आज इन कामों को करने के लिए बन रहे हैं ये शुभ मुहूर्त, बाकी काम भूल कर भी न करें

Sunil Sharma

Publish: Apr, 08 2017 09:23:00 (IST)

Religion and Spirituality
आज इन कामों को करने के लिए बन रहे हैं ये शुभ मुहूर्त, बाकी काम भूल कर भी न करें

द्वादशी भद्रा संज्ञक तिथि प्रात: 9.01 तक, तदन्तर त्रयोदशी जया संज्ञक तिथि प्रारंभ हो जाएगी

द्वादशी भद्रा संज्ञक तिथि प्रात: 9.01 तक, तदन्तर त्रयोदशी जया संज्ञक तिथि प्रारंभ हो जाएगी। द्वादशी तिथि में सभी चर-स्थिर कार्य, विवाहादि मांगलिक कार्य और जनेऊ आदि के कार्य शुभ हैं। पर द्वादशी में तेल लगाना व यात्रा नहीं करना चाहिए। त्रयोदशी तिथि में जनेऊ को छोड़कर समस्त शुभ व मांगलिक कार्य प्रशस्त हैं।

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नक्षत्र: पूर्वाफाल्गुनी 'उग्र व अधोमुख' संज्ञक नक्षत्र रात्रि 12.33 तक, इसके बाद उत्तराफाल्गुनी 'ध्रुव व ऊध्र्वमुख' संज्ञक नक्षत्र है। पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में यथा आवश्यक उग्र व अग्निविषादिक असद् कार्य, बंधन, कठिन, क्रूर, कारीगरी, कपटता, चित्र, विद्या व जनेऊ आदि विषयक कार्य शुभ व सिद्ध होते हैं।

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योग:
गंड नामक नैसर्गिक अशुभ योग प्रात: 9.57 तक, तदुपरान्त वृद्धि नामक नैसर्गिक शुभ योग है। विशिष्ट योग: दोष समूह नाशक रवियोग नामक शक्तिशाली शुभ योग रात्रि 12.33 से प्रारंभ होगा। महापात नामक अशुभ योग प्रात: 8.30 से दोपहर 2.27 तक। करण: बालव नामकरण प्रात: 9.01 तक, तदन्तर कौलवादि करण रहेंगे।

शुभ विक्रम संवत् : 2074
संवत्सर का नाम : साधारण
शाके संवत् : 1939
हिजरी सन् : 1438
अयन : उत्तरायण
ऋतु : बसन्त
मास : चैत्र। पक्ष - शुक्ल।

शुभ मुहूर्त : उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार आज पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में अति आवश्यकता में (वार त्याज्य) उपनयन का अशुद्ध मुहूर्त है।

श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज प्रात: 7.48 से प्रात: 9.22 तक शुभ तथा दोपहर 12.29 से सायं 5.10 तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर 12.04 से दोपहर 12.53 तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं।

व्रतोत्सव: आज मदन द्वादशी, शनि प्रदोष व्रत, अनंग त्रयोदशी व हरिदमनोत्सव आदि व्रतोत्सव हैं।
दिशाशूल: शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। पर आज सिंह राशि के चंद्रमा का वास पूर्व दिशा की यात्रा में सम्मुख रहेगा। यात्रा में सम्मुख चंद्रमा लाभदायक व शुभप्रद माना गया है। चंद्रमा: चंद्रमा सम्पूर्ण दिवारात्रि सिंह राशि में है।
ग्रह राशि-नक्षत्र परिवर्तन: मंगल आज प्रात: 5.52 पर कृतिका नक्षत्र में प्रवेश करेगा।
राहुकाल: प्रात: 9.00 से प्रात: 10.30 तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारंभ यथासम्भव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे
आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (टा, टी, टू, टे) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। इनकी जन्म राशि सिंह व नक्षत्र का पाया रजत है। सामान्यत: ये जातक धनवान, विद्यावान, पराक्रमी, परोपकारी, साहस, शत्रुजयी, होशियार, प्रत्येक काम में निपुण, अच्छे और प्रभावशाली लोगों से सम्बंध रखने वाले होते हैं। इनका किसी भी प्रकार से किसी राजकीय कार्य से सम्बंध रहता है। इनका भाग्योदय लगभग 28 से 32 वर्ष की आयु के मध्य होता है। सिंह राशि वाले जातकों को आज विशेष असावधानी रखनी चाहिए। किसी प्रकार की चोट या हानि से बचकर चलें।

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