विजय मिश्रा को बसपा में लाकर मायावती का पूर्वांचल का सियासी समीकरण बदलने की कोशिश

Varanasi, Uttar Pradesh, India
 विजय मिश्रा को बसपा में लाकर मायावती का पूर्वांचल का सियासी समीकरण बदलने की कोशिश

विजय मिश्रा अखिलेश यादव के करीबी और यूपी के धर्मार्थ कार्य राज्यमन्त्री हैं।

गाजीपुर. यूपी की गाजीपुर सदर सीट से विधायक विजय मिश्रा ने भी अखिलेश यादव का साथ छोड़ दिया है। वह अखिलेश यादव  के बेहद करीबी माने जाते थे। पर मुलायम अखिलेश की लड़ाई के बाद उन्होंने विजय मिश्रा को दरकिनार कर दिया। सदर सीट से अखिलेश ने विजय मिश्रा का टिकट काटकर वहां से जिलाध्यक्ष राजेश कुशवाहा को टिकट दे दिया। इसके बाद से ही माना जा रहा था कि विजय मिश्रा बगावत कर सकते हैं। उनके सपा छोड़ने के साथ ही गाजीपुर की राजनीति और खासतौर से सदर सीट पर समीकरण बुरी तरह से प्रभावित होता बताया जाने लगा है। चर्चा है कि उनके सपा में जाने का रास्ता मोख्तार अंसारी, नारद राय, अम्बिका चैधरी ने बसपा में उनका रास्ता साफ किया।



मायावती ने विजय मिश्रा को बसपा ऐसे समय में ज्वाइन करायी है जब सभी दलों का चुनाव प्रचार पूर्वांचल पहुंच गया है। अखिलेश यादव फतेहपुर में रैली कर चुके तो अमित शाह ने कौशाम्बी और प्रतापगढ़ में रैली की है। ऐसे समय में मायावती का सपा के नेता और वह भी अखिलेश के करीबी कहे जाने वाले नेता विजय मिश्रा को बसपा ज्वाइन कराना उनकी रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है।



SP leader Vijay Mishra join BSP
लखनऊ में बसपा ज्वाइन करने के बाद



मायावती ने इसके पहले समाजवादी पार्टी के पूर्वांचल के बड़े नेताओं को बसपा में जगह दी है। इसकी शुरुआत सपा से नाराज बलिया के दिग्गज अम्बिका चैधरी से की। उसेक बाद बाहुबल मोख्तार अंसारी भाइयों को उनकी पार्टी समेत बहुजन के बेड़े में शामिल कर उन्हें तीन टिकट भी दे दिया। सिलसिला यहीं नहीं रुका और बलिया के ही सपा के दिग्गज नेता नारद राय को भी सतीश चन्द्र मिश्रा ने बहुजन रथ पर सवार कर टिकट दे दिया। उसके बाद अब विजय मिश्रा ने भी बसपा का दामन थाम लिया।

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