पेट्रोल-सीएनजी पंप और वाहन विक्रेता पर छापा

Mukesh Sharma

Publish: Mar, 20 2017 11:29:00 (IST)

Surat, Gujarat, India
पेट्रोल-सीएनजी पंप और वाहन विक्रेता पर छापा

आयकर विभाग ने सोमवार को एक पेट्रोल पंप, सीएनजी पंप, एक वाहन विक्रेता और एक वेफर विक्रेता पर छापा

सूरत।आयकर विभाग ने सोमवार को एक पेट्रोल पंप, सीएनजी पंप, एक वाहन विक्रेता और एक वेफर विक्रेता पर छापा मारा। चारों जगह कार्रवाई देर रात जारी रही। विभाग ने बड़े पैमाने पर दस्तावेज जब्त किए हैं।

आयकर विभाग की रेंज-8 ने सोमवार दोपहर कतारगाम में एक पेट्रोल पंप और वाहन विक्रेता के यहां जांच शुरू की। बताया जा रहा है कि नोटबंदी के दौरान इन्होंने बैंक में ढाई करोड़ रुपए जमा कराए थे। इस जानकारी के आधार पर सर्वे की कार्रवाई की गई। इसके अलावा एक सीएनजी पंप और एक वेफर विक्रेता के यहां भी जांच शुरू की गई। चारों स्थानों पर आयकर विभाग की कार्रवाई देर रात जारी रही। जांच के बाद बड़ी रकम की कर चोरी पकड़े जाने का अनुमान है। उल्लेखनीय है कि आयकर विभाग ने नोटबंदी के दिनों में बड़ी रकम जमा करने वालों पर एक महीने से जांच का अभियान चला रखा है। अब तक 25 से अधिक स्थानों पर सर्वे की कार्रवाई की जा चुकी है। मार्च के अंत तक अन्य 20 स्थानों पर कार्रवाई के आसार हैं।
लक्ष्य से 400 करोड़ रुपए दूर

आयकर विभाग इस साल वसूली के निर्धारित लक्ष्य से 400 करोड़ रुपए दूर है। अब तक विभाग लगभग 4800 करोड़ रुपए वसूल कर चुका है। विभाग का कहना है कि इस बार वसूली निर्धारित लक्ष्य से अधिक रहेगी। सूत्रों के अनुसार सूरत कमिश्नरेट को वर्तमान वित्तीय वर्ष (2017-18) में टीडीएस के साथ 5233 करोड़ रुपए का लक्ष्य दिया गया, जो पिछले वित्तीय वर्ष से 25 प्रतिशत अधिक है। इसके मुकाबले विभाग ने 4800 करोड़ रुपए वसूल कर लिए हैं। पिछले वर्षों की अपेक्षा इस साल आयकर विभाग तेजी से रिकवरी कर रहा है। जून से सितंबर तक चली स्वैच्छिक आय घोषणा योजना के तहत सूरत कमिश्नरेट में 2600 करोड़ रुपए का डिस्क्लोजर आया था, जिसमें से करदाताओं ने 400 करोड़ रुपए जमा करा दिए हैं। इसलिए रिकवरी का आंकड़ा बढ़ गया है।

 बताया जा रहा है मार्च के अंत तक टीडीएस में 200 करोड़ रुपए और जमा होंगे। इस तरह वर्तमान वित्तीय वर्ष के आंकड़े तक पहुंचने में सिर्फ 200 करोड़ रुपए शेष रहेंगे। उल्लेखनीय है कि इस साल टीडीएस का कलेक्शन भी अच्छा रहा। पिछले साल इस समय तक टीडीएस के 2047 करोड़ रुपए वसूल किए गए थे। इस साल यह आंकड़ा बढ़कर 2315 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। पिछले साल आयकर विभाग ने 822 करोड़ रुपए रिफंड चुकाया था, जो इस साल 1015 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है।

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