फ्रॉड का जख्म : दिल्ली से धोखाधड़ी, तीन शिकायतें पहुंची, कार्रवाई कुछ नहीं

Lalit Saxena

Publish: Dec, 02 2016 12:30:00 (IST)

Ujjain, Madhya Pradesh, India
फ्रॉड का जख्म : दिल्ली से धोखाधड़ी, तीन शिकायतें पहुंची, कार्रवाई कुछ नहीं

चिटफंड कंपनियों के फ्रॉड का जख्म अभी हरा है कि अब दिल्ली के ठगों ने अपना जाल फैला दिया। मोबाइल पर वे लोगों को अलग-अलग फर्म के नाम से फोन लगा प्रलोभन में उलझा रहे हैं।

उज्जैन. चिटफंड कंपनियों के फ्रॉड का जख्म अभी हरा है कि अब दिल्ली के ठगों ने अपना जाल फैला दिया। मोबाइल पर वे लोगों को अलग-अलग फर्म के नाम से फोन लगा प्रलोभन में उलझा रहे हैं। उनसे अकाउंट में रुपए डलवाने के बाद धमकियां तक दी जा रही। लाखों की धोखाधड़ी कर चुके दिल्ली बारह खंबा रोड के ठगों की तीन शिकायतें भी नानाखेड़ा और माधवनगर पुलिस तक पहुंची है, लेकिन कार्रवाई कुछ होती नजर नहीं आ रही। अब पीडि़त स्टेट सायबर से मदद मांगेगे ताकि अपराधी जल्द पकड़े जाएं।

12 लाख का लोन देने का बोल साढ़े चार लाख हड़पे
नानाखेड़ा के जवाहरनगर निवासी बिड़ला हाॉस्पिटल की नर्स हाल ही में साढ़े चार लाख की धोखाधड़ी की शिकार हुई। 12.50 लाख रुपए के लोन के लिए रिलायंस फायनेंस लिमिटेड कंपनी, बारह खंभा रोड दिल्ली के खाते में रुपए जमा किए। आनलाइन लोन का फॉर्म भरा। उक्त मामले में नानाखेड़ा थाना टीआई विवेक गुप्ता को हाल ही में शिकायत कर घटना से अवगत करवाया, लेकिन आश्वासन देकर टाल दिया।




बेरोजगार छात्र को भी नहीं छोड़ा
नानाखेड़ा अभिषेकनगर निवासी स्वप्ननील कोकने को नौकरी डॉट काम के नाम से  दिल्ली के बारह खंबा रोड हेड ऑफिस आशीष चौधरी नामक व्यक्ति ने सप्ताह भर पहले फोन लगाया था। नौकरी दिलवाने के नाम पर रजिस्ट्रेशन शुल्क साढ़े सात हजार रुपए एसबीआई बैंक गाजियाबाद के अकाउंट में डलवाए लिए थे। युवक ने हाल ही में माधवनगर थाना टीआई एमएस परमार को आवेदन दिया।

पहले प्रलोभन फिर धमकाकर डलवाए रुपए
महाकाल वाणिज्य केन्द्र निवासी ग्रहणी से 28 अक्टूबर को पॉल क्रिस नामक व्यक्ति ने फोन पर बात कर प्रलोभन दिया व दिल्ली की कोरियर कंपनी के माध्यम से आईफोन, लैपटॉप सहित अन्य कीमती चीजे देने की बात कही। 1 नवंबर को नेडिंग पारा नामक कोरियर कंपनी ने आईडीबीआई बैंक पर भेज खाते में एक बार में 32 व दूसरी बार में 92 हजार रुपए डलवा लिए गए। 

मैं स्टेट सायबर के पास भोपाल जाने वाली हूं
महाकाल वाणिज्य केन्द्र निवासी गृहणी ने बताया कि सायबर सेल के स्थानीय अधिकारियों से बात हुई थी। उन्होंने स्टेट सायबर के पास जाने को कह दिया। भोपाल बात हुई है। वहां जाकर स्टेट सायबर से मद्द मांगूगी ताकि आरोपी पकड़े जाए।
आनलाइन धोखाधड़ी के मामले में आरोपी अन्य राज्यों के होते हैं। ऐसे में पुलिस अपने स्तर पर प्रयास करती पर स्टेट सायबर के पास संसाधन अधिक होने से केस उन्हें ट्रांसफर करते हैं। हाल ही कुछ मामलों में ऐसा किया है। 
- अमरेन्द्रसिंह, एएसपी

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