शिक्षण समिति के शासनाधिकारी माखेचा पदमुक्त

Mukesh Sharma

Publish: Apr, 22 2017 12:11:00 (IST)

Surat, Gujarat, India
शिक्षण समिति के शासनाधिकारी माखेचा पदमुक्त

पिछले लंबे समय से विवादों में रहे मनपानगर प्राथमिक शिक्षण समिति के शासनाधिकारी हितेश माखेचा को मनपा

सूरत।पिछले लंबे समय से विवादों में रहे मनपानगर प्राथमिक शिक्षण समिति के शासनाधिकारी हितेश माखेचा को मनपा की स्थाई समिति के निर्णय के बाद शुक्रवार को पदमुक्त कर दिया गया। माखेचा पर सौराष्ट्र के केशोद बस दुर्घटना में मारे गए विद्यार्थियों के नाम पर शिक्षकों से राशि वसूली करने तथा परिजनों को नहीं लौटाने, बूट-मोजा के नाम पर धांधली करने जैसे गंभीर आरोप लगे थे।

मनपा की स्थाई समिति ने शुक्रवार को नगर प्राथमिक शिक्षण समिति के शासनाधिकारी को पदमुक्त कर दिया। माखेचा पिछले करीब तीन साल से प्रोवेशन पीरियड पर कार्य कर रहे थे। उनके प्रोवेशन पीरियड को खत्म कर स्थाई नियुक्ति देने के बजाए उनके कार्य पर असंतोष जताते हुए समिति ने उन्हें सेवा से मुक्त कर दिया।  हितेश माखेचा को सरकार के आदेश के बाद मनपा की खड़ी समिति ने नियुक्ति को मंजूरी दी थी। शासनाधिकारी के रूप में माखेचा छह मार्च, 2014 को ड्यूटी पर हाजिर हुए थे। शुरू में उन्हें छह महीने से एक साल की अवधि के लिए प्रोवेशन पीरियड पर रखा गया था। नगर प्राथमिक शिक्षण समिति के प्राशसनिक कार्य के दौरान उन पर कई आरोप लगे। बार-बार आरोपों के घेरे में रहने की वजह से उनकी सेवा की प्रोवेशन अवधि को बार-बार बढाई गई।

विवादों से गहरा नाता

नगर प्राथमिक शिक्षण समिति के बच्चों को पर्यटन के लिए सौराष्ट्र के केशोद ले जाया गया था। इसी बीच बस दुघटनाग्रस्त होने से बच्चों की जान चली गई थी। इन बच्चों के परिजनों को मुआवजा देने के लिए सभी शिक्षकों से योगदान राशि ली गई, लेकिन यह उनके अभिभावकों तक नहीं पहुंची। इस विवाद के बाद बच्चों को बूट और मोजे देने के नाम पर धांधली करने क आरोप लगा था। शिक्षण समिति की रद्दी बेचने के मामले में भी गड़बड़ी के आरोपों से घिरे थे। कई शिक्षकों के ड्यूटी पर हाजिर नहीं होते हुए भी वेतन लेने तो कुछ के वेतन के लिए बार-बार परेशान होने जैसे मामले भी शासनाधिकारी पर सवाल खड़े कर रहे थे। कतारगाम क्षेत्र के ललिता चौकड़ी स्थित शाला क्रमांक 289 की शिक्षिका सीमा राठौड़ स्कूल में गैरहाजिर रहते हुए भी वेतन ले रही थी। अडाजण की शिक्षिका ब्रिजना वाडिया बगैर एनओसी लिए विदेश चले जाने के बाद भी वेतन लेती रही। इसके अलावा लिंबायत की एक शिक्षिका सारंग वासंती को एक साल से वेतन नहीं दिया जा रहा था, उसे शारीरिक रूप से अस्वस्थ घोषित कर वेतन से वंचित किया गया था। इन अनियमितताओं के कारण शासनाधिकारी प्रशासन की नजर में पहले ही आ चुके थे।

नगर प्राथमिक शिस्थाई समिति अध्यक्ष राजेश देसाई ने बताया कि शासनाधिकारी की शिकायत मिलने पर उनका प्रोवेशन पीरियड कई बार बढ़ाते हुए तीन साल तक किया गया। इसके बाद भी उनकी कार्यप्रणाली में बदलाव नहीं देख मनपा प्रशासन के इस संबंध में आए प्रस्ताव पर उनके प्रोवेशन पीरियड नहीं बढ़ाया गया। इससे वह स्वत: पदमुक्त हो गए हैं।

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