देश में बनेगा फूड बैंक, जरूरतमंदों को मिलेगा मुफ्त ब्रांडेड भोजन

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देश में बनेगा फूड बैंक, जरूरतमंदों को मिलेगा मुफ्त ब्रांडेड भोजन

एफएसएसएआई ने देश में हर साल खराब होने वाले ब्रांडेड खाद्य पदार्थों की एक्सपायरी की वजह से खराब होने से बचाने के लिए कमर कस ली है। एफएसएसएआई इसे अमली जीमी पहनाने के लिए फूड बैंक बनाने पर विचार कर रहा है। इस फूड बैंक में एक्सपायरी से दो माह पूर्व ही कंपनियों से उनके उत्पाद को लाकर रखा जाएगा। इसके बाद इसे देश के गरीबों व जरूरतमंदों तक फ्री या फिर कम दामों पर सप्लाई की जाएगी। 

नई दिल्ली. देश में एक तरफ पश्चमी संस्कृति के बढ़ते चलन की वजह से भारी मात्रा में भोजन की बर्बादी बढ़ रही है। वहीं, अब भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने देश में हर साल खराब होने वाले ब्रांडेड खाद्य पदार्थों की एक्सपायरी की वजह से खराब होने से बचाने के लिए कमर कस ली है। एफएसएसएआई इसे अमली जीमी पहनाने के लिए फूड बैंक बनाने पर विचार कर रहा है। इस फूड बैंक में एक्सपायरी से दो माह पूर्व ही कंपनियों से उनके उत्पाद को लाकर रखा जाएगा। इसके बाद इसे देश के गरीबों व जरूरतमंदों तक फ्री या फिर कम दामों पर सप्लाई की जाएगी। इससे एक ओर जहां हर साल लाखों टन ब्रांडेड खाद्य पदार्थ खराब होने से बच जाएगा, वहीं करोड़ों जरूरतमंदों की जरूरत भी पूरी हो जाएगी।

कई कंपनियों ने दिखाई दिलचस्पी
भारत में पैकेज्ड फूड की बर्बादी रोकने और बर्बाद होने से पहले खाने को जरूरतमंद लोगों को तक पहुंचाने के लिए बनाया जाने वाला फूड बैंक अपनी तरह का एक अनोखा बैंक होगा। इसके लिए एफएसएसएआई फूड कंपनियों से बात कर रहा है। फूड बैंक योजना में पैकेड्ज फूड को एक्सपायरी से 2 महीने पहले स्टोर से हटा लिया जाएगा और उसे जरूरतमंदों लोगों को सस्ते दाम या मुफ्त में बांट दिया जाएगा। एफएसएसएआई की इस योजना में कई कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है।

एफएसएसएआई के बारे में भी जानें
एफएसएसएआई मानव उपभोग के लिए पौष्टिक भोजन के उत्पादन, भंडारण, वितरण, बिक्री और आयात के सुरक्षित उपलब्धता को सुनिश्चित करने का काम करता है। इसका संचालन भारत सरकार के स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत किया जाता है। इसका मुख्‍यालय दि‍ल्ली में है, जो राज्‍यों के खाद्य सुरक्षा अधिनियम के विभिन्‍न प्रावधानों को लागू करने का काम करता है। इसके अलावा यह देश के सभी राज्‍यों, जिला एवं ग्राम पंचायत स्‍तर पर खाद्य पदार्थों के उत्पादन और बिक्री के तय मानक को बनाए रखने में सहयोग करता है। साथ ही यह समय-समय पर खुदरा एवं थोक खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच भी करता है। केंद्र सरकार ने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) का गठन किया। जिसको 1 अगस्‍त, 2011 में केंद्र सरकार के खाद्य सुरक्षा और मानक विनिमय (पैकेजिंग एवं लेबलिंग) के तहत अधिसूचित किया गया। 

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