दिन में आंख पर पट्टी बांध जंगल में घुमाते थे, एक बार मिलता था भरपेट भोजन

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दिन में आंख पर पट्टी बांध जंगल में घुमाते थे, एक बार मिलता था भरपेट भोजन

डकैतों के चंगुल से छूटे हेडमास्टर ने सुनाई आपबीती, आईजी, डीआईजी, एसपी ने की पूछताछ

सतना. दस्यु प्रभावित मुडि़यादेव से अगवा हेडमास्टर यशोदा प्रसाद कोल ने डकैतों की पकड़ से रिहा होने के बाद आपबीती बयां की है। उसने बताया, रात को अगवा करने के बाद पांच बदमाश उसे पैदल कोल्हुआ के जंगल लेकर गए। वहां हाथ पैर बांधकर पन्नी में सुला दिया। धमकाया कि शोर करोगे तो मार देंगे। इसके बाद एक और रात पैदल जंगल में चलाया। फिर एक ठीहे पर ही बाकी दिनों तक रखे रहे। सुबह नाश्ते में नमकीन, बिस्किट देते थे। दिन में एक ही बार भरपेट खाना मिलता था। बकौल यशोदा, दिन में उसकी आंख पर डकैत पट्टी बांध देते थे और शोर करने की सख्त मनाही थी। अंधेरा होने पर हाथ-पैर बांधकर पहरा लगा दिया दिया जाता था।

आमद देते ही रवाना
सोमवार को जिले में आमद देते हुए एसपी राजेश हिंगणकर सीधे बरौंधा को रवाना हो गए। उन्होंने यशोदा से पूछताछ कर कई तथ्य जुटाए हैं। इसके कुछ देर बाद रीवा रेंज में आमद देते हुए पुलिस महानिरीक्षक अंशुमान यादव भी मैहर दर्शन करने के बाद डीआईजी आरपी सिंह के साथ बरौंधा पहुंचे। सभी अफसरों ने यशोदा से अपने तरीके से बात कर दस्यु दल के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटाई है।

फोन पर कराते थे बात

हेड मास्टर यशोदा प्रसाद कोल को अगवा करने वाले बदमाश उसे मुडि़यादेव से खोही घाटी होते हुए कोल्हुआ के जंगल ले गए थे। वहां गिरोह सरगना ने खुद को ललित पटेल बताया। उसके साथ पांच बदमाश और रहे। दो रात यशोदा को जंगल में पैदल चलाया गया, इसके बाद उसे सुरक्षित ठीहे पर डकैत रखे रहे। यशोदा ने पुलिस को यह भी बताया कि डकैत उसकी घर वालों से फोन पर बात कराते थे। उसके साथ किसी ने मारपीट नहीं की। यह बात सामने आई है कि डकैतों की मांग पूरी होने पर शिक्षक को छोड़ दिया। पुलिस की पूछताछ पूरी होने के बाद यशोदा अपने रिश्तेदारों के साथ जीप में सवार होकर गांव चला गया।

सर्चिंग में पांच पार्टियां

आईजी के निर्देश पर एसपी ने दस्यु प्रभावित इलाकों में डकैत गिरोह की टोह लेने और दस्यु दलों का सफाया करने के लिए पांच पार्टियां बनाई हैं। बरौंधा, मझगवां, नयागांव, धारकुण्डी के अलावा दस्यु उन्मूलन अभियान में अलग से काम कर रहे पुलिस अफसरों की टीम ललित गिरोह की तलाश में लगाई है। सोमवार को पुलिस पार्टियों ने कोल्हुआ, फतेहगंज, भैरमबाबा, गोडऱी गोडऱामपुर, थरपहाड़ और सती अनुसुइया के आस-पास जंगलों में सर्चिंग की है।

नए अफसरों से उम्मीद
रेंज में आईजी अंशुमान यादव, जिले में एसपी राजेश हिंगणकर और अनुभाग चित्रकूट में एसडीओपी आलोक शर्मा ने हाल ही में आमद दी है। उम्मीद जताई जा रही है कि दस्यु प्रभावित इलाकों में बेहतर काम करते हुए सुरक्षित माहौल मुहैया कराएंगे और मप्र व उप्र के सीमाई इलाकों में वारदात करने वाले डकैतों की हरकत पर अंकुश लगाएंगे।

चित्रकूट में जमाया डेरा

नवागत पुलिस अधीक्षक हिंगणकर ने सोमवार की शाम से ही चित्रकूट में डेरा जमा लिया। पत्रिका से बात करते हुए उन्होंने बताया कि दस्यु दल के कई लोकल कनेक्शन मिले हैं। बहुत सारे ठिकाने हमने ट्रेस कर लिए हैं और वहां पुलिस की दबिश जारी है। उप्र से सटे कुछ इलाकों में मददगार और दस्यु दल के सदस्यों की जानकारी मिली है। उन सभी जगहों पर पुलिस का मूवमेंट तेज कर दिया गया है। उनका कहना है कि एक बड़े ऑपरेशन की शुरुआत कर दी गई है। इसके लिए वह फिलहाल चित्रकूट में ही रहेंगे।

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