रज्जन का बलराम से सामना कराएगी ATS, राजदार साथियों की टटोली जाएगी नब्ज

suresh mishra

Publish: Feb, 17 2017 12:06:00 (IST)

Satna, Madhya Pradesh, India
रज्जन का बलराम से सामना कराएगी ATS, राजदार साथियों की टटोली जाएगी नब्ज

टेरर फंडिंग: कई खातों को आपरेट करने की हो रही जांच, आईएसआई की जासूसी और टेरर फंडिंग के नेटवर्क के तार जांच एजेंसी आतंक निरोधी दस्ता टीम जोडऩे लगी है।


सतना।
आईएसआई की जासूसी और टेरर फंडिंग के नेटवर्क के तार जांच एजेंसी आतंक निरोधी दस्ता टीम जोडऩे लगी है। सतना के मैहर से ट्रांजिट रिमांड पर ले जाए गए राजीव उर्फ रज्जन तिवारी से बलराम को आमने-सामने बिठाकर जांच की जाएगी। इसके साथ ही स्थानीय पुलिस की मदद से बलराम के राजदारों और साथियों की नब्ज टटोली जा रही है।

कारोबारी केपी यादव को बुधवार को थाने बुलाकर पूछताछ की गई थी। अपनी इस जांच प्रगति से पुलिस अधिकारियों ने एटीएस को अवगत करा दिया है। गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार राजीव उर्फ रज्जन को भोपाल ले जाए जाने के साथ ही अब टेरर फंडिंग कर रहे बलराम के राजदारों में सरकार, गोविन्द, मुकेश के बाद अब एक नाम और जुड़ गया है केपी यादव का।

दो दर्जन लोगों के खातों का इस्तेमाल
लक्जरी कारों और महंगी बाइकों के शौकीन केपी के कारोबार की जांच भी शुरू हो चुकी है और यह जानकारी भी सामने आ रही है कि इसके द्वारा लगभग दो दर्जन लोगों के खातों का इस्तेमाल ट्रांजेक्शन में किया गया है। इतना ही नहीं बलराम की कथित एसयूवी एमपी 19सीबी 0772 में यह घूमता था। कई बार पुलिस ने इस एसयूबी को संदिग्ध हालत में पकड़ा भी है।

21 तक की रिमाण्ड
लेकिन बाद में सभी छोड़ दिये गये। हालांकि पूछतांछ के बाद बुधवार देर रात केपी को छोड़ दिया गया था। लेकिन अभी भी वह जांच एजेंसियों की राडार पर है। दूसरी ओर एटीएस द्वारा सतना से भोपाल ले जाए गए राजीव को कोर्ट में पेश कर 21 तक की रिमाण्ड ली गई है वहीं बलराम की रिमाण्ड 18 फरवरी तक है।

हर किरदार का अपना मॉड्यूल और अपनी कहानी
आतंकवाद निरोधक दस्ते द्वारा पकड़े गये टेरर फंडिंग के मास्टर माइंड बलराम की गिरफ्तारी के बाद जिस तरीके से लगातार संबंध सामने आते जा रहे हैं उससे सतना जिले में आंतक को मजबूती प्रदान करने वाली उर्वर जमीन तैयार होने के संकेत स्पष्ट नजर आ रहे हैं। पुलिसिया लचर प्रणाली से बेखौफ ये युवा पैसे लालच में किस कदर अपराध के दलदल में घुसते गये हैं उसकी सच्चाई काफी चौंकाने वाली है।

करोड़ों का ट्रांजेक्शन
अब तक सिम और एटीएम फ्राड की पुलिस तंत्र ने जिस तरीके से अनदेखी और मामलों को पंजीबद्ध कर जांच करने से दूरी बनाई उसका नतीजा यह रहा कि सतना में व्यापक पैमाने पर लोगों के एटीएम लेकर उनके खातों से करोड़ों का ट्रांजेक्शन आतंकी मददगारों और हवाला कारोबारियों तक पहुंचता गया। इसमें पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से लेकर सिमी और गांजा कारोबार के पोषक नक्सलियों को जिले में अपनी गतिविधि फैलाने में काफी आसानी हुई।

किरदार एक : बलराम
पाक जासूसी के लिये माध्यम बना बना बलराम भारत की काउन्टर इन्टलीजेंस के सहारे पूरे माड्यूल के खुलासे में सामने आया। जिसका काम मध्यप्रदेश से आतंक को फलने फूलने के लिये फण्ड उपलब्ध कराना था। कुरियर से कम्युनिकेटर तक की भूमिका में आ चुके बलराम के जो खुलासे सामने आ रहे हैं उसके अनुसार वह अक्सर पाकिस्तान भी बात करता था और फण्ड संबंधी तमाम जानकारियां साझा करता था।

किरदार दो : राजीव
मैहर पुलिस द्वारा पोड़ी निवासी जिस रज्जन तिवारी उर्फ राजीव को गांजा कारोबारी राकेश जैसवाल के साथ पकड़ा था दरअसल वह आतंकियों का फंड मैनेजर था। बुलंदशहर एटीएम फ्राड के खुलासे के साथ ही वह जांच एजेंसियों की निगरानी में आया था। इसका कारोबारी साथी इसके रिश्तेदार का लड़का वीरेन्द्र भी माना जा रहा है। इस मामले में आतंकी फंडिंग तो सामने आई है लेकिन पोड़ी में जिस राकेश से इसके रिश्ते सामने आए हैं उसमें इसके सतना में नक्सल कनेक्शन में भी शामिल होने की बात सामने आ रही है।

किरदार तीन : केपी
सिटी कोतवाली पुलिस द्वारा पूछतांछ के लिए बुलाए गए बलराम के राजदार केपी यादव की भी कहानी बड़ी रोचक है। केपी उर्फ कृष्णपाल यादव पिता स्व. रामसिंह यादव मूल रूप से पोस्ट मुराद नगर, गांव खुराना जिला गाजियाबाद का निवासी है। छोटी मोटी नौकरी करने के साथ ही अपने जीजा हरवीर यादव की वाईजी इलेक्ट्रिकल्स की यहां रिटेल शाप खोला था। हरबीर दिल्ली में डी 11/128 साईबाबा मंदिर के पास, सेक्टर 7 में रहते बताए जाते हैं।

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned