जानिए मनोज तिवारी की कहानी, जब योगी आदित्यनाथ ने दी थी पटखनी 

Varanasi, Uttar Pradesh, India
जानिए मनोज तिवारी की कहानी, जब योगी आदित्यनाथ ने दी थी पटखनी 

 मनोज तिवारी से जुड़ी कुछ खास बातें...और विवाद...

वाराणसी. भारतीय जनता पार्टी ने सांसद मनोज तिवारी को प्रदेश बीजेपी का अध्यक्ष बना दिया गया है। सथ ही बिहार में नित्यानंद राय को पार्टी की कमान सौंपी है। बता दें कि 2009 में मनोज तिवारी ने समाजवादी पार्टी से राजनीति में अपना भविष्य आज़माया था किन्तु असफल रहे थे। जानिए मनोज तिवारी से जुड़ी ऐसी ही कुछ खास बातें।

सिंगर-एक्टर
सबको अपनी आवाज का दिवाना बनाने वाले भोजपुरी गायक मनोज तिवारी का जन्म 1 फरवरी 1973 में बिहार के अतवरलिया में हुआ। इनके पिता का नाम चंद्र तिवारी और मां ललतिता देवी है। मनोज तिवारी का उपनाम मृदुल है। वाराणसी से अपनी शिक्षा (बीएचयू) पूरी करने वाले मनोज ने सिगिंग की शुरूआत भी बनारस के शीतला घाट व महावीर मंदिर से की। खाने में लिट्टी-चोखा पंसद करने वाले मनोज की पहली फिल्म ससुरा बड़ा पैसा वाला है। बता दें कि फिल्मों में काम करने से पहले लगभग दस साल तक मनोज ने गायन के क्षेत्र में काम किया था। यह फिल्म सफल साबित हुई माना जाने लगा की भोजपुरी फिल्मों का नया मोड़ शुरू हो चुका है। इसके बाद मनोज की दो और फिल्में 'दारोगा बाबू आई लव यू' और 'बंधन टूटे ना' रिलीज हुईं।

फेमस फिल्म
ससुरा बड़ा पैसा वाला, दारोगा बाबू आई लव यू, बंधन टूटे ना, कब अइबू अंगनवा हमार, ऐ भऊजी के सिस्टर, औरत खिलौना नहीं। साथ ही बतौर निर्देशक मनोज ने 2010 में हिन्दी फिल्म 'हैलो डार्लिंग' में कार्य किया है। इसके अलावा तिवारी नें भोजपुरी फिल्मों के गानो में संगीतकर और गीतकार की भूमिका भी निभाई है। मनोज तिवारी ने छोटे पर्दे पर निम्नवत कार्य किया गया है। बिग बॉस सीजन-4, सन 2010 में (प्रतिभागी), सुर संगम सीजन-1 और सीजन-2 (होस्ट), नहले पे दहला(होस्ट), भारत की शान -संगीत प्रतियोगिता(होस्ट), चक दे बच्चे(होस्ट), वैलकम-बाज़ी मेहमान नवाजी की, सन 2013 में(प्रतिभागी)

पत्नी से अलगाव
मनोज तिवारी की जिंदगी में उस टाइम नया मोड़ आया जब वह प्रतिभागी के रूप में रियलिटी शो 'बीग बॉस'-4 में हिस्सा लिया। उन दिनों श्वेता तिवारी से इनके प्रेम-प्रंसग के चर्चों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। मनोज तिवारी और श्वेता तिवारी 'कब अइबू अंगनवा हमार' और 'ए भौजी के सिस्टर' नामक फिल्मों में साथ-साथ कार्य कर चुके हैं। इसके बाद 2011 में मनोज और उनकी पत्नी रानी में अलगाव हो गया। मनोज तिवारी ने नयी धुनें, गाने और अल्बम बनाना जारी रखा। इसके बाद अनुराग कश्यप द्वारा निर्देशित फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' के लिए एक लोकप्रिय गीत 'जिय हो बिहार के लाला' भी गाया। साथ ही मनोज  बाबा रामदेव द्वारा रामलीला मैदान पर शुरू किए गए भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन और अन्ना आंदोलन में सक्रिय रहे। बीजेपी की तरफ से राजनीति में सक्रिय हैं और उतर-पूर्वी दिल्ली से संसद सदस्य हैं। 
पॉलिटिकल कैरियर
जब योगी आदित्यनाथ से चुनाव हार गए थे मनोज
2009 में मनोज तिवारी ने समाजवादी पार्टी  से राजनीति में अपना भविष्य आज़माया था किन्तु असफल रहे थे। दरअसल सन 2009 में मनोज तिवारी ने गोरखपुर लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र से 15वीं लोकसभा चुनाव में बतौर समाजवादी पार्टी उम्मीदवार हिस्सा लिया किन्तु भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार योगी आदित्यनाथ से चुनाव हार गए। इसके बाद मनोज तिवारी अगस्त महीने में अन्ना हज़ारे द्वारा शुरू किए गए भ्रष्टाचार विरोधी अभियान में भी सक्रिय रहे। इसके बाद 2014 में आम चुनावों में मनोज तिवारी उत्तर पूर्वी दिल्ली लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार घोषित किए गए और चुनाव जीत गए । गौरतलब है कि मनोज तिवारी क्रिकेट के समर्थक हैं और इन्होंने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय की ओर से खेला भी है। क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए तिवारी ने अपने क्षेत्र में इंडियन प्रीमियर लीग में अपनी टोली बनाने की भी कोशिश की। साथ ही बिहार क्रिकेट की कीर्ति आजाद एसोसिएशन से भी सम्बद्ध रहे हैं।

विवादों से नाता
बिग-बॉस सीजन-4 में मनोज व श्वेता के रिलेशनशिप की चर्चोंओं ने खूब सुर्खियां बटोरी। साथ ही आमिर खान के असहिष्णु बयान पर गद्दार कह दिया था, बाद में नेता मनोज तिवारी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अभिनेता के बारे में कुछ नहीं कहा। 


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