इन तरीकों से आप भी पहचान सकते हैं नकली प्रोडक्ट्स को

Jameel Khan

Publish: Jul, 17 2017 03:02:00 (IST)

Science & Tech
इन तरीकों से आप भी पहचान सकते हैं नकली प्रोडक्ट्स को

इसके मैटेरियल में खराब प्लास्टिक, लेदर, सस्ता कांच, खराब क्वॉलिटी का कपड़ा या इलेक्ट्रोनिक अप्लायंसेज के पुराने या इस्तेमाल किए हुए पाट्र्स हो सकते हैं

आजकल बाजार नकली प्रोडक्ट्स से भरा पड़ा हुआ है। ज्यादातर लोग नकली और असली प्रोडक्ट में अंतर नहीं कर पाते। अगर आप चाहते हैं कि आप नकली प्रोडक्ट्स की धोखाधड़ी से बचे रहें तो आपको कुछ खास बातों का खयाल रखना होगा। आइए जानते हैं ऐसी खास बातों के बारे में जो आपको सही प्रोडक्ट्स तक पहुंचा सकती हैं।


व्याकरण व मात्राओं की त्रुटि
नकली प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियां अक्सर अपने प्रोडक्ट के नाम में व्याकरण या मात्राओं की त्रुटि करती हैं। ऐसा बड़े ब्रांड के नाम को कॉपी करने के लिए किया जा सकता है। इस तरह के नकली प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी खुद को कानून से बचाने की कोशिश करती है। कंपनियां ग्राहकों को ठगने के लिए भी ऐसा करती हैं। उन्हें लगता है कि ग्राहक को मिलते-जुलते नाम से धोखा दिया जा सकता है। पहले ग्राहकों के अंदर इतनी ज्यादा जागरुकता नहीं थी, पर अब ग्राहक हर ब्रांड नेम को पहचानता है और तुरंत पता लगा सकता है कि कहां गड़बड़ी हुई है। आपको जल्दबाजी में खरीदारी से बचना चाहिए।


बेमेल और चूक वाली प्रिंटिंग
अच्छी कंपनियां अपने प्रोडक्ट की पैकिंग पर कुछ फीचर्स जैसे कोड्स, सीरियल या मॉडल नंबर, ट्रेडमार्क, पेटेंट की जानकारी लिखती हैं। आमतौर पर नकली प्रोडक्ट्स इस तरह की जानकारियां नहीं लिखते हैं। वे सिर्फ आधी-अधूरी जानकारियों को कॉपी करते हैं। आप चाहें तो ऑनलाइन जाकर असली प्रोडक्ट्स से नंबर्स को क्रॉसचेक कर सकते हैं। आप इसे खासतौर पर इलेक्ट्रोनिक आइटम्स या अप्लाइंसेज पर अप्लाई कर सकते हैं। यहां आपसे गलती होने की आशंका ज्यादा होती है। बेमेल और चूक वाली प्रिंटिंग से होने वाली धोखाधड़ी से बचना बहुत जरूरी है।


घटिया पैकिंग

पूरी दुनिया में अच्छे ब्रांड्स और बिजनेसेज अपने प्रोडक्ट्स की पैकेजिंग का पूरा खयाल रखते हैं और पैकेजिंग पर काफी पैसा खर्च करते हैं। अगर आइटम सही तरह से पैक नहीं किया गया है या बॉक्स में सही तरह से फिट नहीं हो रहा है या इसमें खराब स्टैंडर्ड का सामान इस्तेमाल हो रहा है जैसे सस्ती प्लास्टिक या घटिया कार्डबोर्ड तो समझ लें कि आपका वास्ता नकली प्रोडक्ट से पड़ा है। इसी तरह से यदि आपको बिना पैकेजिंग के कोई प्रोडक्ट मिला है तो हो सकता है कि वह नकली प्रोडक्ट हो। पैकेजिंग पर गौर करने के बाद ही प्रोडक्ट ओपन करें।

गायब एक्सेसरीज

जब भी आप कोई सामान खरीदने बाजार जाएं तो यह जरूर चेक करें प्रोडक्ट के बॉक्स की पैकेजिंग में बताई गई सभी एक्सेसरीज और सप्लीमेंट्री पाट्र्स मौजूद हैं या नहीं। अगर इंस्ट्रक्शन मेनुअल, वारंटी कार्ड, वायर्स, प्लग्स और दूसरे आइटम्स मिसिंग हैं तो तुरंत रिटेलर से मिलकर सामान वापस करें। सबसे सही तो यह तरीका है कि खरीदारी करने से पहले ही आप स्टोर में बॉक्स को सही तरह से चेक कर लें। अगर आप ऑनलाइन खरीदारी करें तो डिलीवरी के समय बॉक्स को खोलते समय  इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग कर लें। इससे बाद में परेशानी नहीं आएगी।

अनधिकृत सेंटर
इलेक्ट्रोनिक आइटम्स, अप्लाइंसेज, गैजेट्स और ब्रांडेड वेयर्स को अधिकृत रिटेलर्स, लाइसेंस्ड विक्रेता या वास्तविक ब्रांड आउटलेट से खरीदना सही रहता है। अगर आपको कहीं पर जरूरत से ज्यादा डिस्काउंट मिल रहा है तो ऑनलाइन जाकर स्टोर का पता चेक करना चाहिए। आपको इसके कॉन्टैक्ट डिटेल्स को भी जांचना चाहिए। कई कंपनियां अनधिकृत सेंटर्स के माध्यम से अपना नकली प्रोडक्ट बचने की कोशिश करती हैं। आपको इनसे बचना चाहिए। आपको वही प्रोडक्ट खरीदना चाहिए, जिनके अधिकृत सेंटर इंटरनेट पर या वेबसाइट पर मौजूद हों।


अवास्तविक छूट

आप कुछ भी खरीदते हैं और उसमें अवास्तविक छूट मिलती है तो सावधान हो जाना चाहिए। खासतौर पर ऑनलाइन खरीदारी में आपको इस बात का खास खयाल रखना चाहिए। इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि ब्रांडेड या लग्जरी आइटम्स पर आमतौर पर कितना डिस्काउंट दिया जाता है। आपको लगे कि ऑफर अवास्तविक है तो यानी एमआरपी पर 80 फीसदी तक छूट दी जा रही है तो यकीन मानिए कि नकली प्रोडक्ट खरीद रहे हैं।

गलत लोगो
स्पेलिंग की तरह ही नकली लोगो, ब्रांड नेम और ट्रेडमाक्र्स को पकडऩा आसान है। अगर आप प्रोडक्ट को ध्यान से देखें तो आप गलतियों को पकड़ सकते हैं। अगर आप असली प्रोडक्ट की फॉन्ट और लोगो को अच्छी तरह से जानते हैं तो आप छोटे-छोटे अंतरों को आसानी से पकड़ सकते हैं। अगर आपको लगता है कि यह करना आपके लिए कठिन है तो आप नकली प्रतीत होने वाले प्रोडक्ट की फोटो लें और ऑनलाइन जगत में इसकी तुलना असली प्रोडक्ट से करें। फॉन्ट अलग होगी। नकली प्रोडक्ट की पैकेजिंग में रंग भी अलग हो सकते हैं। ये कंपनियां प्रिंटेड टेक्स्ट को अपने अनुरूप बदल देती हैं।

खराब क्वॉलिटी
नकली प्रोडक्ट की क्वॉलिटी आमतौर पर काफी खराब होती है। आपने यदि असली प्रोडक्ट इस्तेमाल किया है तो आप एक बार में ही नकली प्रोडक्ट को पहचान सकते हैं।  नकली प्रोडक्ट में असली प्रोडक्ट के स्थान पर खराब वैकल्पिक पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है। इसके मैटेरियल में खराब प्लास्टिक, लेदर, सस्ता कांच, खराब क्वॉलिटी का कपड़ा या इलेक्ट्रोनिक अप्लायंसेज के पुराने या इस्तेमाल किए हुए पाट्र्स हो सकते हैं। इसके कंटेनर की शेप भी थोड़ी अलग हो सकती है। यदि आप प्रोडक्ट को इस्तेमाल कर सकते हैं तो पहले ही पता कर लें कि यह अच्छी क्वॉलिटी का है या नहीं।

कॉन्टैक्ट डिटेल्स
ज्यादातर कंपनियां पैकेजिंग पर अपना पूरा एड्रेस, ईमेल, फोन नंबर या कॉन्टैक्ट डिटेल्स जरूर डालती हैं। अगर आपके प्रोडक्ट पर ये सब जानकारियां मौजूद नहीं हैं तो आपको सावधान होने की जरूरत है। इसका मतलब है कि आप अपने प्रोडक्ट के बारे में किसी से शिकायत नहीं कर सकते। ऐसे प्रोडक्ट्स से बचकर रहना ही सही होता है। अगर प्रोडक्ट पर कॉन्टैक्ट डिटेल्स मौजूद हैं तो आपको वेबसाइट पर जाकर या बताए गए नंबर्स पर फोन करके वेरिफाई करना चाहिए। इससे आपको कंपनी के प्रोडक्ट की असलियत के बारे में जानकारी मिल सकती है। अगर ऑनलाइन शॉपिंग कर रहे हैं तो नकली प्रोडक्ट्स से बचने के लिए  प्रोडक्ट की वेबसाइट पर जाएं।

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