शिक्षा पर अरबों खर्च लेकिन इस बार भी Surguja से नहीं मिला कोई 'मेरीटोरियस'

Ambikapur, Chhattisgarh, India
शिक्षा पर अरबों खर्च लेकिन इस बार भी Surguja से नहीं मिला कोई 'मेरीटोरियस'

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की प्रावीण्य सूची में सरगुजा संभाग के सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया व बलरामपुर जिले से कोई विद्यार्थी मेरिट सूची में नहीं बना सका जगह 

रामप्रवेश विश्वकर्मा/अंबिकापुर. शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर शासन द्वारा हर साल अरबों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। बावजूद इसके इस बार भी 10वीं सीजीबीएसई का परीक्षा परिणाम निराशाजनक ही रहा। शुक्रवार को छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा 10वीं की प्रावीण्य सूची (मेरिट लिस्ट) जारी की गई।

इसने सरगुजा संभाग के शिक्षा के स्तर की पोल खोलकर रख दी। सूची में एक भी नाम सरगुजा संभाग के सरगुजा, कोरिया, सूरजपुर व बलरामपुर जिले से नहीं है। पिछले वर्ष भी सरगुजा संभाग को निराशा हाथ लगी थी। सुबह आंखें खुलते ही रिजल्ट को लेकर विद्यार्थियों की धड़कनें बढ़ी हुई थीं। सभी अपना-अपना रिजल्ट जानने उत्सुक थे।

तेज धूप के बावजूद परीक्षा परिणाम जानने कंप्यूटर सेंटरों मेें चहल-पहल बनी हुई थी। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा शुक्रवार की सुबह 9 बजे परिणाम की घोषणा के साथ ही कई विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठे तो कुछ के चेहरों पर मायूसी भी दिखी। अब लोग संभाग मुख्यालय में शिक्षा के लिए बैठे जिम्मेदार अधिकारियों की कुशलता पर भी प्रश्न खड़े कर रहे हैं।

प्रावीण्य सूची में मिली निराशा
माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा जारी प्रावीण्य सूची के टॉप 10 में 27 छात्र-छात्राओं के नाम जारी किए गए। इसमें सरगुजा संभाग में जशपुर को छोड़ किसी अन्य जिले से किसी भी छात्र-छात्रा का नाम नहीं है। पिछले वर्ष भी सरगुजा को निराशा हाथ लगी थी। जबकि वर्ष 2015-16 में सरगुजा से अंबिकापुर के एक छात्र ने तीसरा स्थान बनाया था। मेरिट में लगातार दूसरे वर्ष जगह न मिल पाने से संभाग के शिक्षा के स्तर की पोल खुल गई है।

अरबों रुपए खर्च होते है शिक्षा पर
शासन द्वारा अविभाजित सरगुजा जिले में शिक्षा पर अरबों ंरुपए खर्च किए जाते हैं। उसके बावजूद परीक्षा परिणाम काफी निराशाजनक हैं। इसमें भी निजी स्कूलों के परिणाम शासकीय स्कूलों पर भारी पड़ रहे हैं। किसी न किसी मांगों को लेकर शिक्षकों व शिक्षाकर्मियों के हड़ताल पर रहने की वजह से भी पूरे वर्ष भर पढ़ाई प्रभावित रही। इसका भी खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ा।

कभी थे टॉप, आज दूर तक नहीं है नाम
संभाग का सबसे बड़ा शासकीय स्कूल मल्टीपरपज हाई स्कूल अविभाजित मध्यप्रदेश के समय कम संसाधन होने के बावजूद पूरे प्रदेश में अव्वल रहता था। मेधावी सूची में मल्टीपरपज के छात्र अक्सर टॉप 5 में रहते थे, लेकिन आज मल्टीपरपज स्कूल का परिणाम भी काफी निराशाजनक है। यहां से भी एक भी विद्यार्थी का नाम मेधावी सूची में शामिल नहीं है।

जबकि स्कूल में लगातार संसाधन बढ़े हैं। अभिभावकों के अनुसार पहले शिक्षक स्कूल में बच्चों की पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान देते थे, लेकिन अब शिक्षक स्कूलों के बजाए ट्यूशन में ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। इससे भी लगातार जिले में शिक्षा का स्तर गिरता जा रहा है।

बुकलेट देखकर ही बता पाऊंगा शिक्षा का स्तर
10वीं में मेरीटोरियस तो कोई नहीं रहा। अभी बुकलेट प्राप्त नहीं हो पाया है। शाम तक देखकर बता पाएंगे कि शिक्षा का स्तर गिरा है या बढ़ा है।
संजय गुप्ता, डीईओ सरगुजा

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