गैंगरेप के 3 आरोपियों को 20 साल की कैद, रिपोर्ट करने पर वीडियो वायरल करने की दी थी धमकी

Satna, Madhya Pradesh, India
गैंगरेप के 3 आरोपियों को 20 साल की कैद, रिपोर्ट करने पर वीडियो वायरल करने की दी थी धमकी

कोर्ट का फैसला: न्यायाधीश गोपाल श्रीवास्तव की कोर्ट ने जुर्माना राशि पीडि़ता को दिए जाने का आदेश दिया है। अभियोजन के अनुसार, पीडि़ता अपने दोस्तों के साथ 15 नवंबर 2014 को कार से पशुपतिनाथ मंदिर घूमने जा रही थी।


सतना।
गैंगरेप के तीन आरोपियों को कोर्ट ने 20 साल कैद और 10-10 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायाधीश गोपाल श्रीवास्तव की कोर्ट ने जुर्माना राशि पीडि़ता को दिए जाने का आदेश दिया है। अभियोजन के अनुसार, पीडि़ता अपने दोस्तों के साथ 15 नवंबर 2014 को कार से पशुपतिनाथ मंदिर घूमने जा रही थी।

रास्ते में आरोपी विकास सिंह (29), शिखर सिंह (26) और रवि सिंह निवासी भाद ने उसको कार से उतार लिया और उसके साथियों को गाड़ी से नहीं उतरने दिया। इसके बाद आरोपी पीडि़ता को खेत में ले गए और जबरन दुष्कर्म किया।

वीडियो बनाया और कल फिर आने को कहा
आरोपियों ने वारदात का वीडियो भी बनाया और कल फिर आने को कहा। रिपोर्ट करने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी। पीडि़ता अपने दोस्तों के साथ वापस लौट आई। रात में अपने एक दोस्त के घर ही रुकी। दूसरे दिन परिजनों को घटना की जानकारी दी और सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।

मामले की जांच डीएसपी को सौंपी
पुलिस ने पीडि़ता का मेडिकल परीक्षण कराया और आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप का प्रकरण दर्ज किया। प्राथमिक विवेचना के बाद प्रकरण एससीएसटी का होने के चलते मामले की जांच डीएसपी को सौंपी गई। सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। कोर्ट ने आरोप साबित पाए जाने पर तीनों को 20 साल कैद व जुर्माने की सजा सुनाई।

डीएनए रिपोर्ट बनी सजा का आधार
कोर्ट में पीडि़ता आरोपियों को नहीं पहचान पाई। लेकिन, डीएनए के आधार पर कोर्ट ने आरोप सही पाया और सजा सुनाई। पुलिस ने आरोपियों और पीडि़ता का सैंपल डीएनए जांच के लिए लैब भेजा था। उसमें तीन आरोपियों के खिलाफ  रिपोर्ट पॉजिटिव आई। न्यायालय ने कमेंट किया कि इंसान झूठ बोल सकता है, लेकिन विज्ञान नहीं? डीएनए रिपोर्ट ने आरोपियों की पहचान करा दी।

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