योग गुरुओं ने की मानसिक तनाव दूर करने के लिए योग अपनाने की अपील

Sunil Sharma

Publish: Mar, 22 2017 03:21:00 (IST)

Religion and Spirituality
योग गुरुओं ने की मानसिक तनाव दूर करने के लिए योग अपनाने की अपील

योग गुरुओं ने लोगों से नकारात्मक सोच बदलने व मानसिक तनाव को दूर करने के लिए योग को अपनाने की सलाह दी है

सत्तर देशों के लगभग 100 योग गुरुओं ने लोगों से नकारात्मक सोच को बदलने और मानसिक तनाव को दूर करने के लिए योग को अपनाने की सलाह दी है। योग गुरुओं ने राजधानी में हाल ही में संपन्न दो दिवसीय विश्व योग सम्मेलन में यह सलाह दी। सम्मेलन में अमरीका, आस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और यूरोपीय देशों से आए इन योग गुरुओं ने कहा कि महानगरों और शहरों में बदलती जीवनशैली के कारण उत्पन्न तनाव तथा अशांति को देखते हुए लोगों को योग अपनाने की जरुरत बढ़ गई है।

दक्षिण अमरीका के प्रख्यात मैनेजमेन्ट कन्सलटेन्ट केन ओडोनल ने कहा, "अपनी आन्तरिक प्रकृति को नियंत्रण में रखने से ही बाहरी प्रकृति को हम नियंत्रित कर सकते हैं। मनुष्य की सोच और नजरिया जब नकारात्मक या व्यर्थ की दिशा में चलता है तो उसकी आन्तरिक शक्ति और क्षमता कम होने लगती है जो तनाव, दुख, अशान्ति और बीमारियों का कारण बन जाता है। जरूरत है कि हम अपनी सकारात्मक सोच, कर्म और व्यवहार में वृद्धि लायें जिससे हमें स्वस्थ जीवन की प्राप्ति होगी।"

आयुष मंत्रालय तथा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी द्वारा आयोजित सम्मेल्लन में ब्रह्मकुमारी शिवानी ने योग द्वारा जीवन में होने वाले लाभ बताते हुए कहा कि जिस प्रकार मोबाइल फोन पर एक क्लिक से सब कुछ किया जा सकता है, उसी प्रकार अपनी एक सोच से स्वयं को, अपने शरीर को, रिश्तों को, कार्य क्षेत्र को, परिवार और सारे विश्व को परिवर्तन कर सकते हैं, पर इसके लिए जिस प्रकार मोबाइल फोन का चार्ज होना जितना आवश्यक है उसी प्रकार प्रतिदिन आधा घंटा योग और ध्यान के जरिए आध्यात्मिक 'पावर हाउस' से सम्बन्ध जोड़कर अपनी अन्तर आत्मा को'चार्ज'करना आवश्यक है जिससे हम अपने जीवन तथा समाज की अनेक समस्याओं का समाधान कर सकते हैं।"

ब्रह्माकुमारी संस्था के आस्ट्रेलिया तथा एशिया-प्रशांत देशों के मुख्य संचालक चार्ली हॉग ने भारत के प्राचीन योग की सराहना करते हुए कहा कि वैश्विक शान्ति, स्वास्थ्य, सछ्वावना एवं सामूहिक कल्याण का आधार योग और राजयोग है जो भारत की समग्र विश्व एवं मानवता के लिए बहुत बड़ी देन है। उन्होंने आगे कहा कि भारत का यह आध्यात्मिक ज्ञान एवं योग समग्र विश्व को एकता के सूत्र में बांधने की क्षमता रखता है। संस्था के यूरोपियन देशों की मुख्य संचालिका बी के जयन्ती ने योग का स्वास्थ्य तथा वातावरण पर प्रभाव के बारे में वैज्ञानिक तथ्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि राजयोग मेडिटेशन द्वारा न केवल रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती है जिससे मनुष्य का मानसिक स्वास्थ्य मजबूत होता है।

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