नगर निगम के लिए चुनौती होगा स्वच्छता सर्वेक्षण, जनता के साथ की दरकार

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नगर निगम के लिए चुनौती होगा स्वच्छता सर्वेक्षण, जनता के साथ की दरकार

कूड़ेदान होने के बाद भी सड़क पर बिखरा कूड़ा

वाराणसी. इस समय देश के 500 शहरों में स्वच्छता सर्वेक्षण चल रहा है। सर्वेक्षण में सभी शहर अधिक से अधिक नंबर लेकर अच्छी रैंक हासिल करने में लगे हुए हैं। इसी क्रम में पीएम नरेन्द्र मोदी की काशी भी देश के 10 सबसे अधिक साफ शहरों में शुमार होने में लगी हुई है। नगर निगम प्रशासन स्वच्छता सर्वेक्षण के मद्देनजर अपनी तैयारियों में जोरो-शोर से लगा हुआ है। टॉप- 10 में आने के लिए नगर निगम शहर में दिन व रात दो समय सफाई कराने के साथ ही जगह-जगह कूड़ेदान रखने और यूनिरल व शौचालय बनवाने का काम भी कर रहा है। इसके अलावा लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। देश के 10 स्वच्छ शहरों में आने के लिए नगर निगम अपने स्तर से हर उपाय कर रहा है, इसके बावजूद भी नगर निगम के स्वच्छता सर्वेक्षण एक चुनौती है। नगर निगम को अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए जनता के साथ की सख्त दरकार है। 


स्वच्छता सर्वेक्षण में कुल 2000 नंबर में हर शहर का मूल्यांकन किया जाएगा। इसमें शहर के स्व मूल्यांकन में 900 नंबर, संस्था की ओर से होने वाले निरीक्षण में 500 और जनता की प्रतिक्रिया पर 600 नंबर हैं। ऐसे में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर से जनता के हाथ में कुल 1400 अंक हैं, क्योंकि जनता के फीडबैक के अतिरिक्त जो 500 नंबर सर्वेक्षण टीम के हाथ में हैं, वह शहर के सफाई व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण पर आधारित है। इसलिए स्वच्छता सर्वेक्षण में जनता की भागीदारी बढ़ जाती है क्योंकि स्थलीय निरीक्षण में शहर की सफाई पर ही नंबर मिलेंगे। शहर को साफ रखने में नगर निगम को जनता के सहयोग की आवश्यकता है। 


नगर निगम के सामने चुनौती
नगर निगम प्रशासन स्वच्छता सर्वेक्षण में अधिक से अधिक अंक प्राप्त करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। लेकिन बिना जनता के सहयोग से यह सम्भव नहीं हो पाएगा। शहर की सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर निगम की ओर से कूड़ेदान रखे गये है, दो समय सफाई कराई जा रही है और कूड़ा उठान कराया जा रहा है लेकिन इसके बाद भी कई जगह कूड़ा लगा रहता है। कुछ लोग कूड़ेदान होने के बाद भी सड़क पर कूड़ा फेंक रहे हैं। वहीं कुछ ऐसे लोग भी हैं, जो कूड़ेदान तक जाते हैं फिर भी कूड़ा उसमें न डालकर उसे बाहर ही फेंक देते हैं। 


जनता मेें जागरूकता की कमी
नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही ने बताया कि स्वच्छता को लेकर जनता पहले से जागरूक हुई है, लेकिन अभी और जागरूकता की आवश्यकता है। ऐसे कई मामले सामने आये हैं कि लोग कूड़ेदान होने के बाद भी सड़क पर या सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंक रहे हैं। नगर आयुक्त ने बताया कि जनता को जागरूक करने के लिए कई कार्यक्रम व अभियान चलाए जा रहे हैं, इसका असर जल्द ही दिखने लगेगा। 

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