जहां सीएम ने किया था खनन रोकने का ऐलान, वहीं छलनी हो रही माँ नर्मदा

shubham singh

Publish: Apr, 21 2017 12:16:00 (IST)

Shahdol, Madhya Pradesh, India
 जहां सीएम ने किया था खनन रोकने का ऐलान, वहीं छलनी हो रही माँ नर्मदा

उद्गम से डिंडौरी मण्डला तक नर्मदा को छलनी कर रहे माफिया- कहीं नाव बनाकर तो कहीं पर बड़ी मशीनों से रेत का अवैध खनन 

शुभम बघेल@ शहडोल/अमरकंटक/डिंडौरी
(पत्रिका लाइव: एक दर्जन नर्मदा से सटे गांवों का दौरा)
मां नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक से डिंडौरी और मण्डला तक  जगह- जगह पर खनन माफियाओं द्वारा छलनी किया जा रहा है। विडबना की बात तो यह है कि नमामि नर्मदा यात्रा के शुभारंभ के दौरान जहां-जहां नर्मदा घाटों पर सीएम शिवराज ने खनन न होने का एलान किया था, उन्ही जगहों पर खुलेआम रेत का खनन किया जा रहा है। खननअमरकंटक के जंगलों से शुरू होकर डिंडौरी और मंडला के आधा दर्जन से अधिक गांवों तक चलता है। कहीं पर नाव बनाकर नर्मदा नदी से रेत निकालकर बड़े वाहनों से परिवहन कराया जा रहा है तो कहीं पर बड़ी मशीन लगाकर नर्मदा को छलनी कर रहे हैं। ऐसा भी नहीं है कि इसकी जानकारी पुलिस, प्रशासन और खनिज विभाग के अधिकारियों को न हो। सुबह से देर रात तक माफियाओं द्वारा नदियों से रेत निकाली जाती है, लेकिन पुलिस और खनिज विभाग दोनों ने चुप्पी साधी है। गर्मी के चलते नदियों में जलस्तर कम होने के चलते रेत का अवैध खनन और परिवहन और ज्यादा बढ़ गया है। नदियां सूखने की स्थिति में सुबह से ही माफिया रेत का अवैध तरीके से खनन कराने के बाद परिवहन करा रहे हैं। 
दिन में नाव से निकासी, अंधेरे में आती हैं गाडिय़ां
डिंडौरी और मण्डला में नर्मदा नदी से दिनभर नाव से रेत निकाली जाती है।  माफियाओं द्वारा इसके लिए मजदूरों को लगाया जाता है। रेत निकासी के बाद एक जगह पर इकट्ठा किया जाता है। अंधेरा होते ही बड़े वाहन और ट्रैक्टर पहुंचते हैं। जिनके माध्यम से रेत परिवहन किया जाता है। मजदूरों ने बताया कि एक ट्राली के एवज में 800 रूपए माफिया द्वारा दिया जाता है। लगभग दस ट्राली होने पर खनन माफियाओं को फोन पर जानकारी दे दी जाती है। 
जंगली और सुनसान इलाको पर माफियाओं का नाका
पुलिस और खनिज विभाग की कार्रवाई से बचने के लिए माफियाओं का जोर  जंगली और सुनसान इलाकों पर होता है। पत्रिका टीम डिंडौरी के गोरखपुर नर्मदा नदी पर पहुंची। पथरीले रास्ते के साथ माफियाओं ने जगह- जगह बड़े बड़े गढ्डे कर रखे थे। इन रास्तों पर गाडिय़ां गुजारने के पहले वाहन में माफिया मुरूम लेकर पहुंचते हैं और रास्ते को समतल करते हुए नदी तक पहुंचते हैं और रेत को लोड करके लौटते हैं। इतना ही नहीं, माफियाओं ने जंगल के भीतर अपने अलग अलग नाका बना कर रखा है। संदिग्ध व्यक्ति के नाका पार करने की भनक लगते ही सभी मजदूर अलर्ट हो जाते हैं।
अमरकंटक: दमगढ़ से शुरु होता है खनन
अमरकंटक से नर्मदा निकलने के बाद दमगढ, फर्रीसेमर सहित लगभग 15 गांवों से गुजरती हैं। यहां दमगड़ से ही रेत का खनन शुरू हो जाता है। जंगली क्षेत्र होने के कारण पुलिस और विभाग को भनक नहीं लग पाती है। हर दिन सिर्फ अमरकंटक के इस क्षेत्र से 5 से 10 ट्रालियां रेत निकलती है।
डिंडौरी: गाड़ासरई गोरखपुर में सबसे ज्यादा खनन
डिंडौरी के गाड़ासरई, गोरखपुर से सबसे ज्यादा रेत का खनन होता है। हर दिन यहां लगभग 50 ट्रालियां रेत निकासी होती है। गाड़ासरई के पाटन में नाव से रेत निकाली जाती है। इसी तरह मछिहाखार, लिखनी, पथरकूचा, सिवनी संगम और गोरखपुर से बंजर टोला, रूसा, लालखाटी, शोभापुर, कोडिय़ा में रेत निकाली जाती है। गोरखपुर में रसूख के चलते एक नेता द्वारा खनन कराया जाता है। 
मंडला: स्थानीय नेता ही करा रहे खनन
जिले के तीन अलग अलग विकासखंडों मोहगांव, बिछिया, घुघरी के अनेक गांव नर्मदा किनारे बसे हुए हैं। हिरदेनगर, मोहगांव, घुघरी और बिछिया का रामनगर क्षेत्र है। जहां स्थानीय नेताओं और पुलिस विभाग की मिलीभगत से रेत की चोरी की जा रही है। जिले के नारा, दिवारा, हिरदेनगर, मोहगांव क्षेत्र में रेत माफियाओं के अलावा  ग्रामीण भी रेत उत्खनन में लगे हुए हैं। नारा, दिवारा, सीतारपटन क्षेत्र में ग्रामीणों द्वारा बंजर नदी को खोखला किया जा रहा है। इस क्षेत्र में कोई खदान स्वीकृत नहीं है। नदी का किनारा होने के कारण  सुबह से रात तक रेत निकासी का सिलसिला चलता है।
अधिकारी कहते हैं, छोड़ दो सरकारी काम के लिए है रेत
नाम न बताने की शर्त पर डिंडौरी के एक पुलिस अधिकारी का कहना था कि गाड़ासरई, गोरखपुर में अक्सर रेत की गाडिय़ां पकड़ते हैं। हम खुद रेत के परिवहन को लेकर परेशान हैं। गाडिय़ां पकड़ते ही अधिकारियों के फोन आने शुरू हो जाते हैं। अधिकारियों का कहना होता है कि सरकारी काम के लिए रेत ले जाई जा रही है, गाडिय़ां छोड़ दो। 

पुलिस की कार्रवाई से खनन मामले में नेताओं की भूमिका उजागर:
जिन जगहों पर सीएम शिवराज ने स्थानीय नेता, पुलिस और आला अफसरों को खनन में रोक लगाने की दिशा में शपथ दिलाई थी। वहीं पर स्थानीय नेता खनन करा रहे हैं।  पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई में यह बात सामने आ चुकी है। डिंडौरी पुलिस ने कई वाहनों के खिलाफ खनन मामले में कार्रवाई की थी। जिनमें स्थानीय नेता के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने बताया कि डिंडौरी निवासी लालजी साहू और विनोद साहू, उमेश खाण्डे के खिलाफ अवैध परिवहन पर कार्रवाई की जा चुकी है। तीनों ही राजनीतिक पार्टियों के सक्रिय पदाधिकारी हैं। लालजी साहू भाजपा का पदाधिकारी भी था। पूर्व में भी खनन मामलों में पुलिस ने इनकी गाडिय़ां पकड़ी जा चुकी है।

अमरकंटक के जंगली क्षेत्रों में नर्मदा से रेत खनन की जानकारी मेरे संज्ञान में नहीं है। रेत का खनन हो रहा है तो टीम बनाई जाएगी और नर्मदा घाटों पर कार्रवाई कराई जाएगी।
सुनील जैन, एसपी अनूपपुर

हां गोरखपुर, गाड़ासरई में अवैध खनन की जानकारी मेरे संज्ञान में आई है। हमने पहले कई मर्तबा टीम भेजकर यहां पर कार्रवाई कराई है। दोबारा नर्मदा घाटों से रेत का खनन हो रहा है तो कार्रवाई कराई जाएगी।
शिमाला प्रसाद, एसपी डिंडौरी


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