यूपी में 60 आईएएस सम्पत्ति का ब्यौरा देने में डिफाल्टर, कई लापता 

Varanasi, Uttar Pradesh, India
यूपी में 60 आईएएस सम्पत्ति का ब्यौरा देने में डिफाल्टर, कई लापता 

-संपत्ति का ब्यौरा न देने वालों में प्रदेश के दो पूर्व मुख्य सचिव भी शामिल ,देश के 166 आईएएस डिफाल्टर 

(आवेश तिवारी) वाराणसी। यूपी की नौकरशाही में अफसरों के रवैये को लेकर Patrika.com को बडी जानकारी मिली है। बता दें कि यूपी के 60 आईएएस अफसरों ने एक वर्ष बीत जाने के बावजूद अब तक सरकार को अपनी अचल संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया है। इनमें दो आईएएस आलोक रंजन और जावेद उस्मानी यूपी सरकार में चीफ सेक्रेटरी भी रहे हैं। संपत्ति का ब्यौरा नहीं देने वाले कुछ अफसर कई वर्षों से लापता हैं। कई ऐसे भी हैं जिन्होंने पिछले कुछ वर्षों से अपनी सम्पत्ति का कोई ब्यौरा ही नहीं दिया। जबकि 2015 के लिए इन अफसरों को इस वर्ष 31 जनवरी तक सम्पति का ब्यौरा उपलब्ध कराना था। नीचे पढिए; सबसे ज्यादा ज्यादा डिफाल्टर यूपी...
 
- यूपी में बार-बार आदेश के बावजूद आईएएस अफसर संपत्ति का ब्यौरा देने में आनाकानी कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक ऐसे अफसरों की संख्या 60 के करीब है।
- केन्द्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में कुल 166 अफसर ऐसे हैं, जिन्होंने वर्ष 2015 के लिए अपनी संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया है।
- इनमें सर्वाधिक अफसर यूपी कैडर के हैं। 2014 में देश भर से ब्यौरा नहीं देने वाले 329 अफसरों में अकेले यूपी से 29 अफसर शामिल हैं। 

दिलचस्प है लापता अफसरों की कहानी 
- संपत्ति का ब्यौरा नहीं देने वाले कई आईएएस अफसर लंबे वक्त से लापता हैं। इनमें एक नाम रीता सिंह का है जो 22 अप्रैल 2003 से छुट्टी पर हैं।
- इनकी अनिवार्य सेवानिवृति को लेकर केन्द्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय ने राष्ट्रपति को पिछले वर्ष पत्र भी लिखा था। 
- इनके अलावा संजय भाटिया, अतुल बागई ,संजीव आहलुवालिया नाम के आईएएस अफसरों ने भी लंबे वक्त से अपनी सम्पति का ब्यौरा नहीं दिया है। 
- ये सभी अफसर लापता भी है। आईएएस अनीता श्रीवास्तव, शैलेश कृष्ण, पीवी जगमोहन, संजय भाटिया जैसे कई अफसर हैं, जिन्होंने कई वर्षों का संपत्ति का ब्यौरा उपलब्ध नहीं कराया है। 
- अखिलेश सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले और हाल ही में राजनीति में उतरे आईएएस डॉ.सूर्य प्रताप सिंह ने भी दो वर्षों से अपनी संपत्ति का ब्यौरा विभाग को उपलब्ध नहीं कराया है।

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