नोटबंदी में बर्बाद हो रही बनारस वालों की रसोई 

Varanasi, Uttar Pradesh, India
नोटबंदी में बर्बाद हो रही बनारस वालों की रसोई 

-प्रधानमन्त्री मोदी की संसदीय सीट में महंगाई ने तोडा रिकार्ड, आटा 26 रूपए किलो 

वाराणसी: प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी की संसदीय सीट वाराणसी में नोटबंदी की वजह से अनाजो की कीमत में जबरदस्त उछाल आया है शुक्रवार को बनारस के बाजार में आटा 26 रूपए किलो बिक रहा था जो कि नोटबंदी के पहले 21 रूपए किलो था,वही चावल का दाम भी 20 फीसदी तक बढ़ गया है वाराणसी की मंडी में दलहन ,तिलहन से लेकर रसोई की सभी जरुरी वस्तुओं और खाद्य पदार्थों की कीमत में जमकर तेजी आई है स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि नोटबंदी के फैसले के दिन चीनी की कीमत 3800 रुयये प्रति क्विंटल थी, जो फिलहाल 4100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिक रही है 
 वहीं सामान्य मसूरी चावल की कीमत 2200 प्रति क्विंटल बिक रहा था जो अब बढ़कर 2500 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बाजार में बिक रहा है दरअसल अनाज के दामों में यह तेजी मांग और पूर्ति के बीच भारी अंतर से आई है  ग्राह्क कम है इसलिए थोक व्यापारी  ज्यादा से ज्यादा कीमत पर बेचकर मुनाफ़ा कमाने की कोशिश कर रहे हैं
  

शुक्रवार को बनारस की मंडी में बासमती चावल की कीमत 7500 रूपए थी जो कि नोटबंदी से पहले  6200 से 6400  रुपये प्रतिक्विंटल बेचीं जा रही थी , वहीं दालअरहर की दाल की कीमत 110 रुपये से बढ़कर 120 रुपये प्रति किलो हो गई  है
 गेहूं की कीमत में 500 रुपये प्रति क्विंटल उछाल है और अब यह 2300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बाजार में बिक रहा है वहीं  उड़द दाल 110 रुपये किलो की जगह 130 रुपये किलो की दर से बिक रहा है अनाज मंडी  में आई इस तेजी के पीछे नगदी की कमी बताई जा रही है द
 रअसल न नया अनाज मंडी में आ रहा है न ही मंडी से बिक रहा है ,जिससे व्यापारियों में त्राहि त्राहि मची हुई है 
 

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