इन कामों के लिए लकी रहेगा आज का दिन

Sunil Sharma

Publish: May, 14 2017 09:55:00 (IST)

Worship
इन कामों के लिए लकी रहेगा आज का दिन

तृतीया जया संज्ञक तिथि प्रात: 10.18 तक, उसके बाद चतुर्थी रिक्ता तिथि रहेगी

तृतीया जया संज्ञक तिथि प्रात: 10.18 तक, उसके बाद चतुर्थी रिक्ता तिथि रहेगी। तृतीया तिथि में गीत-संगीत-नृत्य-कलादि, शिक्षा, अन्नप्राशन, सीमन्त कर्म, चित्रकारी और द्वितीया तिथि में कथित समस्त शुभ व मांगलिक कार्य शुभ होते हैं।

शुभ वि.सं.: 2074, संवत्सर नाम : साधारण, अयन: उत्तरायण, शाके: 1939, हिजरी: 1438, मु.मास: सावान-17, ऋतु: ग्रीष्म, मास: ज्येष्ठ, पक्ष: कृष्ण।

नक्षत्र: मूल 'तीक्ष्ण व अधोमुख' संज्ञक नक्षत्र रात्रि 2.08 तक, तदुपरान्त पूर्वाषाढ़ा 'उग्र व अधोमुख' संज्ञक नक्षत्र है। मूल नक्षत्र में यथा आवश्यक वन-बाग, कुआं-बावड़ी बनवाना, कृषि, पुंसवन, जलपूजन, यज्ञोपवीत, वास्तु शांति, बीजवपन, हलप्रवहण, द्विरागमन, वधू-प्रवेश व विवाहादि कार्य करने योग्य हैं।
विशिष्ट योग: सूर्योदय से रात्रि 2.08 तक सर्वार्थसिद्धि नामक शुभ योग है।

भद्रा : सूर्योदय से प्रात: 10.18 तक भद्रा है। पाताल लोक की भद्रा लाभप्रद मानी गई है।
ग्रह राशि-नक्षत्र परिवर्तन : सूर्यदेव रात्रि 10.57 पर वृष राशि में प्रवेश करेंगे। वृष की संक्रान्ति 30 मुहूर्ता है। पुण्यकाल सायं 4.33 से प्रारम्भ है। रात्रि 2.05 से महापात है।

वारकृत्य कार्य : रविवार को सामान्यत: संगीत वाद्यादि शिक्षा, नौकरी, पशु खरीदी, हवन, वाद-विवाद, न्यायिक परामर्श व नवीन पद ग्रहण आदि कार्य शुभ व सिद्ध होते हैं।
दिशाशूल : रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। चन्द्र स्थिति के अनुसार आज पूर्व दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद है।

श्रेष्ठ चौघडि़ए
आज प्रात: 7.24 से दोपहर 12.23 तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत तथा दोपहर बाद 2.03 से अपराह्न 3.41 तक शुभ के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर 11.56 से दोपहर 12.49 तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं।

राहुकाल
सायं 4.30 बजे से सायं 6.00 बजे तक राहुकाल वेला में शुभ कार्यारंभ यथासंभव वर्जित रखना हितकर है।

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned