दो दिनों के बाद जिन्दगी की जंग हार गई रीता 

Siddharthnagar, Uttar Pradesh, India
दो दिनों के बाद जिन्दगी की जंग हार गई रीता 
सिद्धार्थनगर.  त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के बलुआ गांव में बुधवार को संदेस्पद हाल में झुलसे पति-पत्नी में रीता गुरुवार की रात जिन्दगी की जंग हार गई। देर रात गोरखपुर मेडिकल कालेज में इलाज के दौरान उसे दम तोड़ दिया। पति कौशिल्या नन्दन का इलाज गोरखपुर में चल रहा है। जहां पर उसकी हालत चिन्ताजनक बताई जा रही है। शुक्रवार को गोरखपुर से आए शव का परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया है। 

त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के गोपिया गांव निवासी रीता (32) की 12 वर्ष पूर्व बलुआ निवासी कौशिल्या नन्दन उर्फ गज्जू के साथ शादी हुई थी। ग्रामीणों के मुताबिक शादी के शुरूआती दौर में दोनों परिवारिक जीवन को लेकर काफी खुशहाल थे। दोनों के पास सात बच्चे भी हैं। हाल के दिनों में पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर तकरार चल रही थी। जिसको लेकर आए दिन झगडे़ होते रहते थे। ग्रामीणों के समझाने बुझाने के बाद जाकर मामला शांत होता था। 

बुधवार सुबह में रीता संदेहस्पद हाल में जलने लगी थी, पत्नी को जलता देख बचाने पहुंचे पति कौशिल्या नन्दन भी आग की चपेट में आ गया था। दोनों का दो दिनों से गोरखपुर मेडिकल कालेज में इलाज चल रहा था। गुरूवार रात में हालत बिगड़ने से इलाज के दौरान रीता ने दमतोड़ दिया। कौशिल्या नन्दन का इलाज अभी चल रहा है। हालत में काफी सुधार बताई जा रही है। उधर रीता के मौत की खबर को लेकर बलुआ गांव में शोक है। शुक्रवार को मेडिकल कालेज से आए शव का परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया।  

मासूम बच्चों के सिर उठ गया मां का आंचल
रीता की मौत से उनके मासूम सात बच्चों के सिर से मां का आंचल उठा गया। अबोध बच्चे आखिर किसके उंगली को पकड़ कर बचपन के दिन बिताएंगे। मासूम बच्चों के दर्द को देखकर ढाढ़स बंधाने पहुंचने वाले हर किसी का आंखे गम से नम हो जा रही हंै।

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