जल-भराव पर गंभीर हुआ मनपा प्रशासन

Mukesh Sharma

Publish: Jul, 17 2017 09:36:00 (IST)

Surat, Gujarat, India
जल-भराव पर गंभीर हुआ मनपा प्रशासन

मानसून के पहले दौर में शहर में जगह-जगह पानी के जमाव ने अधिकारियों की परेशानी बढ़ा दी है। स्ट्रोम की सैकड़ों

सूरत।मानसून पहले दौर में शहर में जगह-जगह पानी के जमाव ने अधिकारियों की परेशानी बढ़ा दी है। स्ट्रोम की सैकड़ों किलोमीटर लाइन के बाद भी जल-जमाव से कई जगह लोगों का घरों से निकलना मुश्किल होता है। हाल ही ड्रेनेज कमेट की मैराथन मीटिंग में इस समस्या के स्थाई हल पर जोर दिया गया।

स्मार्ट हो रहे शहर में गांव-कस्बों की तरह गलियों-सड़कों पर पानी भरना बंद नहीं हुआ है। खासकर वराछा जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में 30 जगह जल-जमाव ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। गटर समिति की बैठक में सभी जोन अधिकारियों से जल-जमाव के सेंटर के विषय में जानकारी ली गई।

 सर्वाधिक सेंटर लिंबायत और वराछा जोन में मिले। शहर में खाडिय़ों के रिहेबिलिटेशन प्रोग्राम से कई जगह यह समस्या दूर हुई है। समिति अध्यक्ष सुधा नाहटा ने अधिकारियों को सभी जोन में तत्काल निराकरण के अलावा भविष्य को ध्यान में रखकर कार्रवाई करने को कहा। अधिकारियों को नए निर्माण की मंजूरी देते वक्त जमीन के लेवल का खास ध्यान रखने को कहा गया है, जिससे जल-जमाव की दिक्कत नहीं हो।

ड्रेनेज लाइन पर चर्चा


बैठक में शहर की 30 से 35 साल पुरानी ड्रेनेज लाइन  के संबंध में चर्चा हुई। समिति में ऐसी सभी पुरानी लाइनों को बदलने के संबंध में हो रही कार्रवाई की जानकारी दी गई। अब तक अठवा जोन में 90 फीसदी पुरानी लाइनों को बदल दिया गया है। वराछा में सौ फीसदी काम पूरा हुआ है। रांदेर जोन में पाल और पालनपुर को छोड़कर सभी जगह पुरानी लाइनें बदली गई हैं। सेंट्रल जोन में ड्रेनेज लाइन के मास्टर प्लान पर काम हो रहा है। यहां 40 फीसदी काम का टेंडर मंजूर कर वर्क ऑर्डर सौंपा जा चुका है। उधना में टीपी 56 बमरोली का काम पूरा हुआ है। यहां कुछ अन्य क्षेत्रों की पुरानी ड्रेनेज लाइनों को बदलना बाकी है।

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