झारखंड बोर्ड ने 12वीं कला का परिणाम घोषित किया

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झारखंड बोर्ड ने 12वीं कला का परिणाम घोषित किया

कई परीक्षा केंद्रों के नक्सल प्रभावित इलाकों में होने के कारण 12वीं की परीक्षा कड़ी सुरक्षा के बीच 19 फरवरी से लेकर 7 मार्च तक आयोजित की गई थी

रांची। झारखंड विद्या परिषद (जेएसी) ने मंगलवार को 12वीं कला संकाय का परिणाम घोषित कर दिया। लड़कियों ने एक बार फिर लड़कों को पीछे छोड़ दिया है। कुल 71.95 प्रतिश छात्र-छात्राएं सफल हुए हैं। लड़कों का पास प्रतिशत 69.19 प्रतिशत है, जबकि लड़कियों का 74.02 प्रतिशत है। छात्र-छात्राएं अपना परिणाम बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।

कई परीक्षा केंद्रों के नक्सल प्रभावित इलाकों में होने के कारण 12वीं की परीक्षा कड़ी सुरक्षा के बीच 19 फरवरी से लेकर 7 मार्च तक आयोजित की गई थी। परीक्षा में अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने के चलते कुछ छात्रों को पकड़ा भी गया था। परीक्षा पेपर के लीक होने की भी खबरें आई थीं।

विज्ञान और वाणिज्य संकाय का परिणाम 30 मई को घोषित कर दिया गया था। पिछले साल के मुकाबले इस साल दोनों संकाय में पास प्रतिशत में गिरावट देखने को मिली। विज्ञान संकाय में 90 हजार 871 विद्यार्थी बैठे थे जिसमें 47 हजार 589 विद्यार्थी (52.36 प्रतिशत) पास हुए थे। वहीं, वाणिज्य संकाय में 47 हजार 622 विद्यार्थी बैठे थे जिसमें से 28 हजार 618 (60.09 प्रतिशत) पास हुए थे। 


विश्वविद्यालय के परीक्षा परिणाम का अभी करना होगा लंबा इंतजार, जानिए क्यों?
रीवा। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन करा पाना अधिकारियों के लिए टेढ़ीखीर साबित हो रहा है। मूल्यांकन कार्य शुरू होने में पहले ही काफी लेट हो चुका है, दूसरे अब विश्वविद्यालय के अतिथि विद्वान कार्य में रोड़ा अटका रहे हैं।

विश्वविद्यालय में चल रहे मूल्यांकन कार्य में शामिल होने पहुंचे मूल्यांकनकर्ताओं ने कुलपति प्रो. केएन सिंह यादव व कुलसचिव डॉ. आनंद कुमार काम्बले से सुरक्षा की मांग की है। विश्वविद्यालय सूत्रों की माने तो मूल्यांकनकर्ताओं ने कुछ अतिथि विद्वानों द्वारा धमकी दिए जाने और दुव्र्यवहार किए जाने की जानकारी दी है। सुरक्षा की मांग करने वाले मूल्यांकनकर्ताओं का कहना है कि अतिथि विद्वानों के रवैए के बीच उनके लिए मूल्यांकन कर पाना मुमकिन नहीं है।

मूल्यांकन रेट को लेकर है आक्रोश
दरअसल विश्वविद्यालय के कुछ अतिथि विद्वान उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन का रेट बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन की दलील है कि इसके लिए कुछ संशोधनों के साथ विश्वविद्यालय समन्वय समिति से अनुमति मांगी गई है। हालांकि विश्वविद्यालय की ओर से पूर्व में मूल्यांकन रेट की बढ़ोत्तरी का निर्णय लिया जा चुका है, अमल करना बाकी है।

बाहर बनाए गए चार मूल्यांकन केंद्र
विश्वविद्यालय अधिकारियों के मुताबिक उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के बावत चार केंद्र दूसरे जिलों में बनाए गए हैं। विश्वविद्यालय में मूल्यांकन की स्थिति को देखते हुए ज्यादातर उत्तरपुस्तिकाएं बाहर भेजी जा रही हैं। हालांकि अतिथि विद्वानों के विशेष रूप से यहां एक लाख उत्तरपुस्तिकाएं रखी गई हैं, लेकिन अतिथि विद्वान रेट बढ़ोत्तरी को लेकर मूल्यांकन के लिए तैयार नहीं हैं।

समय पर परीक्षा परिणाम आना मुश्किल
मूल्यांकन की धीमी कार्यप्रगति व अतिथि विद्वानों का रोष देखते हुए नहीं लगता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन समय पर मूल्यांकन कार्य पूरा करने के साथ परीक्षा परिणाम घोषित कर पाएगा। गौरतलब है कि उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव आशीष उपाध्याय ने विश्वविद्यालयों को 30 जून तक सभी विषयों का परीक्षा परिणाम घोषित करने का निर्देश जारी किया है।

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