ट्रेनों में यह छह चेहरे दिखें तो हो जाना सावधान, नहीं तो गायब हो जाएगा आपका सोना

Rishi Sharma

Publish: Jun, 19 2017 08:12:00 (IST)

Nagda, Madhya Pradesh, India
 ट्रेनों में यह छह चेहरे दिखें तो हो जाना सावधान, नहीं तो गायब हो जाएगा आपका सोना

नागदा जीआरपी ने ट्रेनों में चोरी की करने वाले अंतराज्यीय गिरोह के छह बदमाशों को पकड़ा, 35 तोला सोना जब्त

नागदा। ट्रेनों में चारी की वारदात को अंजाम देने वाले अंतरराज्यीय गरोह के 6 सदस्य से नागदा जीआरपी ने 35 तोला सोना बरामद किया। गिरोह को नागदा जीआरपी गुजरात जीआरपी से प्रोडेक्शन वारंट के तहत नागदा लेकर आई थी। सोमवार को रिमांड अवधि समाप्त होने पर पुलिस ने मीडिया के समक्ष खुलासा किया।  सभी आरोपी मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। आरोपियों ने गुजरात, महाराष्ट्र, उप्र, मप्र में कई स्टेशनों पर वारदात को अंजाम दिया है। मंगलवार नागदा जीआरपी आरोपियों को गुजरात के अहमदाबाद जेल में छोड़ेगी। आरोपियों के पास एक्सप्रेस व सुपरफास्ट ट्रेनों के रिजर्वेशन टिकट भी मिले हैं। आरोपियों ने नागदा व उज्जैन क्षेत्र में तीन वारदात कबूली है।





यह हैं आरोपी  
आरोपी मोहम्मद इस्तियाज पिता मोहम्मद निवासी फूलवाडिया पोस्ट वरोनी, सज्जीत कुमार पिता महेश प्रसाद कहार निवासी गांव चक फरीद थाना मुफसील,  शिवनंदन ठाकुर पिता धनिक ठाकुर निवासी गांव लोहिया थाना मुकशीत लुकशील, सुनील पिता राजसागर सिंह निवासी विहर मोहल्ला चारों जिला बेगूसराय बिहार व शशिकांत पिता कमलेश मिश्रा निवासी गांव गुरुदेव तथा नवीन पिता बालमिकी निवासी गांव शेरपुर दोनों जिला पटना बिहार के हैं। 




बेरोजगारी ने बनाया बदमाश
गिरोह का मुख्य सरगना मोहम्मद इस्तियाज है। मोहम्मद ने शिक्षित बेरोजगारों को तलाशता और उन को गिरोह में शामिल करता था। गिरोह के सदस्य शशिकांत ने बताया कि उसने इतिहास विषय से पढ़ाई की है। सरकारी नौकरी के लिए उसने कई बार आवेदन भी किए, लेकिन कही भी नौकरी नहीं लगी। परिवार की आर्थिक स्थिती कमजोर होने के कारण वह गिरोह में शामिल हो गया। गिरोह के सदस्यों ने अपने परिजनों को बता रखा था कि वे लोग व्यापार करते हैं। इसलिए वे कई बार अन्य राज्यों में आते-जाते हैं। 


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157 टिकट बरामद किए
आरोपियों से पुलिस ने 157 रिजर्वेशन टिकट भी बरामद किए हैं। यह टिकट जुलाई माह तक के हैं। आरोपी विभिन्न ट्रेनों की आगामी तीन माह की रिजर्वेशन टिकट बुक करवा कर ट्रेनों में सफर करते थे। ताकि किसी को शक न हो। सभी अलग-अलग ट्रेन में सफर करते और सफर के दौरान रैकी करते। मध्य रात्रि में रात 1 बजे से 4 बजे के दरमियान वारदात को अंजाम देते। जहां पर भी वारदात करते उसके समीप के ही स्टेशन पर उतर जाते। पुलिस को जो टिकट मिले हैं। उनमें सुपरफास्ट व एक्सप्रेस ट्रेन के हैं। 

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