भारत में सिर्फ यहां होती है खंडित शिवलिंग की पूजा, मुगल शासक ने की थी तोड़फोड़

suresh mishra

Publish: Jul, 18 2017 03:18:00 (IST)

Satna, Madhya Pradesh, India
भारत में सिर्फ यहां होती है खंडित शिवलिंग की पूजा, मुगल शासक ने की थी तोड़फोड़

गैबीनाथ में होती है खंडित शिवलिंग की पूजा, सावन के सोमवार को उमड़ते हैं श्रद्धालु, भगवान शिव की आराधना के लिए सावन के पांच सोमवार महत्वपूर्ण।


सतना। भगवान शिव की आराधना के लिए सावन के पांच सोमवार महत्वपूर्ण हैं। गैवीनाथ मंदिर में खंडित शिव लिंग की पूजा की जाती है। इसके खंडित होने के पीछे कुछ ऐतिहासिक तथ्य हैं। इतिहासकारों के अनुसार, मुगलशासक औरंगजेब ने शिव लिंग तोडऩे के लिए पांच वार किए। जिससे चार टांके से अलग-अलग धाराएं निकलीं।

किवदंती के अनुसार, धाराएं दूध, जल, शहद की थीं। लेकिन, पांचवें वार के बाद मधुमख्खियों ने हमला कर दिया। जिसके बाद औरंगजेब भाग खड़ा हुआ। और लोगों ने खंडित शिवलिंग की पूजा शुरू कर दी।

Gabinath Shiv Temple Birsinghpur-1

जलाभिषेक और बेलपत्र का महत्व
बाबा गैवीनाथ में सोमवार व पूर्णमासी को श्रद्धालुओं का तांता आम दिनों में भी रहता है। लेकिन सावन में श्रद्धालु दिनभर जलाभिषेक करते हैं। शाम के समय बेलपत्र चढ़ाने का सिलसिला शुरू होता है। शास्त्रों में भी बेलपत्र का महत्व बताया गया है।

Palms rub Shivalinga then Unbound Money Rain

मंदिर परिसर का सरोबर उपेक्षा का शिकार
गैवीनाथ मंदिर से कई प्रांतों के लोगों की आस्था जुड़ी है। लेकिन प्रशासनिक अव्यवस्था के चलते मंदिर के रखरखाव की उपेक्षा की जा रही है। गैवीनाथ मंदिर सार्वजानिक ट्रस्ट मंदिर की चढ़ोतरी कुंडली मारे हुए है। मंदिर का विकास, व्यवस्था, सुविधा, सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।

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करोड़ों रुपए का बंदरबांट
चारों तरफ  गंदगी है। मंदिर के पूर्वी दिशा पर शिव सरोवर है। जिसके शुद्धिकरण के लिए प्रशासन ने करोड़ों रुपए बहाए। लेकिन, सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए। आए दिन तालाब में लोग जान गवंाते हैं। मंदिर से होने वाली आय की बंदरबांट का आरोप लगातार लग रहा है।

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