शराबी युवकों ने घर में घुसकर युवा व्यापारी के सीने में घोंप दिया खंजर

Widush Mishra

Publish: Oct, 19 2016 12:32:00 (IST)

Sagar, Madhya Pradesh, India
शराबी युवकों ने घर में घुसकर युवा व्यापारी के सीने में घोंप दिया खंजर

यह करुण रुदन था मकरोनिया के नेहानगर निवासी कांट्रेक्टर मनीष जैन का, जिसकी आंखों के सामने ही शराब के नशे में धुत कुछ युवकों ने उसके छोटे भाई और हार्डवेयर व्यापारी शक्ति उर्फ आशीष जैन की हत्या कर दी थी।

सागर.बड़ी मां के गले से बदमाश चेन खींच ले गए, पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। शराब पीकर बदमाशों के हुड़दंग की शिकायत करते रहे, लेकिन कोई सुनने नहीं आया। हमने ही सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए, पर क्या हुआ। शराबखोरों ने आज मेरे भाई के सीने में छुरा घोंपकर हत्या कर दी, उसका क्या दोष था। अब तो कुछ करो? क्या आज भी केवल शिकायत लिखकर ही ले जाओगे।


यह करुण रुदन था मकरोनिया के नेहानगर निवासी कांट्रेक्टर मनीष जैन का, जिसकी आंखों के सामने ही शराब के नशे में धुत कुछ युवकों ने उसके छोटे भाई और हार्डवेयर व्यापारी शक्ति उर्फ आशीष जैन की हत्या कर दी थी। सिसकते हुए वह बार-बार न्याय की गुहार लगाकर बयान दर्ज करने पहुंचे पुलिस अधिकारी के हाथ जोड़ रहा था।

(पुलिस से हाथ जोड़कर बोला बड़ा भाई - अब तो कुछ करो)


नेहानगर में रात करीब 9 बजे कांट्रेक्टर मनीष जैन (36) घर के बाहर टहल रहे थे। तभी उन्हें पास में बन रहे मकान के बाहर कुछ युवक शराब पीते दिखे। मनीष ने उन्हें वहां शराब न पीने की हिदायत दी तो युवक उनसे बहस करने लगे। करीब पांच युवक विवाद करते हुए उनके घर के पास तक आ गए तो वे छोटे भाई आशीष जैन (32) को आवाज देते हुए अंदर चले गए। बाहर से आवाज सुनकर आशीष जैसे ही बाहर आया युवकों ने खंजर उसके सीने में उतार दिया।

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भाई के हाथों में ही थमी आशीष की सांस
सीने में खंजर उतरते ही आशीष लड़खड़ाकर जमीन पर जा गिरा। उसे देखकर मनीष जैन सन्न रह गए। उन्होंने मदद के लिए पुकार लगाई तो पास में रहने वाले चचेरे भाई राकेश व अन्य परिजन जमा हो गए। आशीष को तुरंत पास के निजी अस्पताल ले गए जहां से उसे जिला अस्पताल भेज दिया गया। जिला अस्पताल में डॉक्टर ने जांच के बाद आशीष की मौत की पुष्टि कर पुलिस को सूचना दी। आशीष की हत्या का पता चलते ही कुछ ही देर में शहर भर के व्यापारी व जैन समाज के प्रमुख लोग जिला अस्पताल पहुंच गए।

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पुलिस कार्रवाई पर जताया असंतोष
भाई की आंख बंद होते ही मनीष घबराकर बेसुध हो गए। लोगों ने उन्हें संभाला जिसके बाद डॉक्टर ने उन्हें भर्ती कर लिया। इस बीच सीएसपी गौतम सोलंकी, पद्माकर थाना प्रभारी बीएस चौहान पुलिस बल के साथ वहां पहुंच गए। अधिकारियों ने बिलख रहे मनीष से घटना के बारे में पूछताछ की। पद्माकर थाने से जब पुलिस मनीष के बयान दर्ज करने पहुंची तो वे बिफर गए।

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