भागवत कथा दिव्यता भरा ग्रंथ : घनश्याम शास्त्री

Santosh Dubey

Publish: Feb, 16 2017 10:02:00 (IST)

Seoni, Madhya Pradesh, India
भागवत कथा दिव्यता भरा ग्रंथ : घनश्याम शास्त्री

ढुटेरा में जारी श्रीमद् भागवत कथा

सिवनी. मन बहुत चंचल होता है। इसको हमेशा सत्कर्म में लगाकर रखना चाहिए। धर्म में आचरण की महत्ता को समझना चाहिए। आचरण का पालन करने से हमारे कर्म की पहचान होती है। उक्ताशय की बात केवलारी विकासखण्ड के ग्राम पंचायत ढुटेरा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ में कथा वाचक पं. घनश्याम प्रसाद शास्त्री महाराजपुर सतना निवासी ने श्रद्धालुजनों से कही।
उन्होंने आगे कहा कि भागवत कथा दिव्यता भरा ग्रंथ है। यह भगवान और भक्त के बीच की दूरी कम करता है। इसके हर शब्द में कर्म सुधार, प्रसन्न चित्त रहने और दीन दुखियों की सेवा का संदेश छुपा है। इन्हीं कार्यों से मनुष्य भवसागर पार कर मोक्ष कर प्राप्त कर सकता है। उन्होंने आगे कहा कि भागवत सुनने से पशु-पक्षियों को भी मोक्ष मिल जाता है। भागवत हमें जीवन के सही उद्देश्यों को याद रख गलतियों से बचाती है।

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