आज है भगवान परशुराम जयंती, किया था 21 बार क्षत्रियों का नाश

Sunil Sharma

Publish: Apr, 28 2017 12:53:00 (IST)

Worship
आज है भगवान परशुराम जयंती, किया था 21 बार क्षत्रियों का नाश

भगवान परशुराम स्वयं विष्णु के अवतार थे

भगवान परशुराम युवाओं के लिए सच्चे मार्गदर्शक साबित हो सकते हैं। भगवान परशुराम स्वयं विष्णु के अवतार थे। इसलिए स्वयं शक्ति संपन्न थे, लेकिन जिस उद्देश्य से उनका अवतरण हुआ था, उस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए उन्होंने कठिन तप और पुरुषार्थ किया।

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परशुराम ने तपस्या के द्वारा अनेक शक्तियां प्राप्त की। जिनमें भगवान शिव की तपस्या से प्राप्त परशु अस्त्र प्रमुख है, जिसके प्राप्त होने पर ही उनका नाम राम से परशुराम हो गया। इस तथ्य में भी युवाओं को संदेश यही है कि ऐसे सद्कर्म और पुरुषार्थ करें कि उनसे मिले सुफल आपको प्रतिष्ठित कर दें। भगवान परशुराम के गुरु स्वयं संहार और सृजन के देवता भगवान शिव थे।

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युवा परशुराम भगवान शिव की घोर तपस्या और सेवा से अनेक अस्त्र-शस्त्र पाए और विद्याओं का प्रयोग कर उन्होंने अनाचारी क्षत्रियों का 21 बार अंत कर पृथ्वी को अत्याचारों से मुक्त किया। भगवान परशुराम द्वारा प्राप्त यह अलग-अलग अस्त्र और विद्या युवाओं को संदेश देते है कि आप लक्ष्य से संबंधित हर विधा में दक्षता हासिल करें। अपने मन और मस्तिष्क को खुला रखकर यथासंभव अधिक से अधिक सीखने की कोशिश करें। खुद को किसी सीमा में न बांधे।  परशुरामजी की तरह आदर्श शिष्य बनने की प्रतिबद्धता रखें।

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