यहां है बेताल की गुफा, छत से टपकता है देसी घी, आने वालों की इच्छाएं होती हैं पूरी

Sunil Sharma

Publish: Feb, 14 2017 03:17:00 (IST)

Religion and Spirituality
यहां है बेताल की गुफा, छत से टपकता है देसी घी, आने वालों की इच्छाएं होती हैं पूरी

सुदूर हिमालय की पहाड़ियों में स्थित बेताल की गुफा के बारे में कहा जाता है

भारत विविधताओं के साथ-साथ विचित्रताओं का भी देश है। यहां ऐसी-ऐसी चीजें देखने को मिलती हैं जो पूरे विश्व में शायद ही कहीं ओर देखने को मिले। उदाहरण के लिए बेताल की गुफा। सुदूर हिमालय की पहाड़ियों में स्थित बेताल की गुफा के बारे में कहा जाता है कि यह आने वाले हर आदमी की कुछ बहुत ही खास इच्छाओं को पूरी करती है।

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हिमाचल में है बेताल की गुफा

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की सुंदरनगर तहसील में स्थित इस गुफा की कई कथाएं प्रचलित हैं। कहा जाता है कि जो भी इस गुफा से बर्तन या देसी घी मांगता है, उसकी वो इच्छा जरूर पूरी होती है। यही नहीं यहां की दीवारों से देसी घी भी टपकता रहता है, जिसका इस्तेमाल लोग अपने खाने के लिए कर सकते हैं।

बेताल की गुफा के नाम से प्रसिद्ध इस गुफा की लंबाई लगभग 40 से 50 मीटर और ऊंचाई 15 फीट के है। इस गुफा में हिंदू देवी-देवताओं की पुरानी मूर्तियां भी बनी हुई हैं, जिनकी स्थानीय लोग पूजा करते हैं। इस गुफा के अंदर पानी की बहने वाली नहर के हर समय मधुर संगीत सुनाई देता है।

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ये है किंवदंती

किंवदंती है कि प्राचीन समय में जिस भी घर में विवाह होता है, उस घर का मुखिया पूजा की थाली सजाकर गुफा के द्वार पर सिंदूर से निमंत्रण लिख आता था और विवाह हेतु उसे जो भी बर्तन चाहिए होते थे, उन्हें सच्चे दिल से मांगता था, अगले दिन उसके चाहे गए सभी बर्तन गुफा के बाहर द्वार पर मौजूद होते थे।

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विवाह कार्यक्रम समाप्त होने पर मुखिया स्वयं जाकर उन बर्तनों को गुफा के बाहर छोड़ आता था। जहां ये बर्तन अपने आप ही गायब हो जाते थे। लेकिन एक बार किसी व्यक्ति ने बर्तन वापिस नहीं किए, तभी से इस गुफा से बर्तन मिलना बंद हो गए।

गुफा में टपकता था घी
लोककथाओं के अनुसार इस गुफा में देसी घी भी टपकता था लेकिन बाद में बंद हो गया। जनश्रुतियों के अनुसार एक रात एक ग्वाला अपने पशुओं के साथ यहां गुफा में आया। वह गुफा से टपक रहे घी को बार-बार अपनी रोटी पर लगाता और खा जाता। ऐसा करने से घी जूठा हो गया, और उसी दिन से इस गुफा में फिर कभी घी नहीं टपका।

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