सबसे पहले ओडिशा में लगेगी आपदा चेतावनी प्रणाली

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सबसे पहले ओडिशा में लगेगी आपदा चेतावनी प्रणाली

पटनायक ने कहा, छह तटीय जिलों में साइरन अलर्ट टॉवर द्वारा आपदा की चेतावनी दी जाएगी, जिससे तूफान या सुनामी के दौरान लोगों की जिन्दगी बचाने में मदद मिलेगी

भुवनेश्वर। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि 'प्रारंभिक चेतावनी प्रसार प्रणाली (डीडब्ल्यूडीएस)' का संचालन शुरू करने वाला देश का पहला राज्य ओडिशा होगा। पटनायक ने कहा, छह तटीय जिलों में साइरन अलर्ट टॉवर द्वारा आपदा की चेतावनी दी जाएगी, जिससे तूफान या सुनामी के दौरान लोगों की जिन्दगी बचाने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक आपदा पर एक राज्यसत्रीय बैठक को संबोधित करते हुए यह बातें कही। उन्होंने कहा कि विभिन्न आपदाओं से लोगों के बचाव के लिए आपदा जोखिम में कमी और क्षमता निर्माण की बड़े पैमाने पर पहल की गई है। उन्होंने कहा, हमने सभी आपदाओं के लिए किसी के भी हताहत नहीं होने देने' के दृष्टिकोण अपनाया है।

ओडिशा में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून आ चुका है। इसे लेकर मुख्यमंत्री ने कहा, प्राकृतिक आपदा के दृष्टिकोण से जून से लेकर अक्टूबर तक का समय काफी महत्वपूर्ण होता है। पटनायक ने कहा, समय पर मॉनसून के आ जाने के बाद हम बाढ़ और तूफान की संभावना को देखते हुए अपनी तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली, बचाव और  राहत कार्य, पीने के पानी की आपूर्ति, स्वास्थ्य और पशु चिकित्सा सेवा के लिए पर्याप्त उपाय किए जा रहे हैं।


आपदा के समय कैसे बचाएं लोगों की जान, यह सीख रहे होमगार्ड

शाजापुर. आगामी मानसून सत्र को देखते हुए जनरल होमगार्ड वीके सिंह ने प्रदेश के सभी 51 जिलों में होमगार्ड जवानों को तैराकी का प्रशिक्षण देने के निर्देश गत दिनों आयोजित बैठक में दिए थे। इसी कड़ी में 11 मई से चीलर बांध व होमगार्ड लाइन में होमगार्ड जवानों को तैराकी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है जो 20 मई तक जारी रहेगा।

होमगार्ड के डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट विक्रम मालवीय ने बताया कि इस प्रशिक्षण में जवानों को मोटर बोट, ओबीएम इंजन प्रशिक्षण, तैराकी की विभिन्न विधाएं जैसे बैक स्टोक, फ्रॉग स्टोक, टो हेड, टो आमर््स, चीन टो, हेड टो, आम्र्स टो, आकस्मिक विधियां, लाईफ बॉय, लाईफ जैकेट के बारे में बताया जा रहा है। इसके अलावा लाइफ लाइन के उपयोग एवं स्थानीय घरों में उपलब्ध बांस, बल्ली, केन, प्लास्टिक बॉटल, पीपे आदि घरेलू सामग्री से बाढ़ बचाव के उपकरण बनाने और उनके उपयोग के बारे में जानकारी दी जाएगी। यह प्रशिक्षण सुबह 7 से शाम 5.30 बजे तक दिया जा रहा है।

आगर-मालवा. आगामी मानसून सत्र को दृष्टिगत रखते हुए डायरेक्टर जनरल होम गार्ड के निर्देश पर होमगार्ड जवानों को तैराकी का प्रशिक्षण मास्टर ट्रेनर नेे शनिवार को दिया। यहां 20 होम गार्ड जवानों को मोतीसागर तालाब में मोटर बोट, ओवीएम इंजन और तैराकी की विभिन्न विधाओं से अवगत कराया गया। साथ ही आपदा की स्थिति से निपटने के कई तरीके बताए गए। यह प्रशिक्षण 20 मई तक प्रतिदिन सुबह 7 से शाम 5.30 बजे तक चलेगा।

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