प्रशासन ने नहीं सुनी दलील, बहेरवार के 39 परिवारों के घरौंदे पर चलाया जेसीबी

suresh mishra

Publish: Dec, 01 2016 11:29:00 (IST)

Sidhi, Madhya Pradesh, India
 प्रशासन ने नहीं सुनी दलील, बहेरवार के 39 परिवारों के घरौंदे पर चलाया जेसीबी

संजय टाइगर रिजर्व एरिया के कोर जोन में बसे बहेरवार गांव में बुधवार को वन एवं राजस्व अमले ने संयुक्त कार्रवाई की। कुसमी ब्लॉक के इस गांव में प्रशासन ने भारी विरोध के बावजूद आदिवासी परिवारों के घरों पर जेसीबी चलवा दी। कार्रवाई के बाद 39 परिवार बेघर हो गए।


सीधी
संजय टाइगर रिजर्व एरिया के कोर जोन में बसे बहेरवार गांव में बुधवार को वन एवं राजस्व अमले ने संयुक्त कार्रवाई की। कुसमी ब्लॉक के इस गांव में प्रशासन ने भारी विरोध के बावजूद आदिवासी परिवारों के घरों पर जेसीबी चलवा दी। कार्रवाई के बाद 39 परिवार बेघर हो गए।

दरअसल, संजय टाइगर रिजर्व एरिया से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया अर्से से चल रही है। इसी तारतम्य में गत दिनों कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर यहां के रहवासियों का विस्थापन संंबंधी नोटिस दिया था। जिसमें मकान खाली करने के लिए सात दिन का मौका दिया गया था, लेकिन विस्थापितों ने मकान खाली नहीं किए। लिहाजा प्रशासन को सख्ती बरतनी पड़ी।  


मुआवजे की विसंगति को लेकर शिकायत
संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र के कोर जोन में बसे ग्रामीणों ने विस्थापन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।  उन्होंने मुआवजा स्वीकृति को लेकर भेदभाव का आरोप लगाया। बताया कि संबंधित अधिकारी सुविधा शुल्क लेकर मुआवजा निर्धारण की कार्रवाई की जा रही है, जिन ग्रामीणों ने सुविधा शुल्क नहीं दी उन्हें कम राशि निर्धारित की गई है। बहेरवार गांव के रहवासियों की भी यही शिकायत है। बुधवार को अतिक्रमण हटाने के दौरान भी वे विभागीय अधिकारियों से उचित मुआवजे की मांग करते रहे।  

पीडि़तों ने बयां किया दर्द...
पूर्वजों ने घर बनाया था। वन अमले ने हमें यहां का निवासी नहीं मान रहे व मुआवजे की राशि को लेकर भेदभाव किया जा रहा है।
कमलेश कुमारी सिंह, पीडि़त

मतदाता सूची व पात्रता सर्वे सूची में परिवार के सदस्यों का नाम होने के बावजूद वन विभाग ने तीसरे सर्वे में इस लिए अपात्र कर दिया, क्योंकि कमीशन की शर्त नहीं मानी

रामगोपाल सिंह, पीडि़त

विभाग ने लीगल नोटिस नहीं दिया। समाचार पत्र के माध्यम से पता चला था कि 30 नवंबर को अतिक्रमण हटाया जाना है। हमने कोर्ट में याचिका दायर की है, 1 दिसंबर को  सुनवाई होनी है। यहां तो अफसरों ने घरों से सामान निकालने तक का समय नहीं दिया।  

बीरेंद्र सिंह, पीडि़त

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