11 लाख कर्ज था, किसान ने लगाई फांसी

veerendra singh

Publish: Jun, 19 2017 11:19:00 (IST)

Sehore, Madhya Pradesh, India
11 लाख कर्ज था, किसान ने लगाई फांसी

मृतक का बेटा बोला कर्ज के बोझ तले लगाई उसके पिता ने फांसी, दो सप्ताह के भीतर जिले में किसानों के मौत को गले लगाने का पांचवां मामला


सीहोर/ दोराहा.
कर्ज के बोझ तले दोराहा थाने में आने वाले ग्राम जमोनियाखुर्द में एक और किसान ने अपने ही घर में फांसी लगाकर मौत को गले लगा लिया। किसान पर 11 लाख रुपए का कर्ज था, जिसे वह पटा नहीं पा रहा था। परिजनों का कहना है कि मृतक किसान ने अपनी दो बेटियों के विवाह के लिए भी साहूकारों से कर्ज लिया था और वह तंग आर्थिक हालातों से कर्ज नहीं चुका पा रहा। इसके साथ दो अन्य अविवाहित बेटियों के विवाह की चिंता में भी मानसिक तनाव में थे।

जानकारी के मुताबिक किसान जमोनियाखुर्द निवासी वंंशीलाल पिता हीरालाल मीणा (54) ने रविवार की देर रात अपने ही मकान में फांसी लगाकर जान दे दी। इस मामले में घटना के बाद मृतक के भतीजे और ग्राम सरपंच जगदीश पटेल ने बताया कि मृतक किसान वंंशीलाल मीना पर पंजाब नेशनल बैंक में करीब 2.50 लाख का कर्ज है वहीं 56  हजार रुपए सोसाइटी के भी देने हैं। मृतक के बेटे मनोज ने बताया कि उसके पिता ने खेत पर कुआं खुदवाने और उसकी दो बड़ी बहनों के विवाह के लिए लिए भी साहूकारों से कर्ज लिया था। उन पर बैंक, सोसाइटी सहित साहूकारों का करीब 11 लाख रुपए कर्ज हो गया था। इन कारणों से लगातार तनाव में रहते थे।

मृतक किसान वंशीलाल मीना के पास करीब 9 एकड़ जमीन है और मृतक किसान की 4 लडकियां है। किसान अपनी दो लड़कियां का विवाह कर चुका है। इसके अलावा उसे अविवाहित दो अन्य दो लड़कियों के विवाह को लेकर भी वह मानसिक तनाव में था। इस मामले में घटना के बाद झरखेड़ा सोसायटी चैयरमेन हीरालाल पाटीदार ने बताया कि मृतक किसान वंशीलाल पर करीब 56 हजार का कर्ज था।

किसान वंशीलाल के फांसी लगाने से परिजनों के रो-रोकर बुरे हाल हैं। परिजनों के अलावा पूरा गांव वंशीलाल की मौत के बाद से आवक  रह गया। ग्रामीणों की माने तो सोमवार सुबह जब परिवार वालों ने देखा तो वंशीलाल को फांसी पर लटका देखा तो घबरा गए और आस-पास के लोगों और पुलिस को इसकी सूचना दी। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

मामले में जांच की जा रही है। जांच के बाद मौत के कारणों का खुलासा होगा। कर्ज लेने की बात भी सामने आई है, लेकिन बिना पड़ताल के अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। -मोतीलाल अहिरवार, तहसीलदार श्यामपुर
 

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