उम्मीद है 40 वर्ष की उम्र तक खेलता रहूंगा : फेडरर

Nikhil Sharma

Publish: Jul, 17 2017 08:27:00 (IST)

Tennis
उम्मीद है 40 वर्ष की उम्र तक खेलता रहूंगा : फेडरर

विंबलडन ग्रैंड स्लेम का आठवीं बार खिताब जीतकर इतिहास रचने वाले स्विटजरलैंड के रोजर फेडरर ने अपने प्रशंसकों को एक बड़ी खुशखबरी दी है। खिताब जीतने के बाद टेनिस दिग्गज रोजर फेडरर ने कहा है कि वह 40 वर्ष की उम्र तक खेल सकते हैं।

लंदन। फेडरर ने क्रोएशिया के मारिन सिलिच को हराकर विंबलडन में रिकार्ड आठवीं बार खिताब जीता है जो उनका कुल 19वां ग्रैंड स्लेम खिताब भी है। कुछ सप्ताह बाद 36 वर्ष के होने जा रहे स्विस मास्टर के इस बयान से जरूर उनके प्रशंसकों को खुशी होगी। 14 वर्ष पहले फेडरर ऑल इंग्लैंड क्लब में खेलने आए थे और अब 35 साल की उम्र में उन्होंने यहां आठवीं बार खिताब जीता है।

11वीं बार विंबलडन फाइनल खेलने वाली पहले खिलाड़ी
वह रिकार्ड 11वीं बार विंबलडन फाइनल खेलने वाले भी पहले टेनिस खिलाड़ी हैं जिन्होंने पहली बार फाइनल में पहुंचे क्रोएशियाई खिलाड़ी को लगातार सेटों में आसानी से हराया। सेंटर कोर्ट पर अपनी जीत के बाद उन्होंने कहा कि उम्र और गत वर्ष चोट के बाद वह यह नहीं कह सकते हैं कि अगले वर्ष अपने खिताब का बचाव करने यहां उतरेंगे या नहीं। लेकिन इतना जरूर है कि वह 40 वर्ष की उम्र तक खेलना चाहते हैं। एेसे में अगर वह अगले वर्ष फिट रहते हैं तो जरूर अपना खिताब बचाने विंबलडन में उतरेंगे।

चोट के कारण बाहर रहे छह महीने
गत वर्ष फेडरर को विंबलडन से बाहर होने के बाद अगले छह महीने चोट के कारण टेनिस से दूर रहना पड़ा था। उन्होंने 2012 के बाद से कोई खिताब नहीं जीता था जिससे पूर्व नंबर एक खिलाड़ी के करियर के अंत के रूप में भी देखा जाने लगा था। लेकिन चोट के बाद जबरदस्त वापसी करने वाले फेडरर ने इस वर्ष ऑस्ट्रेलियन ओपन में खिताब जीता और क्ले कोर्ट सत्र से दूर रहने के बाद अपने पसंदीदा ग्रास कोर्ट पर विंबलडन के रूप में अपना 19वां स्लेम जीत लिया।

उम्मीद नहीं थी दो ग्रैंड स्लेम जीतूंगा
फेडरर ने कहा आपको कुछ समय पहले यह सुनकर हंसी आ जाती कि मैं इस वर्ष दो ग्रैंड स्लेम जीतूंगा। खुद मुझे भी इस बात का विश्वास नहीं है कि मैं दो स्लेम जीत लूंगा। लेकिन यह जीत कमाल की है। मैं नहीं जानता कि और कितने दिनों तक यह लय रहेगी लेकिन मैं खुद को हमेशा याद दिलाता हूं कि स्वास्थ्य ही प्राथमिकता है। यदि मैं ऐसा करूंगा तभी चीजें संभव हो सकेंगी। विश्व के तीसरे नंबर के खिलाड़ी ने वर्ष 2003 में अपना पहला विंबलडन खिताब जीता था। उस समय वह पोनी बनाकर खेला करते थे जबकि मौजूदा समय में फेडरर के हावभाव में उनके खेल जितनी परिपक्वता दिखाई देती है और वह यह खिताब जीतने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी भी बन गए हैं।

पीट सम्प्रास को छोड़ दिया पीछे
फेडरर ने रिकार्ड आठवीं बार विंबलडन जीतने के साथ इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है और इस मामले में पीट सम्प्रास और विलियम रेनशॉ को पीछे छोड़ दिया है जिन्होंने करियर में सात-सात बार यहां खिताब जीते हैं। उन्होंने कहा विंबलडन मेरा हमेशा से पसंदीदा टूर्नामेंट रहा है और आगे भी रहेगा। मेरे हीरो ने भी इस कोर्ट पर खेला है और उन्हीं की वजह से मुझे लगता है कि मैं बेहतर खिलाड़ी बन पाया। मेरे लिए विंबलडन में उनकी वजह से इतिहास बनाना बहुत बड़ी कामयाबी है।

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