहा कि किसी भी राज्य सरकार को इस बिल में बदलाव की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने राज्यों को चेताते हुए कहा कि रियल एस्टेट बिल को पूरे देश में मई 2017 से लागू कर दिया जाएगा। कई राज्य इस बिल को जानबूझकर लागू करने में देरी कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने बता दिया कि कोई भी राज्य इस बिल को लागूू करने में देरी नहीं कर सकते हैं। 

इस साल बदल जाएगी तस्वीर 

जिंदल रियल्टी के एमडी गौरव जैन ने बताया कि इस साल जीएसटी और रेरा के लागू होने के बाद रियल्टी सेक्टर की तस्वीर बदल जाएगी। उन्होंने ट्राई का उदाहरण देते हुए बताया कि जैसे उसके आने से मोबाइल सेक्टर की तस्वीर बदल गई, वैसे ही रियल्टी की भी बदल जाएगी। हम लोगों ने अभी से जीएसटी और रेरा को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। हम सरकार के इस कदम का स्वागत करते हैं। रेरा आनेे से इस सेक्टर को बड़ा फायदा होगा। कोई भी अथॉरिटी काम करनेे से नहीं रोकती है, बल्कि सही ढंग से करने को कहती है। इससे होम बायर्स से लेकर डवलपर्स को फायदा मिलेगा।

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