एसपी साहब का ये कैसा न्याय! TI से पिटने वाले आरक्षक को ही किया लाइन अटैच

pranayraj singh

Publish: Jul, 17 2017 10:00:00 (IST)

Surajpur
एसपी साहब का ये कैसा न्याय! TI से पिटने वाले आरक्षक को ही किया लाइन अटैच

जयनगर टीआई ने 12 जुलाई की रात शराब के नशे में आरक्षक के साथ की थी मारपीट, विभाग ने पीडि़त को ही दे दी सजा जबकि प्रारंभिक जांच में टीआई की गलती आई थी सामने

अंबिकापुर/बिश्रामपुर. जयनगर थाने के आरक्षक के साथ टीआई द्वारा मारपीट करने के मामले ने नाटकीय मोड़ ले लिया है। प्रारंभिक जांच में टीआई की गलती उजागर होने के बावजूद मार खाने वाले आरक्षक को ही एसपी ने लाइन अटैच कर दिया है। पीडि़त को आखिर विभाग से ये कैसा न्याय मिला, समझ से परे है।

शायद विभाग में सबसे निचले क्रम का कर्मचारी होने की वजह से उसकी न्याय की गुहार ही दब गई सजा भुगतनी पड़ गई। विभाग के इस कार्रवाई पर सवाल खड़े होने लगे हैं कि अगर कोई कर्मचारी अपने अधिकारी के गलत कृत्य के खिलाफ आवाज बुलंद करेगा तो क्या उसे इसी तरह दंडित किया जाएगा।

गौरतलब है कि 12 जुलाई की रात जयनगर थाने का आरक्षक नूतन किशोर कन्नौजिया सहकर्मी विकास सिंह के साथ जयनगर बाजार में प्वाइंट ड्यूटी कर रहा था। रात करीब डेढ़ बजे अंबिकापुर की ओर से आ रहे टीआई तेजनाथ सिंह आरक्षकों के पास रुके। उन्होंने नूतन से पूछा कि दूसरा आरक्षक कौन है?

उसने टीआई को विकास के बारे में जानकारी दी। नूतन का आरोप है कि इसके बाद अचानक टीआई आपा खो बैठे और अपशब्दों का प्रयोग करने लगे। इसका विरोध करने पर उन्होंने उसके साथ जमकर मारपीट भी की। तेजनाथ सिंह ने नूतन को जबरन अपनी गाड़ी में बिठाया और वे उसे लेकर थाने आ गए।

यहां भी उसके साथ मारपीट की गई। आरक्षक का आरोप है कि टीआई ने उसे थाने से भेजकर रोजनामचा रिपोर्ट में उसकी गैरहाजिरी भी डाल दी। पीडि़त ने मामले की शिकायत अंबिकापुर पहुंचकर आईजी हिमांशु गुप्ता से की थी।

प्रारंभिक जांच में टीआई की गलती आई थी सामने
मारपीट के मामले की जांच की जिम्मेदारी सीएसपी डीके सिंह को सौंपी गई थी। सीएसपी ने मामले में प्रारंभिक जांच के बाद बताया था टीआई की गलती नजर आ रही है। लेकिन जांच पूरी होने के बाद न जाने कैसा दबाव आया कि मामले ने नाटकीय मोड़ ले लिया और पीडि़त आरक्षक को ही सजा दे दी गई।

टीआई के हाथों मार खाने वाले आरक्षक नूतन कनौजिया को ही एसएसपी ने लाइन अटैच कर दिया है। पुलिस विभाग की ये कार्रवाई सवालों के घेरे में है। लोगों का कहना है कि पीडि़त को ही सजा देना समझ से परे है।

रिपोर्ट आईजी कार्यालय को भेज दी गई है
जांच पूर्ण कर ली गई है। रिपोर्ट आईजी कार्यालय को भेज दी गई है, इस संबंध में मैं कुछ नहीं बता पाऊंगा। फिलहाल आरक्षक को लाइन अटैच कर दिया गया है।
डीके सिंह, सीएसपी, सूरजपुर

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