सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा माघ का पहला दिन, 4.7 डिग्री पहुंचा पारा

suresh mishra

Publish: Jan, 13 2017 12:35:00 (IST)

Satna, Madhya Pradesh, India
सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा माघ का पहला दिन, 4.7 डिग्री पहुंचा पारा

गलन ने किया बेहाल, सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा गुरुवार, सुबह 6 बजे दिन का न्यूनतम तापमान 4.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो सामान्य से 4 डिग्री कम तथा सीजन का सबसे कम रहा।

सतना। कड़के की सर्दी के लिए मशहूर माघ का महीना लगते ही ठंड कहर ढाने लगी है। गुरुवार की सुबह इस मौसम की सबसे ठंडी सुबह रही। सुबह 6 बजे दिन का न्यूनतम तापमान 4.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो सामान्य से 4 डिग्री कम तथा सीजन का सबसे कम रहा। दिनभर चली बर्फीली हवाआें से अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री लुढ़ककर 19.2 दर्ज किया गया।

सुबह खून जमा देने वाली ठंड के साथ हुई। दिन चढऩे के साथ ही सूर्य की किरणों ने अपनी चमक बिखेरी लेकिन गलन भरी ठंड के सामने धूप भी बेअसर साबित हुई। आलम यह रहा कि गर्म कपड़ों से लिपटे रहने के बाद भी लोग दिनभर ठंड से कंपकंपाते रहे।

गांवों में जमा खर्रा
शहर के मुकाबले गांवों में ठंड का असर अधिक महसूस किया गया। गुरुवार को ग्रामीण अंचल में तापमान दो डिग्री तक लुढ़क गया। तापमान जमाव बिंदु के करीब पहुंचने से सुबह खेतों में घास के ऊपर गिरी ओस की बूदंे जम गईं। सूर्य की पहली किरण के साथ खेतों में सफेद चादर बिछी नजर आई। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिन तक जिले में शीतलहर का प्रकोप जारी रहेगा। इससे लोगों को सर्दी से राहत के आसार नहीं हैं।

फसलों को नुकसान
जिले में चल रही शीतलहर व न्यूनतम तापमान के लुढ़कने से सब्जी व दलहनी फसल संकट में है। मौसम विभाग ने रीवा व सतना जिले के कुछ हिस्सों में पाला पडऩे की आशंका व्यक्त की है। खेतों में खर्रा जमने से टमाटर, बैंगन तथा मटर आदि सब्जी फसलों में पाला लगने की संभावना बढ़ गई है। सब्जी बोने वाले किसानों का कहना है कि यदि शीतलहर का क्रम जारी रहा तो सब्जी व अरहर की फसल को भारी नुकसान हो सकता है।

2013 में 0.4 डिग्री दर्ज हुआ था पारा
मौसम विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो बीते 10 वर्षों में सबसे अधिक ठंड साल 2013 के जनवरी माह में पड़ी थी। उक्त वर्ष जनवरी के प्रथम दस दिन न्यूनतम तापमान 5 डिग्री से कम दर्ज हुआ था। 2013 में ही 7 जनवरी को न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री पर पहुंच गया था। जो जिले के लिए रिकॉर्ड है।

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned