Grameen Bank से चोरी गए जेवरात को खरीदने वाला गिरफ्तार

Pranayraj rana

Publish: Feb, 17 2017 11:57:00 (IST)

Ambikapur, Chhattisgarh, India
Grameen Bank से चोरी गए जेवरात को खरीदने वाला गिरफ्तार

गिरफ्तार आरोपी के दुकान से पुलिस ने 91 ग्राम सोना किया जब्त, 11 दिसंबर को छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक से चोरों ने लॉकर काटकर दो करोड़ के जेवरात किए थे पार

अंबिकापुर. छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के मुख्य शाखा महामाया चौक में 11 दिसम्बर को 12 लॉकर काटकर उसमें से 9 लॉकर में रखे जेवरात चोरों ने पार कर दिए थे।  मामले में लगभग 2 करोड़ से अधिक के जेवरात पार होने की बात सामने आई थी। पुलिस ने जब मामले के चार आरोपियों को पकड़़ा तो उन्होंने बताया था कि सारे जेवरात सरंगना संतोष गुप्ता के पास हैं।

 इसके बाद पुलिस ने पटना से संतोष गुप्ता को एक सप्ताह पूर्व गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए न्यायालय से एक सप्ताह का रिमांड प्राप्त किया था। पूछताछ के दौरान बातें सामने आईं कि उसने ग्रामीण बैंक से चोरी किए गए सोने में से कुछ हिस्से को पटना के समीप गोविंन्दपुर के ग्राम फतुआ निवासी 30 वर्षीय सर्राफा व्यवसायी धर्मराज सोनी पिता बुटाईलाल को बेचा था।

इस पर खरीदार को पकडऩे मंगलवार को क्राइम ब्रांच व कोतवाली पुलिस की टीम वहां संतोष को लेकर गई थी। पुलिस टीम ने संतोष के सामने बुधवार की रात धरमराज को उसके दुकान से गिरफ्तार किया और उसे अंबिकापुर लेकर आए।  धर्मराज ने पुलिस को बताया कि उसे संतोष गुप्ता ने 260 ग्राम सोने का बिस्किट व 89 ग्राम का जेवरात दिया था। इसके बदले उसने संतोष को लगभग 6 लाख 79 हजार रुपए दिए थे। पुलिस ने खरीदारी की निशानदेही पर उसके दुकान से 91 ग्राम जेवरात बरामद किया।

डॉक्टर के कथन के बाद मिला रिमांड
पुलिस ने जब सीजेएम कोर्ट में संतोष गुप्ता व धरमराज सोनी के रिमांड के लिए आवेदन पेश किया तो आरोपी संतोष गुप्ता ने सीजेएम से कहा कि पुलिस ने पूछताछ के दौरान उसके साथ मारपीट की है। इस पर सीजेएम ने विवेचक को बुलाकर जमकर फटकार लगाई और पूछा कि जब न्यायालय से आरोपी को ले गए थे फिर उसकी पिटाई कैसे हुई। कोर्ट में ही मेडिकल कॉलेज अस्पताल से डाक्टर को बुलाकर दोनों आरोपियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। इसके बाद डाक्टर द्वारा सीजेएम प्रशांत कुमार शिवहरे को बताया गया कि संतोष गुप्ता के शरीर पर जो चोट के निशान हैं वह पुराने हैं। इसपर सीजेएम प्रशांत कुमार शिवहरे ने डॉक्टर का कथन अपने सामने दर्ज कराया। डॉक्टरी कथन के आधार पर सीजेएम ने देर शाम पुलिस रिमांड का आर्डर जारी किया ।

8 लाख से अधिक का किया है भुगतान
पुलिस को सर्राफा व्यवसायी ने बताया कि उसने 8 लाख रुपए से अधिक का भुगतान संतोष व एक व्यक्तिऔर जो उसके साथ दुकान आते थे उन्हें कर चुका है। उसने बताया कि सबसे पहले 89 ग्राम गहने का 1 लाख रुपए , इसके बाद  60 ग्राम के लिए 1 लाख 50 हजार रुपए व व फिर 1 लाख 35 हजार रुपए संतोष को दिए थे। इसके बाद संतोष के साथ आए व्यक्ति जिसका नाम सुबोध है, उसे संतोष के कहने पर 4 लाख 22 हजार रुपए का भुगतान उसके द्वारा किया गया है। उसने बताया कि संतोष चूंकि उसी गांव में रहता था और उसकी पत्नी व अन्य लोग उसके दुकान में आते थे। इसकी वजह से उसने बिना रशीद के सोना खरीद लिया था।

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