आज बन रहे हैं ये शुभ योग, इन उपायों से उठाएं लाभ

Sunil Sharma

Publish: Apr, 14 2017 09:13:00 (IST)

Worship
आज बन रहे हैं ये शुभ योग, इन उपायों से उठाएं लाभ

तृतीया जया संज्ञक तिथि सायं 5.14 तक, तदन्तर चतुर्थी रिक्ता संज्ञक तिथि प्रारम्भ हो जाएगी

तृतीया जया संज्ञक तिथि सायं 5.14 तक, तदन्तर चतुर्थी रिक्ता संज्ञक तिथि प्रारम्भ हो जाएगी। तृतीया तिथि में संगीत, नृत्य कला शिक्षा, सीमन्त कर्म, अन्नप्राशन, चित्रकारी और द्वितीया में कथित समस्त कार्य करने योग्य हैं पर चतुर्थी तिथि में शुभ व मांगलिक कार्य शुभ नहीं है।

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नक्षत्र:
विशाखा 'मिश्र व अधोमुख' संज्ञक नक्षत्र पूर्वाह्न 10.46 तक, तदन्तर अनुराधा 'मृदु व तिर्यंकमुख' संज्ञक नक्षत्र है। विशाखा नक्षत्र में पदार्थ संग्रह, अलंकार, कारीगरी, चित्रकारी व प्रहार आदि विषयक कार्य सिद्ध होते हैं। अनुराधा नक्षत्र में विवाह, जनेऊ, यात्रा, सवारी, घर व अलंकारादिक कार्य शुभ होते हैं।

योग: सिद्धि नामक नैसर्गिक शुभ योग प्रात: 10.07 तक, तदुपरान्त व्यतिपात नामक अत्यंत बाधाकारक नैसर्गिक अशुभ योग है। व्यतिपात योग में समस्त शुभ व मांगलिक कार्य सर्वथा वर्जित हैं। विशिष्ट योग: प्रात: 10.46 से सायं 5.24 तक राजयोग नामक शुभ योग है। राजयोग में समस्त धार्मिक व मांगलिक कार्य शुभ व सिद्ध होते हैं। करण: भद्रा संज्ञक विष्टि नामकरण सायं 5.24 तक, तदुपरान्त बवादि करण हैं। भद्रा में यथासंभव शुभ कार्य टाल देने चाहिए।

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शुभ विक्रम संवत् :
2074
संवत्सर का नाम : साधारण
शाके संवत् : 1939
हिजरी सन् : 1438
अयन : उत्तरायण
ऋतु : बसन्त
मास : वैशाख। पक्ष - कृष्ण।

शुभ मुहूर्त : उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार आज अनुराधा नक्षत्र में विवाह का (भद्रा, व्यतिपात व मृत्युबाण दोषयुक्त) तथा उपनयन, गृहारम्भ और गृह प्रवेश आदि के अति आवश्यकता में (भद्रा व व्यतिपात दोषयुक्त) अशुद्ध मुहूर्त है।

श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज सूर्योदय से पूर्वाह्न 10.52 तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत, दोपहर 12.27 से दोपहर बाद 2.02 तक शुभ तथा सायं 5.12 से सूर्यास्त तक चर के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर 12.02 से दोपहर 12.52 तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं।

व्रतोत्सव: आज संकष्ट चतुर्थी व्रत (चंद्रोदय रात्रि 9.35 पर जयपुर में), डॉ. अम्बेडकर जयंती, गुड फ्राइडे तथा मेषादि (बंगाल में)। संक्रान्ति पुण्यकाल आज पूर्वाह्न में तथा मीन का मलमास समाप्त है। दिशाशूल: शुक्रवार को पश्चिम दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। पर आज वृश्चिक राशि के चन्द्रमा का वास उत्तर दिशा की यात्रा में सम्मुख होगा। यात्रा में सम्मुख चन्द्रमा धनलाभ कराने वाला व शुभ माना गया है।

चन्द्रमा: चन्द्रमा सम्पूर्ण दिवारात्रि वृश्चिक राशि में रहेगा। ग्रह राशि-नक्षत्र परिवर्तन: गुरु हस्त के चतुर्थ चरण में, दोपहर बाद 1.46 से, राहु मघा के द्वितीय व केतु धनिष्ठा के चौथे चरण में प्रवेश प्रात: 10.39 पर। राहुकाल: प्रात: 10.30 से दोपहर 12.00 तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारंभ यथासम्भव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे
आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (तो,न,नी,नू) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। इन जातकों की जन्म राशि वृश्चिक तथा ताम्रपाद से जन्म है। सामान्यत: ये जातक विद्वान, विशाल हृदयी, दानी पर धन के पूर्णत: सुख से वंचित, सुंदर, व्यसनप्रिय, विद्या, कला व काम धंधे में निपुण, साहसी पर कुछ अस्थिर मनोवृत्ति वाले होते हैं। इनका भग्योदय लगभग 39 वर्ष की आयु तक होता है। वृश्चिक राशि वाले जातकों को आज अपना कार्य सावधानी से करना चाहिए। किसी प्रकार के अपयश से बचकर चलें।

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