छात्रनेता से CM की कुर्सी तक, पलानीस्वामी ऐसे बने कद्दावर नेता 

Anuj Shukla

Publish: Feb, 16 2017 01:52:00 (IST)

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छात्रनेता से CM की कुर्सी तक, पलानीस्वामी ऐसे बने कद्दावर नेता 

किसान परिवार में पैदा हुए पलानीस्वामी कोंगु रीजन में सलेम जिले इदापडी इलाके से हैं। इदापडी सीट से वे 1989, 1991, 2011 और 2016 में विधायक चुने गए। 

चेन्नई. एक मामूली घर में जन्म और चार बार विधायक बनने के बाद पलानीस्वामी तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री हैं।  छात्र राजनीति से शुरुआत करने वाले इस नेता ने बेहद कम समय में तमिलनाडु के कद्दावर नेताओं में अपनी जगह बना ली। उनके पास अभी राजमार्ग, लोक निर्माण और लघु बंदरगाह विभाग है। वे जयललिता की अगुवाई वाली पूर्ववर्ती सरकार में भी मंत्री रहे। उनके पास उस वक्त भी यही विभाग थे। उनके पास करीब सात करोड़ रुपये की संपत्ति है।

किसान परिवार में जन्म हुआ, चार बार चुने गए विधायक 
किसान परिवार में पैदा हुए पलानीस्वामी कोंगु रीजन में सलेम जिले इदापडी इलाके से हैं। इदापडी सीट से वे 1989, 1991, 2011 और 2016 में विधायक चुने गए। वे गौंडर समुदाय से आते हैं। इस बैकवर्ड जाति को थेवर समुदाय के साथ एआईडीएमके का सबसे बड़ा वोट बैंक माना जाता है। शशिकला थेवर समुदाय से हैं। 1989 में पलामीस्वामी ने पहली बार चुनाव जीता। 2011 में एआईडीएमके सरकार में मंत्री बने। वे इदापडी सीट से 1989, 1991, 2011 और 2016 में विधायक चुने गए।

लोकसभा चुनाव भी जीत चुके हैं पलानीस्वामी

पलानीसामी ने छात्र नेता के तौर पर राजनीति में कदम रखा और एआईडीएमके से जुड़े। 1974 के बाद तेजी से उनका राजनीति कद बढ़ा। 1998 में उन्होंने तिरुचेंगोडे से लोकसभा चुनाव जीता। शशिकला ने उन्हें विधायक दल का नेता चुना है।पलानीस्वामी शशिकला और दिवंगत जयललिता दोनों के करीबी रहे हैं। उनकी छवि साफ-सुथरी रही है। राजमार्ग निर्माण विभाग में मंत्री के तौर पर उनके कामकाज की सराहना होती रही है। दिल का दौड़ा पडऩे के बाद जब जयललिता को अस्पताल में भर्ती कराया गया था तब मुख्यमंत्री पद के लिए उनका नाम भी सामने आया था। हालांकि बाद में पन्नीरसेल्वम को मुख्यमंत्री बनाया गया।

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