खेल-खेल में MP में बना ये नया विश्व रिकॉर्ड, 6000 बच्चों ने बनाई डस्टबिन की आकृति

Rewa, Madhya Pradesh, India
 खेल-खेल में MP में बना ये नया विश्व रिकॉर्ड, 6000 बच्चों ने बनाई डस्टबिन की आकृति

गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड में रीवा का नाम दर्ज, ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय रीवा के प्रांगण में जुटे स्कूली बच्चों ने खेल-खेल में ही कीर्तिमान रच डाला।


रीवा।
शहर के ऐतिहासिक स्थल ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय रीवा के प्रांगण में जुटे स्कूली बच्चों ने खेल-खेल में ही कीर्तिमान रच डाला। 6 हजार से अधिक बच्चों ने मानव श्रृंखला बनाई। इसमें डस्टबिन की आकृति प्रदर्शित हुई। इसके पूर्व नगर निगम ने इस कार्यक्रम की सूचना गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड के लिए भेजी थी।

दिल्ली से एक टीम भी इस कार्यक्रम को देखने पहुंची थी और हर एंगल से वीडियोग्राफी कराई गई। कार्यक्रम के अंत में गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड के प्रतिनिधि संतोष अग्रवाल ने स्कूली बच्चों द्वारा बनाए गए वल्र्ड रिकार्ड की पुष्टि की।

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स्वच्छता रैंकिंग में रीवा अव्वल
एक प्रमाण पत्र भी नगर निगम की महापौर और आयुक्त को सौंपा। महापौर ममता गुप्ता ने कहा कि शहर के लिए स्वर्णिम अवसर है कि स्वच्छता के संकल्प को लेकर हम चले थे और एक उपलब्धि हमारे हाथ लगी है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से लोगों का सहयोग मिल रहा है उससे स्वच्छता रैंकिंग में रीवा को अव्वल स्थान मिलेगा।


राष्ट्रपति द्वारा बयो श्रेष्ठ सम्मान
इसके पूर्व नगर निगम को राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार हाल के महीनों में मिल चुके हैं। जिसमें आंध्रप्रदेश में आयोजित सेमीनार में निगमायुक्त कर्मवीर शर्मा को नेशनल स्काच अवार्ड एवं दिल्ली में राष्ट्रपति द्वारा बयो श्रेष्ठ सम्मान से पुरस्कृत किया गया था। यह पुरस्कार देश के किसी एक नगरीय निकाय को साल में एक बार प्रदान किया जाता है। जिसमें रीवा का नाम आया था।

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रीवा के नाम एक और उपलब्धि
उद्योग मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा, मानव श्रृंखला के माध्यम से डस्टबिन की आकृति से स्कूली बच्चों ने एक और बड़ी उपलब्धि दी है। इसके पहले दुनिया का पहला ह्वाइट टाइगर सफारी और सबसे बड़ा सोलर पॉवर प्लांट रीवा के खाते में दर्ज हो चुका है। उन्होंने कहा कि शहर के लोगों को भी संकल्प लेना होगा कि स्वच्छ सर्वेक्षण में रीवा का नाम सबसे ऊपर रहे।

कचरा फेंकने वालों को टोकेंगे
कार्यक्रम में पहुंचे स्कूली बच्चों ने जब जाना कि शांत पूर्ण ढंग से उनके बैठने के चलते रीवा को ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है तो अधिकांश बच्चों ने कहा कि शहर को नंबर एक बनाने के लिए वह प्रयास करते रहेंगे। इस दौरान जो भी कचरा फैलाते दिखेगा उसे जरूर टोंकेंगे। इसके लिए मोहल्लों में जागरुकता लाने की जरूरत है ताकि लोग खुले में कचरा नहीं फेंकें।

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