पहली बार 29 दिन का होगा सावन मास, वर्षों बाद बना इस तरह का संयोग

suresh mishra

Publish: Jul, 16 2017 05:03:00 (IST)

Satna, Madhya Pradesh, India
पहली बार 29 दिन का होगा सावन मास, वर्षों बाद बना इस तरह का संयोग

इस साल का सावन बहुत शुभ माना जा रहा है। क्योंकि इस बार इतने सालों बाद एक ऐसा संयोग बन रहा है कि सावन सोमवार से ही शुरू होकर सोमवार को ही खत्म हो रहा है।


सतना। इस साल का सावन बहुत शुभ माना जा रहा है। क्योंकि इस बार इतने सालों बाद एक ऐसा संयोग बन रहा है कि सावन सोमवार से ही शुरू होकर सोमवार को ही खत्म हो रहा है। इसलिए सावन के पहले ही दिन शिव मंदिरों में भक्तों की अच्छी खासी भीड़ नजर आने की उम्मीद है। वहीं 7 अगस्त को रक्षाबंधन है, उस दिन भी सावन का आखिरी सोमवार पड़ेगा।

इस दिन चंद्रग्रहण का साया होने के साथ ही भद्रा होने से रक्षाबंधन के मूहर्त का टोटा रहेगा। इस संबंध में ज्योतिषि का कहना है कि ऐसा संयोग सालों में एक बार ही बनता है। ऐसा संयोग बनने पर भगवान शिव के भक्तों को अराधाना करने पर विशेष फल की प्राप्ति होगी।

राखी पर चंद्रग्रहण का साया
अमूमन सावन माह में 4 सोमवार पड़ते हैं लेकिन इस बार पांच सोमवार का पडऩा भी शुभ संकेत माना जा रहा है। इस बार सावन माह 29 दिनों का होगा। पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण का साया रहेगा। मकर राशि में खंडग्रास चंद्रग्रहण दिखाई देगा। चंद्रग्रहण का स्पर्श काल रात 10.53 बजे और मोक्ष रात्रि 12.48 बजे होगा। चंद्रग्रहण का सूतक तीन प्रहर पूर्व दोपहर 1 बजकर 53 मिनट से लगेगा।

सिर्फ 3 घंटे 14 मिनट मुर्हूत
इस दिन सुबह 10.30 बजे तक भद्रा काल भी है इसलिए भद्रा काल समाप्त होने और सूतक लगने के पूर्व ही बहनें अपने भाइयों की कलाई में रक्षा सूत्र बांध सकेंगी। रक्षा सूत्र बांधने के लिए सुबह 10.39 से 1.53 तक का ही मुहूर्त शुभ है।  23 जुलाई को हरियाली अमावस्या किसान कृषि यंत्रों की साफ-सफाई कर पूजा-अर्चना करेंगे। इसके साथ ही तीज त्योहारों की शुरुआत हो जाएगी।

विंध्य के मंदिरों में विशेष तैयारी
विंध्यभर के शिवालयों में इस बार अधिक श्रद्धालुओं के आने के कारण विशेष तैयारी की गई है। भक्तों के लिहाज से मंदिरों की साज सज्जा पहले ही कर ली गई थी। गैवीनाथ धाम बिरसिंहपुर, महामृत्युंजय मंदिर रीवा, देवतालाब सहित अन्य मंदिरों में रोजाना हजारों भक्तों का तांता लगा रहता है। सावन मास के सोमवार को अन्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा भीड़ रहती है।

इन तिथियों में यह त्योहार
- 23 जुलाई     हरियाली अमावस्या
- 26 जुलाई     हरियाली तीज, झूला उत्सव
- 28 जुलाई     नागपंचमी
- 7 अगस्त     रक्षाबंधन/b>
- 10 अगस्त     कजली तीज
- 13 अगस्त     हलषष्ठी
- 14/15 अगस्त     कृष्ण जन्माष्टमी- 21 अगस्त     सोमवती अमावस्या

- 24 अगस्त     हरतालिका तीज
- 25 अगस्त     गणेश चतुर्थी/b>
- 28 अगस्त     नुआखाई

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