ऐलान: परीक्षा की कॉपियां नहीं जांचेंगे अध्यापक

Widush Mishra

Publish: Mar, 20 2017 02:51:00 (IST)

Sagar, Madhya Pradesh, India
ऐलान: परीक्षा की कॉपियां नहीं जांचेंगे अध्यापक

अध्यापक संघर्ष समिति का ऐलान परीक्षाओं के बाद  मूल्याकंन न होने से रिजल्ट आने में होगी देरी

दमोह. अध्यापक संवर्ग का वेतनमान भले ही 2500 से 35 हजार पहुंच गया हो, लेकिन अभी भी उनकी कई मांगे हैं, जिन्हें मनवाने के लिए वे लगातार आंदोलनरत हैं। इसी क्रम में उन्होंने कक्षा 1 से कक्षा 12 वीं तक की परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाएं न जांचने का ऐलान कर दिया है। जिससे परीक्षा परिणामों में देरी हो सकती है।
अध्यापक संवर्ग को छंटवे वेतनमान का विधिवत संशोधित आदेश जारी करने, बिना शर्त स्वैच्छिक स्थानांतरण नीति जारी करने, महिलाओं को संतान पालन अवकाश देने, अनुकंपा नियुक्ति के नियमों में सरलीकरण करने मांगो के पूरा करने के लिए अध्यापक संघर्ष समिति ने कक्षा 1 से 12 तक की वार्षिक परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।
 अध्यापक संघर्ष समिति ने निर्णय लिया है कि 15 अक्टूबर के आदेश की विसंगतियों का निराकरण 5 माह बाद भी न होने से अध्यापक संवर्ग में घोर निराशा को देखते हुए हम छात्र हित में परीक्षाओं को तो विधिवत  कराएंगे, लेकिन कक्षा 9 व 11 की स्थानीय परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कक्षा 1 से 8 की उत्तर पुस्तिकाओं मूल्यांकन तथा बोर्ड की 10 वीं 12 वीं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन, छंटवें वेतनमान का विसंगति रहित आदेश जारी होने के बाद ही कराएंगे।
  विदित हो कि अध्यापक संवर्ग को छंटवे वेतनमान देने के लिए 5 जनवरी २०१६ को मंत्री परिषद के निर्णय के 5 माह बाद 31 मई २०१६ को आदेश जारी किया गया था। जिसमें अनेक विसंगतियों के विरोध के चलते 7 जून को आदेश् को रोका गया था। शहडोल चुनाव के दौरान की गई विशाल रैली को देखते हुए 4 माह बाद 15 अक्टूबर 16 को आदेश जारी हुआ, लेकिन इस आदेश में भी कई विसंगतियों पर मार्गदर्शन 5 माह बाद जारी न होने से अध्यापक संवर्ग में अनिश्चितता बनी है।
हाल ही में जारी होने वाले संशोधन आदेश को अध्यापक संघर्ष समिति को अवलोकन कराने पर वेतन में 5 से 8 हजार की कटौती होने की संभावना व सांतवें वेतनमान की घोषणा में अध्यापक संवर्ग को सम्मिलित न किये जाने से अध्यापक संवर्ग में निराशा बढ़ गई है। इसलिए मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार किया जाएगा। 30 अप्रैल तक आदेश जारी न होने पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल, आमरण अनशन और दिल्ली में प्रदर्शन किया जाएगा।

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