स्वास्थ्य राज्यमंत्री के प्रभार वाले जिला अस्पताल के मरीजों के जख्मों पर गिर रहा पानी

santosh dubey

Publish: Jul, 18 2017 12:41:00 (IST)

Seoni, Madhya Pradesh, India
 स्वास्थ्य राज्यमंत्री के प्रभार वाले जिला अस्पताल के मरीजों के जख्मों पर गिर रहा पानी

जिला अस्पताल के वार्डों में छाता लगाकर रह रहे मरीज, बदहाली से सभी परेशान


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सिवनी. सूबे के स्वास्थ्य राज्यमंत्री शरद जैन के प्रभार वाला सिवनी जिला अस्पताल की छत से पानी टपक रहा है। मरीज व उसके तीमारदार बारिश शुरू होते ही छाता तानकर छत से टपकते पानी से बचने का प्रयास करते हैं। जिन मरीजों के पास छाता नहीं होता वह पलंग के नीचे छुप जाते हैं। बारिश में छत से मरीजों के जख्मों पर पानी गिरने से उनकी समस्या और भी बढ़ गई हैं।

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जख्मों में गिर रहा पानी
मेल सर्जिकल वार्ड के पलंग नम्बर नौ में भर्ती मरीज भैरोगंज निवासी रवि यादव ने अपनी पीड़ा में बताया कि नागपुर मजदूरी में वह गया था। नागपुर स्टेशन में खड़ी मालगाड़ी के नीचे से निकलते समय सिंगनल मिलने पर मालगाड़ी चलने लगी। हड़बड़ाहट में जब वह निकला तो पेट का कपड़ा फंस गया और दोनों टांगे कट गई। नागपुर अस्पताल में उपचार के बाद गृह नगर जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती हुआ हुआ। 8 जुलाई से यहां भर्ती मरीज रवि के दोनों पैरों की रोज मल्हम पट्टी की जा रही है लेकिन वार्ड की छत से टपकते पानी के कारण वह पलंग से नीचे भी नहीं उतर सकता और पैरों के जख्मों में बारिश का पानी टपकता रहता है।

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वहीं पलंग नम्बर आठ में भर्ती मरीज रसूल बाबा ने बताया कि वह यहां छह दिन से भर्ती है। बारिश के कारण छत से काफी पानी टपकता है इससे बचने के लिए वह पलंग के नीचे अपना बिस्तर लगाकर सोना पड़ता है।
इसी प्रकार मरीज अर्जुन सिंह यादव ने बताया कि पलंग के ऊपर पानी गिरने से यहां-वहां सूखे स्थान पर जाना पड़ता है।
हर ओर समस्या
जिला अस्पताल के ऊपर के वार्डों में मेल सर्जिकल, आईसोलेशन वार्ड, महिला मेडिकल, महिला सर्जिकल, आईसीयू, स्टोर रूम, सिस्टर रूम आदि कमरों की छतों से लगातार बारिश का पानी अंदर टपक रहा है। जहां बिजली फिटिंग है उस स्थान की दीवारें पानी से गीली हैं। ऐसे में कभी भी करंट, सार्टसर्किट हो जाए इससे भी इंकार नहीं किया जा सकता है। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने बताया कि छत से पानी टपकने की शिकायत पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को लिखित व मौखिक रूप से कई बार कर दी गई है।
वॉटर प्रूफिंग का असर नहीं
अस्पताल का भवन बहुत पुराना है। इससे यहां ज्यादा सुधार कार्य नहीं हो पाता है। बारिश के पहले वॉटर प्रूफिंग कराई गई थी, लेकिन उसका ज्यादा असर नहीं हुआ।
डॉ. पी. सूर्या, आरएमओ,
जिला अस्पताल सिवनी।
इनका कहना है


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रेल हादसे में दोनों टांगे कट गई है। पैरों के घाव सूख नहीं पा रहे हैं और इन्हीं घावों में छत का पानी टकपता है।
रवि यादव, मरीज निवासी भैरोगंज।
इनका कहना है


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छत से टपकती पानी की बूंदों से बचने के लिए वार्ड के पलंग के नीचे रात में सोने मजबूर होना पड़ता है। फिर भी गीली जमीन से बिस्तर गीले हो जाते हैं।
रसूल बाबा, मरीज
इनका कहना है


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पानी की बूंद से बचने के लिए सूखे स्थान की तलाश में किसी दूसरे मरीज के पलंग के पास जगह बनाकर बैठना पड़ता है।
अर्जुन सिंह यादव

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