स्टूडेंट्स ने टीचर्स स्टॉफ को दो घंटे कमरे में रखा कैद

Lalit Saxena

Publish: Feb, 17 2017 01:07:00 (IST)

Shajapur, Madhya Pradesh, India
स्टूडेंट्स ने टीचर्स स्टॉफ को दो घंटे कमरे में रखा कैद

शासकीय जवाहरलाल नेहरू कॉलेज के छात्रों ने गुरुवार को अव्यवस्थाओं से परेशान होकर प्रभारी प्राचार्य सहित आधा दर्जन प्राध्यापकों व नान टिचिंग स्टाफ को कक्षों में बंद कर दिया। 

शुजालपुर. शासकीय जवाहरलाल नेहरू कॉलेज के छात्रों ने गुरुवार को अव्यवस्थाओं से परेशान होकर प्रभारी प्राचार्य सहित आधा दर्जन प्राध्यापकों व नान टिचिंग स्टाफ को कक्षों में बंद कर दिया। इसके चलते दो घंटे तक प्राचार्य कक्ष व स्टाफ रूम के दरवाजे बाहर से बंद रहे और आक्रोशित छात्र बाहर बरामदे में धरना देकर बैठ गए। छात्रों ने पुलिस की भी बात नहीं मानी और तहसीलदार तथा एसडीएम से हुई चर्चा के बाद दरवाजे खोले।

छात्र आक्रोशित हो गए
गुरुवार सुबह शासकीय कॉलेज के कक्षों में विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए उपस्थित थे, लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए प्राध्यापक कक्षों में नहीं पहुंचे तो छात्र आक्रोशित हो गए। एक छात्र ने स्टाफ रूम में मौजूद एक महिला प्राध्यापक से अध्यापन कार्य नहीं कराने का कारण पूछा तो महिला प्राध्यापक भड़क गईं। इसके बाद मौजूद छात्रों ने प्राध्यापकों के स्टाफ रूम तथा प्राचार्य कक्ष के दरवाजे बाहर से बंद कर दिए। घटना की जानकारी लगने के बाद टीआई शुजालपुर सहित पुलिस बल कॉलेज पहुंचा, जिन्होंने छात्रों ने चर्चा की, लेकिन छात्र दरवाजे खोलने को तैयार नहीं हुए। दो घंटे बाद तहसीलदार शुजालपुर आनंद मालवीया व एसडीएम गिरीशकुमार मिश्रा कॉलेज पहुंचे व छात्रों ने चर्चा कर प्राध्यापकों को मुक्त कराया।

students locked in teaching staff

छात्रों ने लगाया गंभीर आरोप
एसडीएम ने घटना के बाद विभिन्न कक्षाओं में अध्ययनरत कॉलेज के छात्रों से चर्चा की तो छात्रों ने खुलकर कॉलेज प्रशासन की पोल खोली तथा जनभागीदारी के कायाकल्पों को भी आड़े हाथ लिया। छात्र लोकेंद्र परमार का कहना था कि प्राचार्य जीआर गांगले अपडाउन करते हैं इसके कारण अन्य प्राध्यापक भी समय के पूर्व ही कॉलेज छोड़ देते हैं। गुरुवार को भी कई प्राध्यापक कॉलेज में मौजूद नहीं थे, कुछ प्राध्यापक ऐसे भी बताए गए जिन्होंने पूरे इस वर्ष में दो क्लास भी नहीं ली। छात्र योगेश परमार, नीलेश यादव, नितिन शर्मा आदि ने भी कक्षाओं में प्राध्यापकों के नहीं आने, वाचनालय में छात्रों के साथ अनुचित व्यवहार होने के साथ ही कॉलेज को अय्याशी का अड्डा बनने की भी बात कही। उधर अभाविप परिषद की नगर इकाई ने घटना के बाद प्रभारी प्राचार्य कुसुम जाजू व एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा कि कॉलेज में अधिकांश प्राध्यापक व प्राचार्य समय पर नहीं आते। कक्षाएं नहीं लग रही, शिक्षक समय के पूर्व ही कॉलेज छोड़ देते हैं। कक्षाओं, परिसर व शौचालय की सफाई नहीं होती। कॉलेज प्रशासन मनमानी कर रहा है।


एसडीएम ने ली प्राध्यापकों की क्लास
छात्रों से चर्चा उपरांत एसडीएम ने प्रभारी प्रचार्य व प्राध्यापकों से बैठक कर चर्चा की। सात दिन में समस्याओं का निराकरण करने सहित पुस्तकालय की व्यवस्था दुरुस्त करने, नियमित क्लास लगने के साथ ही प्राध्यापकों की उपस्थिति बॉयोमेट्रिक मशीन से जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए। बताया जाता है कि कॉलेज में दो बायोमेट्रिक मशीन हैं, लेकिन उपयोग नहीं हो रहा है।

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