300 करोड रूपए का घोटाला कर भागने वाली कंपनी का एजेंट चढ़ा पुलिस के हत्थे

Abhishek Gupta

Publish: Jan, 13 2017 10:37:00 (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
300 करोड रूपए का घोटाला कर भागने वाली कंपनी का एजेंट चढ़ा पुलिस के हत्थे

बी केयर लाइफ मल्टीट्रेड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड का एजेंट चढ़ा पुलिस के हत्थे, विगत चार वर्षों से एआरटीओ व पुलिस को दिखा रहा था ठेंगा.

उन्नाव. 300 करोड़ का घोटाला कर के भागी कंपनी बी केयर लाइट मल्टीट्रेड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड का एजेंट पुलिस से बचने के लिए नीली बत्ती की गाड़ी व सरकारी नंबर की सीरीज का नंबर लगा कर शान के साथ चल रहा था। एक दो नहीं पूरे 4 साल से पुलिस व उप संभागीय परिवहन कार्यालय के भ्रष्ट अधिकारियों को ठेंगा दिखाते हुए शान से घूम रहा था। मुखबिर की सूचना पर बिहार थाना पुलिस ने नीली बत्ती लगी सफेद रंग की टाटा सफारी को मय चालक के साथ पकड़ने के लिए घेराबंदी की। जिसकी सफलता पुलिस को मौरावां रोड पर स्थित पांडेपुर मोड़ पर मिली। बिहार पुलिस ने घेरेबंदी कर टाटा सफारी गाड़ी को मय चालक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान अभियुक्त ने रौब दिखाते हुए बचने का प्रयास किया। परंतु पुलिस की पूछताछ से वह टूट गया और जो कुछ उसने कहा उससे पुलिस की बांछे खिल गई।

पुलिस से बचने के लिए टाटा सफारी में नीली बत्ती लगाकर चलता था अभियुक्त

पुलिस की पूछताछ के दौरान पकड़ा गया अभियुक्त वीरभान पुत्र प्रेम शंकर निवासी सरैया कोटवर थाना बिहार जनपद उन्नाव ने बताया कि यह गाड़ी बी केयर लाइव मल्टी ट्रेड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड की है। इस टाटा सफारी गाड़ी का कोई भी रेजिस्ट्रेशन नंबर नहीं है। उसने बताया कि सन् 2012 में वी केयर लाइफ मल्टी स्टेट कंपनी प्राइवेट लिमिटेड 300 करोड़ रुपए का घोटाला करके भाग गई थी। लखनऊ जनपद में कंपनी के विरुद्ध कई मुकदमे दर्ज हुए थे। मुकदमा अपराध संख्या 349/12 से लेकर 349आई/12 तक तथा 88/14 से 88जे/14 तक लखनऊ के विभिन्न थानों पर कंपनी के सदस्यों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कराया गया था।

कंपनी के कई अभियुक्त गिरफ्तार

अपर पुलिस अधीक्षक ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि वीरभान के अनुसार कंपनी के सदस्यों में पुलिस द्वारा मधुमिता कौर, गुरजीत सिंह, प्रेम प्रकाश सिंह, पी सागर उर्फ परमानंद, दिनेश कुमार यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। उसने बताया कि उसके पास टाटा सफारी गाड़ी थी। जिसे वह लेकर चुपचाप अपने गांव चला आया। पुलिस से बचने के लिए टाटा सफारी में नीली बत्ती लगाकर अलग-अलग नंबर से गाड़ी चलाता था। वीरभान के अनुसार कंपनी के विरुद्ध पंजीकृत अभियोगों की विवेचना ईओडब्ल्यू द्वारा की जा रही है। जिससे उसे स्वयं के पकड़े जाने का खतरा था। इसलिए वह नीली बत्ती लगाकर घूमता था।

बिहार थाना में हुआ मुकदमा पंजीकृत

अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अभियुक्त वीरभान के विरुद्ध अवैध असलहा कारतूस व टाटा सफारी पर नीली बत्ती लगाकर चलने, फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर डाल कर धोखाधड़ी करने के संबंध में बिहार थाना में धारा 419/420/467/468 व 3/25 आर्किटेक्ट के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। टाटा सफारी के संबंध में लखनऊ से संपर्क कर कार्रवाई हेतु सूचना भेजी जा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक ने गिरफ्तारी करने वाली टीम के सदस्य थानाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह एसआई रामजीत यादव, उप निरीक्षक विजय बहादुर सिंह, कांस्टेबल शिवबहादुर सिंह, व कांस्टेबल रणजीत सिंह को पुरस्कृत करने की घोषणा की।

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