करवाचौथ के दिन कुंवारी लड़कियों की ये परेशानी आपको हैरान कर देगी

Varanasi Uttar Pradesh

Publish: Oct, 18 2016 11:48:00 (IST)

Varanasi, Uttar Pradesh, India
करवाचौथ के दिन कुंवारी लड़कियों की ये परेशानी आपको हैरान कर देगी

कुंआरी लड़कियों को करवाचैथ के दिन होती हैं कुछ खास परेशानियां।

वाराणसी. करवाचौथ का दिन विवाहित स्त्रियों का होता है। पत्नियां अपने पति की लम्बी उम्र के लिये व्रत रखती हैं। दिन भर भूखी रहती हैं, इस दौरान उनके दिलो-दिमाग पर केवल पति की लम्बी आयु की प्रार्थना ही रहती है। पर इस दौरान कुंआरी लड़कियां क्या करती हैं। यह एक बड़ा सवाल है जो अक्सर गूगल में सर्च किया जाता है। एक जिज्ञासा है जो तकरीबन लोगों के मन में होती है। इसका जवाब भी हैरान कर देने वाला है। बदलते ट्रेण्ड में ब्वायफ्रेण्ड-गर्लफ्रेण्ड वाली सस्कृति ने करवाचैथ का जैसे नियम ही बदलकर रख दिया है। ऐसी कुआंरी लड़कियां जो किसी के प्रेम में पड़ी होती हैं वह छिपकर उसके लिये व्रत तो रह लेती हैं, पर शाम को चांद के बाद ब्वायफ्रेण्ड को देखकर व्रत तोड़ना पहाड़ काटकर नदी बहाने जैसा होता है। दिन भर उन्हें जो परेशानी होती है वह पत्रिका को खुद एक लड़की ने बताया।



नाम न छापने की शर्त पर बनारस के एक बड़े संस्थान की छात्रा सुमन (बदला हुआ नाम) ने बताया कि उसकी फ्रेण्ड सुनयना (बदला हुआ नाम) इस समस्या से दो चार है। उसका पिछले दो साल से एक ब्वायफ्रेण्ड है और दोनों शादी करना चाहते हैं। पर घरवालों से अभी बताया नहीं है। सुमन ने बताया कि सुनयना ने जब पिछले वर्ष करवचौथ का व्रत रखा तो बड़ा परेशान हुई। सुबह उठते ही कोई चाय नाश्ता न दे दे। इसके लिये सबसे पहले उठी और अपने कमरे में एक खाली कप और प्लेट रख लिया। मम्मी ने पूछा तो कह दिया कि चाय टोस्ट खा लिया। दिन भर असली परेशानी चांद देखने के समय होती है।



करवाचौथ के दिन बवायफ्रेण्ड के लिये ये परेशानी उठाती हैं लड़कियां

- सुबह सबेरे सबसे घर वाले कहीं चाय-नाश्ता न दे दें, इसके लिये पहले उठ जाना और यह दिखाने की कोशिश करना कि चाय टोस्ट खा लिया।

- ब्रेकफास्ट को मना करना बड़ी परेशानी। ऐसे में कॉलेज जाते समय कुछ खाने के बजाय टिफिन ले जाना।

- कॉलेज में लड़कियां भी आपस में यह पता लगाने की कोशिश करती हैं कि कौन किसके लिये व्रत है। इससे पता चलता है कि किसका ब्वायफ्रेण्ड है और किसका नहीं।

- कॉलेज में करवाचौथ के दिन किसी ने खाने को दिया तो उससे इनकार कैसे करें।

- शाम को घर आने के बाद कहीं कोई ये न पूछ दे कि मुंह सूखा हुआ क्यों है, लंच नहीं किया क्या।

- भाभियां तैयार हों तो, खुद की भी उमंगों का कुलांचे भरना

- छत पर चांद देखने कैसे जाएं, राज खुलने का डर। इसके लिये जब घर के लोग चांद देख लेते हैं और अकेला हो जाता है तब काफी देर बाद व्रत तोड़ना पड़ता है।

- असली परेशानी तो चांद देखने के बाद आती है। चांद देखने के बाद जिसके लिये व्रत रखा है उसका चेहरा देखना होता है। पर कुंआरी लड़की चांद को तो अपने घर से देख सकती है, लेकिन ब्वायफ्रेण्ड को देखना, यानि की कयामत का आना।

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