चुनावी मौसम, मोदी का गढ़ और एक संघ कार्यकर्ता के साथ 24 घंटे 

Awesh Tiwary

Publish: Feb, 17 2017 01:36:00 (IST)

Varanasi, Uttar Pradesh, India
चुनावी मौसम, मोदी का गढ़ और एक संघ कार्यकर्ता के साथ 24 घंटे 

चुनावी मौसम, मोदी का गढ़ और एक संघ कार्यकर्ता के साथ 24 घंटे 

-आवेश तिवारी 
वाराणसी -राजीव मिश्र  संघ यानि आर एस एस के 26 साल के कार्यकर्ता है, बनारस के जैतपुरा मोहल्ले के रहने वाले हैं शहर उत्तरी के मतदाता है।   चुनावी मौसम है तो राजीव की व्यस्तता बेहद ज्यादा है, उन्हें विश्वास है कि भारतीय जनता पार्टी का उम्मीदवार इस बार भारी मतों से चुनाव जीतेगा और क्षेत्र का विकास करेगा।   संघ के पूर्णकालिक कार्यकर्ता राजीव आजकल सुबह पांच बजे उठ जाते हैं।  दैनिक क्रिया से निवृत हो कुछ दोस्तों को फोन करते हैं फिर बेनियाबाग के मैदान पर पहुँच जाते हैं।   जहाँ एक घंटे तक व्यायाम करने के बाद अपने अन्य साथियों के साथ बैठकर पिछले दिन किये गए जनसंपर्क का  ब्यौरा देते हैं और वही पर दैनन्दिनी तय की जाती है।   राजीव बताते हैं कि हम सभी अखबार भी एक साथ मिल बैठकर पढ़ते हैं और उसी वक्त ख़बरों की समीक्षा करके अपने दिन भर के कार्यक्रम को अंतिम रूप देते हैं।   
राजीव मिश्र इस चुनाव में संघ की ओर से सेक्टर प्रभारी भी हैं।  घर पहुंचकर नाश्ता वगैरह करने के बाद वो बूथ प्रभारियों को फोन पर ही अपने अपने क्षेत्र में पहुंचने के आदेश देते हैं।   एक सेक्टर प्रभारी के अधीन 10 बूथ हैं ,राजीव बताते हैं कि 30 घरों पर दो कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाईं गई है।   राजीव बताते हैं कि संघ का कोई भी कार्यकर्ता आम नागरिकों को भाजपा के पक्ष में मतदान करने के लिए नहीं कहता है वो केवल उन्हें बूथ तक जाकर वोट डालने के लिए प्रेरित करता है।   ,संघ के कार्यकर्ता का केवल एक उद्देश्य है कि जैसे भी हो ज्यादा से ज्यादा मतदान हो ,कार्यकर्ताओं को आदेश है कि वो रोज लगभग एक बार उनको दिए गए मोहल्ले में लोगों को वोट डालने के लिए प्रेरित करे।   
अपराहन १२ बजे राजीव मिश्र शहर में निकलते हैं।   मिलने जुलने वालों में उन लोगों को प्राथमिकता दी जाती है जो भाजपा को छोड़कर अन्य किसी दल के हों, मिलने जुलने वालों से संघ के कार्यक्रम और देश प्रदेश की स्थिति के बारे में उनकी राय जानी जाती है साथ ही यह भी जानने की कोशिश की जाती है कि केंद्र में सत्ता में आने के बाद भाजपा का काम काज कैसा रहा है? लोगों को सपरिवार मतदान करने के लिए कहा जाता है।   इस दौरान राजीव अपने बूथ कार्यकर्ताओं के लगातार संपर्क में रहते हैं और उन्हें दिशा निर्देश देते रहते हैं।   अगर किसी बूथ कार्यकर्ता द्वारा किसी मोहल्ले में अतिरिक्त कार्यकर्ताओं की मांग की जाती है तो वहां अतिरिक्त कार्यकर्ताओं को भेजा जाता है ,लगभग 3 घंटे जनसंपर्क करने के बाद राजीव घर लौटते हैं ,फिर दोपहर का भोजन कर विश्राम करते हैं।   
शाम का समय राजीव बूथ कार्यकर्ताओं के साथ बिताते हैं।   मतदाताओं की सूची लेकर बकायदे एक एक नाम पर चर्चा की जाती है कि किनसे  संपर्क किया जा चुका है किनसे नहीं ।  साथ में उन सभी परिवारों को जो भाजपा के प्रबल विरोधी है चिन्हित कर लिया जाता है।   उसके बाद राजीव खुद उन परिवार वालों से मिलने का कार्यक्रम बनाते हैं साथ ही यह भी ढूँढा जाता है किनके माध्यम से भाजपा विरोधी मतदाताओं से संपर्क किया जा सकता है।   रात ८ बजे के आस पास राजीव संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ बिताते हैं दिन भर के घटनाक्रम पर चर्चा होती है और विधानसभावार ,भाजपा की स्थिति की समीक्षा की जाती है । रात 10 बजे राजीव वापस घर पहुँच जाते हैं और फिर पिछले चुनाव में अपने विधानसभा क्षेत्र में आये परिणामों का विश्लेषण कर सो जाते हैं।  
 

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