एक डिग्री से भी नीचे लुढ़का पारा, पाला पडऩे से फसलें बर्बाद

bharat pandey

Publish: Jan, 13 2017 11:54:00 (IST)

Sehore, Madhya Pradesh, India
एक डिग्री से भी नीचे लुढ़का पारा, पाला पडऩे से फसलें बर्बाद

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट, सीहोर और श्यामपुर तहसील सबसे अधिक प्रभावित, फसलों पर भी असर


जावर/श्यामपुर। गुरुवार-शुक्रवार रात कड़ाके की सर्दी के बीच इस साल का सबसे कम तापमान दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान एक डिग्री से नीचे खिसकर 0.9 डिग्री तक पहुंच गया। शीतलहर ने फसलों पर ओस की बूंदे जमा दी तो कई जगह पाले ने फसलों को झुलसा दिया। कई जगह से फसलों के झुलसने की बातें सामने आई।

कड़ाके की सर्दी का असर शुक्रवार पूरा दिन भी दिखाई दिया। दिनभर लोग ठिठुरते दिखाई दिए। यह पहला अवसर था जब दिन के समय लोगों को आग का सहारा लेना पड़ा। इधर मौसम विभाग ने मौसम की सलाह के साथ रेड अलर्ट जारी कर क्षेत्र में आने वाले 48  घंटे पाले का असर बताया है। कड़ाके की सर्दी ने आम जनजीवन को भी प्रभावित किया। शीतलहर के बीच शाम छह बजे से ही शहर की सड़के सुनसान दिखाई देने लगी।

48  घंटे का रेड अलर्ट
आरएके कालेज के मौसम विज्ञान केन्द्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएस तोमर ने बताया कि लगातार शीतलहर की चपेट में होने से जिले के कई हिस्सों में पाले का असर देखा जा रहा है। जिला मुख्यालय व श्यामपुर तहसील इसकी सबसे अधिक चपेट में है। उन्होंने अगले 48  घंटे जिले में पाले का रेड अलर्ट की चेतावनी भी जारी की है। उन्होंने बताया कि उत्तर-पूर्व से लगातार ठंडी हवाएं आ रही है, जिससे तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है।

काले पड़ गए पत्ते, जम गई ओस
जिला मुख्यालय के बिजौरी, जमोनिया, मुंगावली सहित श्यामपुर तहसील के कई गांवों में खेतों में ओस की बूंदे जमी नजर आई। फसलें मुरझाई और कई जगह झुलस गईं हैं। गेहू, चना, मसूर सहित आलू, मटर, धनिया सहित सब्जी की फसल पर पाले का असर देखा जा रहा है। इधर कृषि विभाग की माने तो फिलहाल नुकसान की बात सामने नहीं आई है। विभाग के अधिकारी खेतों में टीमें भेजने की बात तो कह रहे हंै।

दूसरी बार एक डिग्री से नीचे पहुंचा पारा
बीते छह साल में यह दूसरा मौका था जब न्यूनतम तापमान जिले में एक डिग्री से नीचे उतरा है। इसके पूर्व पांच जनवरी 2011 की सुबह न्यूनतम तापमान -.3 डिग्री दर्ज किया गया था। इस वर्ष कम से कम पांच बार तापमान दो डिग्री या इससे नीचे दर्ज किया गया था।

 फसलों को बचाने ये कदम उठाएं  
पाले की संभावना होने पर खेतों में हल्की सिंचाई करे किसान। सुबह चार बजे खेतों में धुआं करें। सल्फर डस्ट का 8  से 10 किग्रा प्रति एकड़ छिड़कांव करे।जैविक उपाए में गोमूत्र का पंप से छिड़कांव किया जा सकता है। थायो यूरिया का जमीन के अनुरूप छिड़कांव कर फसलों को बचाया जा सकता है।

किसान बोले, धनिया, आलू, गोभी, टमाटर, मिर्च की फसले हो गईं बर्बाद
 पाले से एक एकड़ में लगी धनिया, ढाई एकड़ में आलू और आठ एकड़ की मसूर प्रभावित हुई है। धनिया और आलू की पत्तियां तो जल गई है।   आलू नष्ट होने से हमें कम से कम 80 हजार रुपए का नुकसान हुआ है। फोन करने के बाद कृषि विभाग के कर्मचारी  देखने नहीं आए।
रामपाल पाटिल, श्यामपुर बड़ला

 दो एकड़ में गोभी और टमाटर की फसलें पाला से प्रभावित हुई है। दोनों के पौधे  जल गए है़। तहसीलदार को शिकायत दर्ज कराई है, उन्होंने पटवारी को मुआयना करने के लिए भी भेजा है। हमारा 50 हजार से अधिक का नुकसान हुआ है। दोपहर में फसल पूरी तरह मुरझा गई।
हृदेश राठौर, ग्राम बिजौरी

 तीन एकड़ रकबे में लगी गोभी और मिर्च की फसलें बुरी तरह से प्रभावित हुई है। पाला पडऩे से दोनों फसलों के पत्ते जल गए है। पूरी फसल ऐसे मुरझाई थी जैसे लपटों की चपेट में आई हो। हमने फोटो खींचकर कृषि विभाग के कर्मचारियों को दिए है। लेकिन कोई देखने नहीं पहुचंा।
विष्णुप्रसाद पाटीदार, श्यामपुर

अधिकारी ने कहा, हमने टीमों को मौके की जांच के लिए भेजा है
 कुछ जगह से सूचनाएं मिली है, हमने टीमों को मौके की जांच के लिए भेजा है, फिलहाल पाले से नुकसान जैसी स्थिति नहीं बनी है। फिर भी हम नजर बनाए रखे हुए है। जहां भी नुकसान होगा हम सर्वे टीम भेज कर प्रकरण बनवाएगें। हमने किसानों को ऐहतियातन उपाए करने की सलाह भी दी है। हम लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
अविनाश चतुर्वेदी, उपसंचालक कृषि

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